khatu shyam baba

UP में बीसी सखियों ने बनाया नया रिकॉर्ड: 45 हजार करोड़ का वित्तीय लेनदेन, 120 करोड़ कमीशन

वेबदुनिया न्यूज डेस्क
सोमवार, 16 मार्च 2026 (19:37 IST)
योगी सरकार में प्रदेश के गांवों की तस्वीर तेजी से बदल रही है। राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के जरिए ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की मुहिम ने बड़ा असर दिखाया है। बीसी सखी योजना के माध्यम से गांव-गांव तक बैंकिंग सेवाएं पहुंच रहीं हैं और 40 हजार से ज्यादा महिलाएं आत्मनिर्भर बनकर अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत कर रहीं हैं।
 
प्रदेश में पहली बार योगी सरकार के कार्यकाल में ग्रामीण बैंकिंग को इतनी रफ्तार मिली है। बीसी सखियां गांवों में बैंकिंग प्रतिनिधि के रूप में काम करते हुए खातों में पैसे जमा-निकासी, आधार आधारित लेनदेन और सरकारी योजनाओं का भुगतान जैसी सेवाएं लोगों तक पहुंचा रहीं हैं। इससे ग्रामीणों को बैंक जाने की परेशानी कम हुई है और महिलाओं के लिए सम्मानजनक रोजगार का रास्ता भी खुला है।
 
प्रदेश की बीसी सखियां अब तेजी से वित्तीय लेनदेन को बढ़ावा दे रहीं हैं। यह आंकड़ा जल्द ही 50 हजार करोड़ रुपये के करीब पहुंचने की ओर अग्रसर है। ग्रामीण महिलाएं अब तक लगभग 45 हजार करोड़ रुपए का वित्तीय लेनदेन कर चुकीं हैं। इसके अंतर्गत उन्हें लगभग 120 करोड़ का कमीशन मिला है। कई बीसी सखियां हर महीने 40 से 50 हजार रुपये तक कमीशन भी अर्जित कर रहीं हैं, जिससे ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति में सुधार देखने को मिल रहा है।
 
उद्यमिता और बैंकिंग के जरिए अलग पहचान बना रहीं महिलाएं
राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की मिशन निदेशक दीपा रंजन ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर आजीविका मिशन के माध्यम से अब तक एक करोड़ से अधिक महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ा गया है। स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं अब उद्यमिता, बैंकिंग और विभिन्न स्वरोजगार गतिविधियों के जरिए अपनी अलग पहचान बना रहीं हैं।
50 हजार से अधिक बीसी सखियों को प्रशिक्षण
राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के संयुक्त मिशन निदेशक जनमेजय शुक्ला के अनुसार प्रदेश में अब तक 50,225 बीसी सखियों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है, जिनमें से करीब 40 हजार महिलाएं सक्रिय रूप से कार्यरत हैं और ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध करा रहीं हैं।
 
बीसी सखियों के जरिए होने वाले लेनदेन में प्रयागराज अव्वल
बीसी सखियों के जरिए होने वाले लेनदेन के मामले में प्रयागराज जिला प्रदेश में पहले स्थान पर है, जहां 1030 बीसी सखियां सक्रिय हैं। इसके बाद बरेली में 890 और शाहजहांपुर में 813 बीसी सखियां कार्य कर रहीं हैं।
 
योजना का दायरा और बढ़ाने की तैयारी
बीसी सखी मॉडल ने गांवों में वित्तीय समावेशन को मजबूत करने के साथ-साथ महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक नई मिसाल पेश की है। आने वाले समय में इस योजना का दायरा और बढ़ाने की तैयारी है, जिससे प्रदेश के और अधिक गांवों में आर्थिक बदलाव की रफ्तार तेज होगी। Edited by : Sudhir Sharma

सम्बंधित जानकारी

Show comments

जरूर पढ़ें

Trump vs NATO : कागजी शेर है नाटो, ईरान युद्ध में साथ न देने पर डोनाल्ड ट्रंप का हमला, कहा- बिना अमेरिका कुछ नहीं

TMC manifesto : 10 प्रतिज्ञाओं' के साथ चुनाव मैदान में 'दीदी', ममता बनर्जी ने जारी किया टीएमसी का घोषणा-पत्र, BJP पर साजिश का आरोप

IRIS Dena हमले के बाद भारत के खिलाफ साजिश! Pakistan ने चलाया झूठा अभियान, OSINT रिपोर्ट में बड़ा खुलासा

58 गंदे वीडियो, 100 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति, तं‍त्र-मंत्र के नाम पर दरिंदगी का खेल, पढ़िए ज्योतिषी भोंदू बाबा की क्राइम स्टोरी

MP Ladli Laxmi Yojana : बेटी के जन्म पर मिलेंगे 1.43 लाख रुपए, ऐसे करें आवेदन, जानिए पात्रता, दस्तावेज और पूरी प्रक्रिया

सभी देखें

नवीनतम

मालदीव में बड़ा हादसा: स्पीडबोट पलटने से रैली ड्राइवर हरि सिंह लापता, गौतम सिंघानिया घायल

ईरान का डिएगो गार्सिया पर मिसाइल हमला, अमेरिका के लिए क्यों जरूरी है यह एयरबेस?

LIVE: जापान को बड़ी राहत, स्ट्रेट ऑफ हार्मुज से गुजरेंगे तेल के जहाज

21 मार्च की टॉप खबरें: डिएगो गार्सिया पर ईरान का मिसाइल अटैक, ट्रंप युद्ध पर कन्फ्यूज, भारत में ईद का जश्न

तेल सकंट के बाद Digital Blackout का खतरा, हॉर्मुज स्ट्रेट में ईरान के समुद्री माइन्स बिछाने से क्यों खौफ में दुनिया, जानिए क्या होगा असर

अगला लेख