rashifal-2026

वसंत पंचमी कब है? जानिए शुभ मुहूर्त, श्रेष्ठ संयोग और सरस्वती मंत्र

Webdunia
त्रिदेवियों में से एक माता सरस्वती की पूजा वसंत पंचमी के दिन होती है। वसंत पंचमी के दिन को इनके जन्मोत्सव के रूप में भी मनाते हैं। देवी सरस्वती का वर्ण श्‍वेत है।  वसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती की विधि-विधान से पूजा करने वालों को विद्या और बुद्धि का वरदान मिलता है।
 
 
बसंत पंचमी 2022 कब है : बसंत पंचमी 5 फरवरी शनिवार को है। यह पंचमी हिन्दू माह अनुसार माघ माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी को मनाई जाती है। इस दिन माता सरस्वती की पूजा होती है। इसी दिन से भारत में वसंत ऋतु का आरम्भ होता है। बसंत पंचमी की पूजा पूर्वाह्न में की जाती है।
 
पूजा मुहूर्त : प्रात: 07:07:19 बजे से दोपहर 12:35:19 तक।
 
अभिजीत मुहूर्त : सुबह 11:50 से दोपहर 12:34 तक।
 
अमृत काल : सुबह : 11:19 से दोपहर 12:55 तक।
 
श्रेष्ठ संयोग : उत्तराभाद्रपद के दौरान सिद्ध योग, साध्य योग और रवि योग।
 
दिशा शूल : पूर्व
 
माता सरस्वती का मंत्र : 
 
मां सरस्वती मंत्र : ओम ऐं ह्रीं क्लीं महासरस्वती देव्यै नमः।
 
सरस्वती गायत्री मंत्र : 'ॐ वागदैव्यै च विद्महे कामराजाय धीमहि। तन्नो देवी प्रचोदयात्‌। '

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

ज़रूर पढ़ें

जानिए 3 रहस्यमयी बातें: कब से हो रही है शुरू गुप्त नवरात्रि और इसका महत्व

खरमास समाप्त, मांगलिक कार्य प्रारंभ, जानिए विवाह और वाहन खरीदी के शुभ मुहूर्त

मनचाहा फल पाने के लिए गुप्त नवरात्रि में करें ये 5 अचूक उपाय, हर बाधा होगी दूर

हिंदू नववर्ष पर प्रारंभ हो रहा है रौद्र संवत्सर, 5 बातों को लेकर रहे सावधान

सावधान! सच होने वाली है भविष्यवाणी, शनि के कारण कई देशों का बदलने वाला है भूगोल, भयानक होगा युद्ध?

सभी देखें

धर्म संसार

18 January Birthday: आपको 18 जनवरी, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 18 जनवरी 2026: रविवार का पंचांग और शुभ समय

Gupt Navratri: गुप्त नवरात्रि में मां कालिका की यह साधना क्यों मानी जाती है खास? जानिए रहस्य

19 to 25 January 2026 Weekly Horoscope: साप्ताहिक राशिफल, जानें 12 राशियों का करियर, धन, प्रेम और स्वास्थ्य

Mauni Amavasya 2026: मौनी अमावस्या पर गंगा में ही क्यों किया जाता है स्नान? जानिए धार्मिक कारण और महत्व

अगला लेख