Hanuman Chalisa

क्या AAP ने बांटे ‘जादुई कंबल’, मिलते ही चलने लगा दिव्यांग, जानिए वायरल वीडियो का सच...

Webdunia
गुरुवार, 6 फ़रवरी 2020 (13:31 IST)
दिल्ली में विधानसभा चुनाव 8 फरवरी को हाने वाले हैं। इससे पहले सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि आम आदमी पार्टी (आप) ने दिव्यांगों को ‘जादुई कंबल’ बांटा है, जिसको पाते ही दिव्यांग चलना शुरू कर देते हैं! दरअसल, ये बताने की कोशिश की गई है कि आप पार्टी प्रोपगंडा फैलाने के लिए लोगों को दिव्यांग बताकर कंबल बांटने का दिखावा कर रही है। वायरल वीडियो में व्हील चेयर पर बैठे दिव्यांग को कंबल मिलने के बाद उठकर चलते हुआ देखा जा सकता है।
 
क्या है वायरल-
 
वीडियो को शेयर करते हुए Speak Truth ट्विटर अकाउंट से लिखा गया- “AAP प्रचार वीडियो। विकलांगों को कंबल वितरित किए जा रहे हैं। ‘फिल्म’ का निर्देशक ‘कट’ कहना भूल गया और व्यक्ति ने चलना शुरू कर दिया है। जादुई कंबल।”
 
इस वीडियो को फेसबुक पर भी जमकर शेयर किया जा रहा है।
 
कई यूजर्स ने इसे भाजपा और कांग्रेस का बताकर भी शेयर किया है।

<

भाजपा नेता प्रचार प्रसार में इतने विलीन हैं कि परफेक्ट टाइम पर कैमरा ऑफ करना भूल जाते हैं
मित्रो,
कंबल मिलने के बाद दिव्यांग अपने पैरों पर चलने लगा pic.twitter.com/tRxHZjFBCU

— Shenaz Irani (@shenaz_irani) January 31, 2020 >

<

कांग्रेसी नेता कंबल बांटते हुए #कंबल मिलने के बाद #दिव्यांग अपने #पैरों पर #चलनें लगा pic.twitter.com/4ONlgBrezT

— संजय गुप्ता FB (@SanjayGupta____) January 26, 2020 >
 
क्या है सच-
 
वीडियो में एक बैनर पर ‘डिजिटल साक्षरता संस्थान, कंबल वितरण समरोह’ लिखा हुआ है, तो हमने डिजिटल साक्षरता संस्थान को इंटरनेट पर सर्च किया, तो हमें उसका ट्विटर अकाउंट मिला। दरअसल, डिजिटल साक्षरता संस्थान, उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के सिहोरा का एक एनजीओ है, जो रवि सैनी नामक व्यक्ति द्वारा संचालित है।
 
इस एनजीओ ने ट्विटर पर एक लोकल न्यूज चैनल ‘अभी तक’ का वीडियो शेयर किया है, जिसमें वायरल ‘जादुई कंबल’ का सच बताया गया है। एनजीओ ने कुछ दिन पहले आंशिक और पूर्ण विकलांगता वाले लोगों को कंबल वितरित किए थे।
 
इस वीडियो में दिव्यांग व्यक्ति रमेश सिंह ने बताया कि वह 40 प्रतिशत लोकोमोटर विकलांगता से पीड़ित हैं और उनके पास भारत सरकार की ओर से दिया गया विकलांगता प्रमाण पत्र भी है। उन्होंने बताया कि वे एनजीओ के सदस्यों के कहने पर ही कंबल वितरण के समय व्हीलचेयर पर बैठे थे।
 
एनजीओ संचालक सैनी ने भी वीडियो को सही बताया और आप या किसी भी राजनीतिक पार्टी से जुड़े होने की बात को गलत ठहराया है।
 
हालांकि, रवि सैनी के ट्विटर हेडर फोटो में कई भाजपा नेताओं की तस्वीर है और प्रोफाइल फोटो में वे केंद्रीय मंत्री रवि शंकर प्रसाद के साथ नजर आ रहे हैं। लेकिन इससे ये नहीं कहा जा सकता है कि ये इवेंट भाजपा का प्रोपगंडा है।
 
वेबदुनिया की पड़ताल में पाया गया है कि वीडियो में व्हील चेयर पर बैठा शख्स दिव्यांग ही है। ये इवेंट किसी राजनीतिक पार्टी नहीं बल्कि उत्तर प्रदेश के एक एनजीओ द्वारा आयोजित किया गया था।

सम्बंधित जानकारी

Show comments

जरूर पढ़ें

जब तक जवाबदेही तय नहीं होगी, असल समस्या हल नहीं होगी, NEET paper leak पर सुप्रीम कोर्ट सख्त

भारत में इलेक्ट्रिक स्कूटी की कीमत कैसे तय होती है, खरीदते समय किन बातों का रखें ध्यान? कीमत के अलावा ये फैक्टर्स भी हैं बेहद जरूरी

रूस-तालिबान डिफेंस डील से उड़े पाकिस्तान के होश, भारत के लिए क्या हैं इसके कूटनीतिक मायने?

ईरान का दावा- 'बुशहर में गिराया अमेरिकी विमान', भड़का अमेरिका; क्या खटाई में पड़ेगा 60 दिनों का युद्धविराम?

राहुल गांधी ने बिछाई 2029 की बिसात: क्‍या कांग्रेस अब ‘हाईकमान मॉडल’ छोड़ क्षेत्रीय चेहरों पर लगाएगी दांव?

सभी देखें

नवीनतम

बिहार में बंगले पर बवाल, राबड़ी बोलीं- बुला लो फोर्स नहीं करेंगे बंगला खाली

विकसित उत्तराखंड की ओर बढ़ते मजबूत कदम : धामी

गोवा स्थापना दिवस पर PM मोदी ने दीं शुभकामनाएं, बताया 'विकसित भारत' का अहम हिस्सा

यूपी के बिजली उपभोक्ताओं को तगड़ा झटका! जून से 10% महंगा होगा बिजली का बिल

गाजियाबाद के खोड़ा में सूर्या चौहान हत्याकांड पर बवाल, बकरीद पर मुस्लिम दोस्तों ने ली जान

अगला लेख