Share Market 2025 : 2024 में भारतीय शेयर बाजार ने निवेशकों के जितना रिटर्न दिया 2025 उतना ही निराशाजनक रहा। इस वर्ष विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजारों से जमकर निकासी की। हालांकि घरेलू निवेशकों ने बाजार को संभालने में पूरा जोर लगा दिया। नतीजतन इंडेक्स तो गिरने के बाद फिर संभल गए लेकिन निवेशकों को भारी नुकसान हुआ। कई लार्ज कैप कंपनियों ने सेंसेक्स और निफ्टी का मजबूती से साथ दिया लेकिन उतार चढ़ाव के इस खेल में स्मॉल कैप और मिडकैप कंपनियों के शेयरों का हाल बेहाल हो गया। इंडेक्सों की भी बात करें तो सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही अपने ऑल टाइम हाई के करीब पहुंचे लेकिन उसे ब्रेक करने में विफल रहे।
क्यों दबाव में दिखे बाजार : अमेरिका में राष्ट्रपति पद पर डोनाल्ड ट्रंप की ताजपोशी के बाद से ही भारतीय शेयर बाजार से विदेशी निवेशकों की बिकवाली शुरू हो गई। यह पूरे वर्ष जारी रही। ट्रंप ने ट्रेड वॉर शुरू कर दिया। भारत को रूस से दोस्ती की वजह से 25 फीसदी अतिरिक्त टैरिफ देना पड़ा। दुनिया भर में जारी युद्धों ने स्थिति को और बिगाड़ने का काम किया। पिछले कई वर्षों से बाजार में तेजी का माहौल बना हुआ था इस वजह से कई कंपनियों के शेयर ओवर वैल्यूड हो गए। डॉलर के मुकाबले रुपए 90 रुपए पार हो गया। कमजोर होते रुपए ने भी शेयरों निवेशकों की दिलचस्पी को कम किया।
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FPI ने बाजार से 1.58 लाख करोड़ निकाले : विदेशी निवेशकों ने 2025 में 28 दिसंबर तक 1.58 लाख करोड़ रुपए की निकासी की। विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों की ओर से भारतीय शेयरों से निकाली गई यह अब तक की सबसे बड़ी राशि है। इस वजह से भारतीय शेयर बाजार पूरे वर्ष दबाव में रहे। सबसे ज्यादा निकासी आईटी सेक्टर और वित्तीय सेवाओं में की गई। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, ट्रंप टैरिफ, वैश्विक अनिश्चितता, रुपए की कमजोरी, भारतीय कंपनियों के शेयरों का ओवर वैल्यूड होना इसकी वजह बना। उम्मीद की जा रही है कि 2026 में यह रुझान बदल सकता है।
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2025 में कैसा रहा सेंसेक्स : 2025 में सेंसेक्स में भारी उतार चढ़ाव रहा। 1 जनवरी को सेंसेक्स 78507 पर था जनवरी 27 को यह गिरकर 75366 तक पहुंच गया। 7 अप्रैल को यह वर्ष के सबसे निचले स्तर 73138 पर था। इसके बाद इंडक्स सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ा। तेज रफ्तार पकड़ते हुए इसने 9 मई को 79454 का आंकड़ा छुंआ। 27 जून को यह 84059 पर पहुंच गया। बाजार में इसके बाद करेक्शन हुआ और 8 अगस्त तक यह गिरकर 79858 तक आ गया। 21 अगस्त तक सेंसेक्स 82,000 तक पहुंचा। बाजार ने एक बार फिर तेज रफ्तार पकड़ी और 28 नवंबर को यह वर्ष के अपने शीर्ष स्तर 85707 पर था। दिसंबर अंत में बाजार एक बार फिर 85,000 के नीचे पहुंच गया।
निफ्टी की चाल ने भी किया निराश : 2026 में निफ्टी ने भी निवेशकों को निराश ही किया। एक और चांदी और सोना निवेशकों को जबरदस्त रिटर्न दे रहे थे वहीं निफ्टी पूरे वर्ष अपने शीर्ष स्तर पर पहुंचने के लिए संघर्ष करते दिखी। जनवरी के पहले दिन जो निफ्टी 25860 पर थी, फरवरी में 22829 तक आ गई। 12 मई को इसने 24925 का स्तर छुआं और 20 जून को 25517 तक पहुंची। दिसंबर में यह 26,186 के स्तर तक पहुंची लेकिन 26,277 के स्तर को पार करने में विफल रही। हालांकि 26,000 से नीचे आने में इसने देर नहीं की।
IPO ने जुटाए 1.95 लाख करोड़ : 2025 में आईपीओ की चमक बरकरार रही। इस वर्ष 373 कंपनियों ने आईपीओ के माध्यम से 1.95 लाख करोड़ रुपए जुटाए। लेंसकार्ट, फिजिक्सवाला, मीशू और ग्रो के आईपीओ को निवेशकों का जबरदस्त प्रतिसाद मिला। हालांकि 47 फीसदी आईपीओ अपने इश्यू प्राइस से नीचे ट्रेंड कर रहे हैं। 2026 कंपनियां आईपीओ के माध्यम से 2.50 लाख करोड़ जुटाने की तैयारी में है।
2026 में कैसी रहेगी चाल : बाजार विशेषज्ञ सागर अग्रवाल को 2026 में शेयर बाजार से ज्यादा उम्मीद नहीं है। उन्होंने कहा कि बाजार फिलहाल बजट का वेट कर रहा है। उसमें फिलहाल ना तेजी है ना मंदी। सभी शॉर्टटर्म गोल के लिए ही काम कर रहे हैं। अधिकांश शेयर अपने ऑलटाइम हाई से 30 प्रतिशत तक नीचे हैं। इससे आने वाले समय में हम बड़ा डीप देख सकते हैं। उन्होंने कहा कि FII पैसा निकाल रहे हैं, रुपया ऑलटाइम हाई पर है। यह सब नकारात्मक संकेत हैं। फिलहाल बाजार में जो भी हलचल है वह DII की वजह है। बाजार को म्युचुअल फंड्स चला रहे हैं।
बाजार विशेषज्ञ योगेश बागौरा ने कहा कि 2026 में भी बाजार रेंजबाउंड रह सकता है। उनका कहना है कि जनवरी में बाजार में गिरावट जारी रहेगी। हालांकि निफ्टी यह 25,000 से 25,500 की रेंज में रहेगा। फरवरी से अप्रैल तक इसकी दिशा सकारात्मक रहने की संभावना है। इसके बाद मुनाफावसूली का दौर शुरू हो सकता है। जून जुलाई में एक बार फिर इसकी दिशा बदलेगी। दीपावली तक यह ऑलटाइम हाई के करीब पहुंच सकता है।
क्या है नोमुरा की चेतावनी : ब्रोकरेज फर्म नोमुरा ने 2026 में 3 तरह के शेयरों से दूरी बनाकर रखने की चेतावनी दी है। उसका कहना है कि अधिकतर नैरेटिव स्टॉक्स इस समय बेहद ऊंचे वैल्यूएशन पर हैं। ऐसे में इन्हें खरीदना एक बड़ी गलती हो सकती है। अब इन स्टॉक्स में आगे तेजी की संभावना बहुत सीमित हो सकती है। अगर ये कंपनियां उम्मीद से कम प्रदर्शन करती है, तो इनमें बड़ी गिरावट आ सकती है। लेकिन अगर कंपनी उम्मीद से थोड़ा भी बेहतर करती है, तो इनके शेयर प्राइस में फिर से तेज उछाल भी आ सकता है।
ब्रोकरेज ने निवेशकों को उन कंपनियों को ध्यान से चुनने की सलाह दी है, जिनका बिजनेस सरकारी सपोर्ट पर टिका है। इनमें ऐसे सेक्टर्स जहां सरकार टैक्स, ड्यूटी या इंसेंटिव के जरिए बड़ा रोल निभाती है। उसने 2026 में निवेशकों को थोड़ा एक्सपोजर उन कंपनियों में रखने की सलाह दी है जिनका कारोबार विदेशी बाजारों से जुड़ा है। हालांकि नोमुरा ने 2026 में मौजूदा स्तरों से लगभग 12% की तेजी का अनुमान लगाया है।
क्या कहती है कोटक की यह रिपोर्ट : कोटक सिक्योरिटीज ने 'मार्केट आउटलुक 2026' नाम से एक रिपोर्ट जारी की है। इसमें कहा गया है कि 2025 का साल भारतीय शेयर बाजारों के लिए रिटर्न के मामले में काफी फीका रहा। पिछले 12 से 15 महीनों में निफ्टी ने कोई बड़ी तेजी नहीं दिखाई और बाजार लगभग फ्लैट रहा। इस दौरान भारत ने कई विकसित और इमर्जिंग देशों की तुलना में कमजोर प्रदर्शन किया।
रिपोर्ट में कहा गया कि पिछले एक साल के रिटर्न के बताते हैं कि निवेशकों को कुछ खास फायदा नहीं हुआ है। सबसे बड़ी चिंता की बात है कि विदेशी निवेशक यानी FPI लगातार भारतीय बाजार से पैसे निकाल रहे हैं। लेकिन एक अच्छी बात यह भी है कि घरेलू निवेशकों से बाजार को लगातार सपोर्ट मिल रहा है। चाहे म्यूचुअल फंड्स हों या बीमा कंपनियां, घरेलू संस्थागत निवेशकों ने बाजार में अच्छी खरीदारी जारी रखी है और रिटेल निवेशकों की दिलचस्पी भी बनी रही है।
बदलाव की तैयारी : भारतीय शेयर और प्रतिभूति बाजार को अधिक पारदर्शी, सरल और सशक्त बनाने के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शीतकालीन सत्र में लोकसभा में प्रतिभूति बाजार संहिता विधेयक-2025 पेश किया। साथ ही उन्होंने इसे विस्तृत चर्चा और जांच के लिए संसद की स्थायी समिति के पास भेजने का प्रस्ताव भी रखा। 2026 में अगर यह बिल पास हो जाता है तो शेयर बाजार में बड़े बदलाव दिखाई देंगे।
अस्वीकरण : यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से है। यह कोई निवेश सलाह नहीं है। किसी भी निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर लें।