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क्या सच में फिर से होने वाला है ऑपरेशन सिंदूर प्रारंभ, क्या कहती है भविष्यवाणी

WD Feature Desk
मंगलवार, 6 जनवरी 2026 (16:28 IST)
Operation Sindoor 2.0: ऑपरेशन सिंदूर 6-7 मई 2025 की रात को हुआ था, जो 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के जवाब में भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा पाकिस्तान और पीओके में आतंकवादी ठिकानों पर किया गया एक सैन्य अभियान था। इस ऑपरेशन के माध्यम से दुनिया ने भारत की शक्ति को देखा और पास्तिान घुटनों के बल आ गया। जिसके बाद 10 मई 2025 को संघर्षविराम पर सहमति बनी। लेकिन भविष्यवक्ता आशंका इस साल जून से अक्टूबर के बीच फिर से शुरु हो सकता है- ऑपरेशन सिंदूर।
 
क्या कहती है भविष्यवाणी?
महायुद्ध की आहट और भारत की शक्ति: मंगल का मकर राशि में प्रवेश और शनि की वक्री चाल एक 'महादंगल' की ओर इशारा कर रही है। ज्योतिषियों का अनुमान है कि 2026 में भारत एक बड़े युद्ध का हिस्सा बन सकता है, जो 2027 के अंत तक खिंच सकता है। हालांकि, मंगल के गोचर के कारण भारत की सैन्य शक्ति थल, नभ और जल तीनों मोर्चों पर अजेय रहेगी। शत्रुओं की तमाम साजिशों के बावजूद भारत की वैश्विक शक्ति और प्रतिष्ठा में वृद्धि निश्चित है।
 
मंगल मचाएगा दंगल: 
भारत की कुंडली में इस वक्त मंगल मंगल की महादशा शुरू हुई है, जिसमें मंगल की ही अंतर्दशा 12 सितंबर 2025 से 9 फरवरी 2026 तक रहेगी। यदि इस दौरान पाकिस्तान कुछ बड़ी गलती करता है तो भारत का पराक्रम दुनिया देखेगी। भयानक युद्ध होगा जो पाकिस्तान के वजूद को खतरे में डाल देगा। भारत को इस बार कोई शक्ति रोक नहीं पाएगी क्योंकि मंगल देश के प्रमुख की कुंडली में भी मजबूत स्थिति में गोचर कर रहा है। 
 
6 जनवरी 2026 को धनु से निकलकर मंगल मकर में गोचर करेगा। इसके बाद वह कुंभ, मीन, मेष, मिथुन, कर्क और सिंह में गोचर करेंगे। इस गोचर के चलते भारत के खिलाफ कोई भी शक्ति सफल नहीं हो पाएगी। वर्ष 2026 में भारत एक बड़े युद्ध में जा सकता है। यदि ऐसा होता है तो 28 दिसंबर 2027 तक यह युद्ध चल सकता है। वर्ष 2026 में एक ओर जहां सीमाओं पर संघर्ष बढ़ेगा वहीं प्रकृतिक आपदा, भूकंप और खद्यान संकट से दुनिया परेशान रहेगी।
 
12 जुलाई से 15 अगस्त के बीच का समय भयंकर रहने वाला है जबकि गुरु, चंद्र और सूर्य यानी यह तीनों ग्रह कर्क राशि में होंगे। यानी 15 से 12 अगस्त के बीच यह इसी राशि में रहेंगे। इस युति के बाद भारत के लिहाज से स्थितियों में सुधार होगा लेकिन विनाश के बाद। गुरु, चंद्र और सुर्य तीनों ग्रहों का पुष्य नक्षत्र में जा रहे हैं जोकि शनि का नक्षत्र है। यह शनि का नक्षत्र है। शनि और पुष्य दोनों ही न्याय के ग्रह नक्षत्र हैं जो तीनों ग्रहों के साथ जुडकर अलग-अलग कहानी लिखने का काम करेंगे। सूर्य के साथ आग और चंद्र के साथ जल प्रलय की उत्पत्ति करेंगे। यह विध्वंस के बाद सृजन की नींव भी रखेंगे। यह मीन राशि का शनि जुलाई और अगस्त 2026 के माह में अपनी पूर्ण विनाश लिया का सृजन करेगा। ऐसा ग्रह योग संकेत देते हैं। 
 
वर्तमान में विक्रम संवत 2082 के अंतर्गत कालयुक्त सिद्धार्थ संवत्सर चल रहा है। इस संवत्सर के फलानुसार भारत में और दुनिया में युद्ध और आतंकवाद की घटनाओं के दर्शन होंगे, जो एक बड़े युद्ध की भूमिका तय करेंगे। सिद्धार्थ संवत्सर के बाद विक्रम संवत 2083 जब प्रारंभ होगा तब शुरू होगा रौद्र नाम संवत्सर प्रारंभ होगा। 19 मार्च 2026 से रौद्र नाम संवत्सर प्रारंभ होगा। यानी विक्रम संवत 2083 से प्रारंभ होगा रौद्र संवत्सर। यह देश और दुनिया में नरसंहार लेकर आएगा। मध्य एशिया में नरसंहार जारी है और अब यह दक्षिण एशिया में भी देखा जाएगा। 
 
ऑपरेशन सिंदूर 2025 और सीजफायर:
22 अप्रैल को कश्मीर के पहलगाम में हुए हमले के बाद भारत ने 'ऑपरेशन सिंदूर' शुरू किया। 7 मई को, भारत ने पाकिस्तान के 9 से अधिक आतंकवादी अड्डों पर हमला करके उन्हें पूरी तरह से नष्ट कर दिया। इसके जवाब में, 8 मई की रात को पाकिस्तान ने 500 से ज़्यादा ड्रोन्स का इस्तेमाल करके भारत के 15 शहरों पर हमला किया, लेकिन भारत ने इस हमले को सफलतापूर्वक नाकाम कर दिया। इसके बाद, भारत ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान में भारी तबाही मचाई, जिसमें उनके 11 एयर डिफेंस सिस्टम, 2 एयरबेस और 9 फाइटर जेट्स नष्ट हो गए। भारत की इस कार्रवाई से पाकिस्तान घबरा गया और घुटनों के बल आ गया। 
 
पाकिस्तान इस आक्रमक कार्रवाई से बचने का रास्ता खोज रहा था और वह अपनी फरियाद लेकर अमेरिका के पास बार-बार गया था। वाशिंगटन में बैठे पाकिस्तानी राजनयिकों और डिफेंस अटैची ने ऑपरेशन सिंदूर की शुरुआत से लेकर सीजफायर के लागू होने तक, अमेरिकी सरकार और वहां के सांसदों के साथ 60 से अधिक बार बैठकें। कुल 66 अमेरिकी सरकार के अधिकारियों, सांसदों और मीडिया से अमेरिकी हस्तक्षेप की मांग की और भारत के सैन्य अभियान को किसी तरह रोकने की मांग की। अंत में 10 मई को पाकिस्तान के डीजीओ ने भारत से युद्ध रोकने की गुहार लगाई तब भारत ने सीजफायर का ऐलान कर दिया।
 
भारत की चेतावनी:
राजस्थान के अनूपगढ़ में भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने पाकिस्तान को जबरदस्‍त चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि इस बार हम ऑपरेशन सिंदूर 1.0 जैसा संयम नहीं रखेंगे। इस बार हम कुछ ऐसा करेंगे, जिससे पाकिस्तान को सोचना पड़ेगा कि वह नक्शे पर रहना चाहता है या नहीं। इससे पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि सर क्रीक सेक्टर में किसी भी तरह की हरकत का भारत की ओर से निर्णायक जवाब होगा जो इतिहास और भूगोल दोनों बदल सकता है। इसे पहले सीएएस चीफ अनिल चौहान ने कहा था कि एटम बम जब चलेगा तो पाकिस्तान का वजूद मिट जाएगा।
 
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