rashifal-2026

शुक्र प्रदोष पर करें ये 5 कार्य, शिवजी के साथ माता लक्ष्मी का मिलेगा आशीर्वाद

WD Feature Desk
शुक्रवार, 30 जनवरी 2026 (11:15 IST)
Friday Pradosh Vrat: शुक्र प्रदोष व्रत हिंदू धर्म में अत्यंत पुण्यदायी और फलदायी व्रत माना जाता है। यह व्रत प्रत्येक माह की त्रयोदशी तिथि को शुक्रवार के दिन पड़ने पर मनाया जाता है। इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती के साथ-साथ माता लक्ष्मी की विशेष कृपा प्राप्त होती है। शुक्र प्रदोष व्रत भगवान शिव और माता लक्ष्मी दोनों की कृपा पाने के लिए एक अत्यंत शुभ संयोग माना जाता है। जब प्रदोष व्रत शुक्रवार के दिन पड़ता है, तो यह 'शुक्र प्रदोष' कहलाता है, जो सुख, समृद्धि और सौभाग्य का वरदान देता है।ALSO READ: फरवरी 2026 में 3 राशियों के अटके कार्य होंगे पूर्ण, धन लाभ के योग
 
  1. पंचामृत से अभिषेक
  2. सफेद वस्तुओं का दान
  3. बेलपत्र पर चंदन का लेप
  4. कमल गट्टे या खीर का भोग
  5. श्री सूक्त का पाठ
  6. पूजन संबंधी खास टिप्स
 

शिवजी और लक्ष्मी जी का संयुक्त आशीर्वाद पाने के लिए आप ये 5 विशेष कार्य कर सकते हैं:

 

1. पंचामृत से अभिषेक

प्रदोष काल (सूर्यास्त के समय) में भगवान शिव का पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद और शक्कर) से अभिषेक करें।
 
लाभ: इससे जीवन के कष्ट दूर होते हैं और परिवार में शांति आती है।
 

2. सफेद वस्तुओं का दान

शुक्रवार का दिन शुक्र ग्रह और माता लक्ष्मी से संबंधित है। इस दिन सफेद खाद्य पदार्थ जैसे चावल, दूध, दही या सफेद मिठाई का दान किसी जरूरतमंद को करें।
 
लाभ: इससे कुंडली में शुक्र की स्थिति मजबूत होती है और धन के आगमन के रास्ते खुलते हैं।
 

3. बेलपत्र पर चंदन का लेप

11 या 21 बेलपत्र लें और उन पर सफेद चंदन से 'ॐ नमः शिवाय' लिखें। इन्हें शिवलिंग पर अर्पित करें।
 
विशेष: बेलपत्र चढ़ाते समय माता लक्ष्मी का ध्यान करें, क्योंकि बेल के वृक्ष में लक्ष्मी जी का वास माना जाता है।
 

4. कमल गट्टे या खीर का भोग

माता लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए शाम के समय उन्हें मखाने की खीर या मिश्री का भोग लगाएं। यदि संभव हो, तो शिव मंदिर में घी का दीपक जलाएं जिसमें एक चुटकी अक्षत (चावल) डाल दें।
 
लाभ: यह उपाय आर्थिक तंगी को दूर करने में सहायक माना जाता है।
 

5. 'श्री सूक्त' का पाठ

शिवलिंग के पास बैठकर श्री सूक्त या लक्ष्मी चालीसा का पाठ करें। शिव मंत्रों के साथ लक्ष्मी जी की स्तुति करने से 'महादेव और लक्ष्मी जी की कृपा प्राप्त होती है और घर में वैभव बढ़ता है।
 

पूजन संबंधी खास टिप्स

प्रदोष के दिन सूर्यास्त से लगभग 45 मिनट पहले और 45 मिनट बाद का समय 'प्रदोष काल' होता है। इसी समय पूजा करना सबसे फलदायी है।

 
अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।ALSO READ: Magh Purnima 2026: माघ पूर्णिमा पर समृद्धि और शांति पाने के 7 उपाय
 

सम्बंधित जानकारी

Show comments

ज़रूर पढ़ें

23 अप्रैल को खुलेंगे बद्रीनाथ धाम के कपाट, पिछले वर्ष के मुकाबले 11 दिन पहले होंगे दर्शन

Numerology Horoscope: साप्ताहिक अंक राशिफल: 26 जनवरी से 1 फरवरी, 2026, नए अवसरों और सफलता का समय

शंकराचार्य विवाद: क्या है पूरा मामला? जानिए वजह और पृष्ठभूमि

Holi: बरसाना में गड़ा होली का डांडा, ब्रज में शुरू हुआ 40 दिनों का रंग और प्रेम उत्सव

कौन था मायावी कालनेमि? योगी आदित्यनाथ के बयान के बाद क्यों छिड़ी है सनातन पर नई बहस?

सभी देखें

नवीनतम

Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (30 जनवरी, 2026)

30 January Birthday: आपको 30 जनवरी, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 30 जनवरी 2026: शुक्रवार का पंचांग और शुभ समय

Magh Purnima 2026: माघ पूर्णिमा पर समृद्धि और शांति पाने के 7 उपाय

फरवरी 2026 में 3 राशियों के अटके कार्य होंगे पूर्ण, धन लाभ के योग

अगला लेख