Nostradamus prophecy about Iran: वर्तमान में ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के मद्देनजर एक बार फिर से नास्त्रेदमस की भविष्यवाणी चर्चा में है। मिशेल डी नास्त्रेदमस ने अपनी प्रसिद्ध पुस्तक 'लेस प्रोफेटीज' (1555) में ईरान (जिसे उस समय फारस या 'पर्शिया' कहा जाता था) और मध्य पूर्व के भविष्य के बारे में कई रहस्यमयी भविष्यवाणियाँ की हैं। चूंकि नास्त्रेदमस की भविष्यवाणियाँ प्रतीकात्मक और जटिल कविता (क्वाट्रेन) के रूप में हैं, इसलिए विशेषज्ञ उनकी व्याख्या वर्तमान स्थितियों के अनुसार करते हैं। ईरान के संदर्भ में मुख्य रूप से निम्नलिखित बातें सामने आती हैं।
1. समुद्र में महाशक्तियों का टकराव?
नास्त्रेदमस ने एक ऐसी घटना का वर्णन किया है जहाँ समुद्र में "बड़े बेड़े" (Massive Fleets) के बीच टकराव होगा। वर्तमान में, इसे ईरान और अमेरिका/इजरायल के बीच लाल सागर (Red Sea) या फारस की खाड़ी में होने वाले तनाव से जोड़कर देखा जा रहा है। उनकी एक भविष्यवाणी के अनुसार, एक उकसावे वाली कार्रवाई के कारण महाशक्ति भड़क जाएगी और "लाल सागर में खून बहेगा।"
नास्त्रेदमस के अनुसार एक उकसावे वाली कार्रवाई के चलते महाशक्ति भड़क जाएगी और लाल सागर में खून बहेगा। नास्त्रेदमस की एक कविता में "सात महीने के महान युद्ध" का जिक्र है। नास्त्रेदमस की भविष्यवाणी में सात जहाजों के बीच घातक नौसैनिक युद्ध का भी संकेत मिलता है। वर्तमान में अरब सागर में ऐसी स्थिति बन रही है। कई लोग इसे दक्षिण चीन सागर से जोड़कर देख रहे हैं, जहां चीन, ताइवान, फिलीपींस, वियतनाम जैसे देशों के बीच पहले से तनाव है। चलिए जानते हैं कि नास्त्रेदमस ने ईरान के बारे में क्या लिखा है।
2. तीसरे विश्व युद्ध का संकेत?
ईरान भड़काएगे युद्ध की आग: विशेषज्ञों का मानना है कि नास्त्रेदमस ने जिस तीसरे विश्व युद्ध (WWIII) की चेतावनी दी है, उसकी चिंगारी मध्य पूर्व (ईरान और उसके पड़ोसी देश) से सुलग सकती है।
27 साल का युद्ध: नास्त्रेदमस ने एक 'एंटी-क्राइस्ट' (Antichrist) के उदय और 27 वर्षों तक चलने वाले विनाशकारी युद्ध का जिक्र किया है।
ईरान-इजरायल तनाव: हाल के वर्षों (2024-2026) में ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते सीधे टकराव को कई लोग नास्त्रेदमस की उन पंक्तियों से जोड़ते हैं जिनमें "आसमान से आग बरसने" और "महान शक्तियों के पतन" की बात कही गई है।
3. ईरान मचाएगा तबाही?
- 'मेष के प्रभाव में तीसरी किस्म की जलवायु आएगी, एशिया का राजा मिस्र का भी सम्राट बनेगा। युद्ध, मौतें, नुकसान और ईसाइयों की शर्म के हालात बनेंगे।- (3/77 सेंचुरी)।
- ईरानवासी एक अरब मुखिया दक्षणि पूर्वी स्पेन पर काबू पा लेगा। शनि और मंगल सिंह राशि में होंगे तब स्पेन हाथ से जाता रहेगा। फ्रांसीसी हार ही जाएंगे। फिर पूर्वी हमलावर यूरोप पर भारी बमबारी करेगा। इटली को ही ये लोग प्रमुख अड्डा बनाएंगे। यूरोप कीटाणु हमले का शिकार होगा। (।।।-64, v-14, ।v-48)...फिर होगा स्विट्जरलैंड पर हमला। वहां के बैंकों का खजाना लूटा जाएगा। स्विस सेना कुछ न कर पाएगी। (v-85, ।-x-44, ।।-83).
- नास्त्रेदमस के अनुसार, "पश्चिम की रोशनी फीकी पड़ जाएगी" और पूर्व (एशिया) की शक्तियों का उदय होगा। लंदन में गिरेगी आसमान से महान आग। स्विट्जरलैंड का तिचीनो (टिसिनो) शहर खून से भर जाएगा।
- नास्त्रेदमस की एक भविष्यवाणी में "मधुमक्खियों के बड़े झुंड" का उल्लेख है जो रात में घात लगाकर हमला करेंगे। आधुनिक संदर्भ में इसे किलर ड्रोन (Drone Swarms) या एआई पावर्ड हथियारों से जोड़कर देखा जा रहा है, जो युद्ध का तरीका पूरी तरह बदल देंगे।
4. मुस्लिम और ईसाई धर्म के बीच होगा भयानक युद्ध?
दुनिया के मशहूर भविष्यवाणी विशेषज्ञ जॉन होग ने नोस्ट्राडेमस की भविष्यवाणियों का 30 सालों तक अध्ययन किया है, और उन्होंने शायद ही कभी इतने साफ संकेत और चेतावनियां देखी हों कि आने वाला युद्ध बहुत करीब है। दशक के मध्य में नास्त्रेदमस की भविष्यवाणी में फारस की खाड़ी और होर्मुज जलडमरूमध्य में भविष्य में होने वाली नौसैनिक झड़पों का वर्णन है।
नास्त्रेदमस ने अपनी गणनाओं के लिए ज्योतिष का सहारा लिया और इन घटनाओं को "दशक के मध्य" (Mid-Decade) के लिए निर्धारित किया। 2025-2026 की समय सीमा: 2020 से 2030 के दशक का मध्य वर्ष 2025 और 2026 ही हैं। जॉन होग का तर्क है कि ग्रहों की स्थिति (विशेषकर शनि और नेप्च्यून का गोचर) ठीक उसी विनाशकारी पैटर्न को दोहरा रही है जैसा नास्त्रेदमस ने सदियों पहले देखा था। असली तनाव फारस की खाड़ी और होर्मुज जलडमरूमध्य में होगा। फारस की खाड़ी में एक बड़ा बेड़ा (संभवतः अमेरिकी) "पिघलकर डूब जाएगा"। यह किसी नए गुप्त हथियार या भारी मिसाइल हमले का संकेत हो सकता है।
ईरान (पर्शिया) दुनिया के अंत की शुरुआत करने वाला है। उसने कहा कि समय के अंत में पर्शिया (ईरान) फिर से शक्तिशाली हो जाएगा। एक अरब जो मुहम्मद की शरीयत को अच्छी तरह जानता है, वह अपने राष्ट्रों को एकजुट करेगा और ईरानियों और लेवांतियों के साथ मिलकर कई देशों पर हमला करेगा। ईसाइयों के बुरे दिन शुरु होंगे। इटली और फ्रांस इसे समझ नहीं पाएंगे और अपनों के ही खिलाफ खड़े होंगे।
ध्यान दें: नास्त्रेदमस की भविष्यवाणियाँ बहुत अस्पष्ट होती हैं और उनके कई अलग-अलग अर्थ निकाले जा सकते हैं। इन्हें किसी वैज्ञानिक प्रमाण के बजाय केवल व्याख्याओं और संभावनाओं के तौर पर देखा जाना चाहिए। इनकी सत्यता की पुष्टि नहीं कर सकते हैं।