Hanuman Chalisa

सूर्य-राहु युति कुंभ राशि में: 1 महीने तक रहेगा ग्रहण योग, इन 3 उपायों से बचेंगी परेशानियां

WD Feature Desk
शुक्रवार, 13 फ़रवरी 2026 (13:41 IST)
surya aur rahu ki yuti ke upay: 13 फरवरी 2026 को सूर्य ने कुंभ राशि में प्रवेश करके राहु के साथ युति बनाई है जिसे ग्रहण योग कहा जा रहा है। यह ग्रहण योग 13 फरवरी से लेकर 15 मार्च तक रहेगा। इसी दौरान महाशिवरात्र‍ि और होली का पर्व मनाया जाएगा। इस दौरान यदि आप मात्र 3 उपाय करते हैं तो इस अशुभ योग का राशिफल में ग्रह गोचर कुछ भी हो आपकी राशि पर प्रभाव नहीं होगा।
 

1. सूर्य को नित्य अर्घ्य अर्पित करें:

 

2. आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें:

आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करने से यह जहां हर तरह के शत्रु से मुक्ति, कार्यक्षेत्र में पदोन्नति, व्यापार-व्यवसाय में सफलता देता है, आसान शब्दों में कहा जाए तो आदित्य ह्रदय स्तोत्र हर क्षेत्र में चमत्कारी सफलता देता है। यह धन, प्रसन्नता, आत्मविश्वास तथा समस्त कार्यों में सफलता देने वाला तथा हर मनोकामना सिद्ध करने वाला पावन स्तोत्र माना गया है।
 

3. तांबा के लौटे में भी पानी पीएं:

तांबा अपने एंटी-बैक्‍टीरियल, एंटीवायरल और एंटी इंफ्लेमेट्री गुणों के लिए भी जाना जाता है। यह शरीर के आंतरिक व बाह्य घावों को जल्‍दी भरने के लिए काफी फायदेमंद साबित होता है। यह हमारे शरीर में सूर्य के तेज को बढ़ाता है।
 

सम्बंधित जानकारी

Show comments

ज़रूर पढ़ें

वृषभ संक्रांति 2026: सूर्य के राशि परिवर्तन से 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, मिलेगा बड़ा फायदा

वास्तु टिप्स: खुशहाल घर और खुशहाल जीवन के 10 सरल उपाय vastu tips

सूर्य के वृषभ राशि में प्रवेश से बदलेंगे वैश्विक हालात? जानें भविष्यफल

सूर्य का वृषभ राशि में प्रवेश, जानें मेष से मीन तक किसे मिलेगा लाभ, राशिफल

अधिकमास 2026: क्यों माना जाता है सबसे पवित्र महीना? जानें पूजा विधि, मंत्र और 6 खास बातें

सभी देखें

नवीनतम

राहु का कुंभ में डेरा: 31 अक्टूबर तक इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, आएगा बंपर उछाल

Nautapa 2026: रोहिणी नक्षत्र में सूर्य गोचर 2026: नौतपा के 9 दिनों में क्या करें और क्या न करें?

सूर्य और बुध की वृषभ राशि में युति, बुधादित्य योग से 6 राशियों को होगा फायदा

मिथुन राशि में गुरु-शुक्र की दुर्लभ युति, 3 राशियों पर होगी धन और सुख की बारिश

Navtapa 2026 dates: कब से कब तक रहेगा नौतपा?

अगला लेख