Hanuman Chalisa

मेष संक्रांति 2023 : क्या होगा जब सूर्य करेंगे मेष राशि में प्रवेश, जानिए महत्व और पुण्यकाल

Webdunia
Mesh Sankranti : सूर्य के मेष राशि में प्रवेश को मेष संक्रांति कहते हैं। यह आमतौर पर अप्रैल माह में होती है। इस बार यह संक्रांति 14 अप्रैल को होगी और इसी दिन से खरमास भी समाप्त हो जाएगा। सूर्य जब मंगल के स्वामित्व वाली मेष राशि में मौजूद होते हैं, तो उनकी यह स्थिति शक्तिशाली मानी जाती है। आओ जानते हैं सूर्यदेव का मेष राशि में भ्रमण काल, महत्व और पुण्यकाल।
 
मेष संक्रांति का महत्व : मेष संक्रांति को वर्ष की शुरुआत का समय भी माना जाता है। इस दिन को भारत के कई राज्यों में त्योहार के तौर पर मनाया जाता है। जैसे बंगाल में पोहेला बोइशाख, पंजाब में बैसाखी, ओडिशा में पाना संक्रांति आदि। खगोलशास्त्र के अनुसार मेष संक्रांति के दिन सूर्य उत्तरायन की आधी यात्रा पूर्ण कर लेते हैं। सौर-वर्ष के दो भाग हैं- उत्तरायण छह माह का और दक्षिणायन भी छह मास का। सूर्य का मेष राशि में प्रवेश सौरवर्ष या सोलर कैलेंडर का पहला माह है।
 
कब होगी मेष संक्रांति : 14 अप्रैल 2023 शुक्रवार को दोपहर 02 बजकर 42 मिनट सूर्य का मेष राशि में गोचर होगा। 15 मई तक व इसी राशि में रहेंगे।
 
पुण्यकाल : सुबह 11:01 बजे से शाम को 06:55 तक। अवधि- 07 घण्टे 55 मिनट्स।
 
मेष संक्रांति का महा पुण्यकाल- दोपहर 01:06 बजे से शाम 05:17 बजे तक। अवधि- 04 घण्टे 11 मिनट्स।
 
मेष संक्रांति का क्षण- दोपहर 03:12 बजे।
 
मेष संक्रांति का फल : वस्तुओं की लागत सामान्य रहने वाली है। धन और समृद्धि में वृद्धि होगी। लोगों की सेहत में सुधार होगा, दो राष्ट्रों के बीच संबंधों में भी सुधार होगा। अनाज के भंडारण में भी वृद्धि होगी।

सम्बंधित जानकारी

Show comments

ज़रूर पढ़ें

2026 का दूसरा सूर्य ग्रहण कब लगेगा? 5 राशियों पर अशुभ असर, 3 की चमकेगी किस्मत, जानें तारीख और उपाय

Nautapa 2026: नौतपा क्या है? जानें इसके कारण और लक्षण

दक्षिण दिशा से जुड़ी ये गलतियां बना सकती हैं कंगाल, जानिए क्या रखें और क्या नहीं

बुधादित्य राजयोग से चमकेगी 4 राशियों की किस्मत, नौकरी-व्यापार में होगा बड़ा लाभ

अपरा एकादशी 2026: कब है तिथि और क्या है इसका धार्मिक महत्व? जानिए सब कुछ

सभी देखें

नवीनतम

15 May Birthday: आपको 15 मई, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 15 मई 2026: शुक्रवार का पंचांग और शुभ समय

गंगा दशहरा पर बन रहा है इस बार दुर्लभ योग संयोग, इस मुहूर्त में करें स्नान और पूजा

बुध का वृषभ राशि में गोचर: इन 2 राशियों के लिए 'रेड अलर्ट', बरतनी होगी विशेष सावधानी

वृषभ संक्रांति 2026: सूर्य के राशि परिवर्तन से 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, मिलेगा बड़ा फायदा

अगला लेख