प्रज्ञा पाठक

देश के मुखिया से सीधा निवेदन कि आपके मन की बात आप प्रायः करते हैं और हम सुनते, समझते व सराहते भी हैं। लेकिन मोदी जी, अब...
26 जनवरी का हो-हल्ला बीत गया। छोटी-बड़ी परेड, राष्ट्रगान, राष्ट्रगीत, झंडा वंदन, भाषणबाजी, देशभक्ति पूर्ण गीत, नृत्य के...
सुप्रीम कोर्ट की वरिष्ठ वकील और मानवाधिकार कार्यकर्ता इंदिरा जयसिंह ने निर्भया की मां आशा देवी से उनकी बेटी के बलात्कार...
उसकी आंखों में आंसू झिलमिला आए थे, सिर्फ इतनी सी बात पर कि 58 के पतिदेव थोड़ा दुबला गए हैं। आज से 27 साल पहले शादी के समय भी...
आपने कभी गौर किया है कि हम सदा अपनी सुनाने में यकीन रखते हैं। अपने भीतर का उड़ेलने के लिए आतुर, आत्माभिव्यक्ति के लिए...
प्रात:काल का समय मंगल का, शुभ का माना जाता है। हम में से लगभग हर दूसरे घर में सुबह स्नान कर भगवान की पूजा या नाम स्मरण अवश्य...
ईश्वर यह नहीं देखता कि आप कितनी बार मंदिर गए? कितनी देर उसकी मूर्ति के समक्ष बैठकर विधि-विधान से उसकी पूजा की? कितने वर्षों...
हाल ही में मंगलमूर्ति श्री गणेश को हमने विदाई दी है। दस दिवसीय आयोजन में सहोल्लास हिस्सा लेकर खूब मंगल गीत गाए, मंगल...
जब किसी कटुता के चलते मन में संबंधित के प्रति गांठ पड़ जाती है और लाख उसके क्षमा मांगने पर भी हम उसके प्रति अपनी शिकायत...
उन्नाव कांड- हम नारियों के सीने में एक और खंजर! तथाकथित सुशिक्षित समाज के मुंह पर एक और झन्नाटेदार तमाचा। भारतीय राजनीति...
आखिर वो बहुप्रतीक्षित फैसला आ ही गया। तीन तलाक अब गैर कानूनी, दंडनीय। सच जानिए,आज हर वो महिला दिल से खुश होगी, जो सिर्फ...
एक दिन मैंने घर के बाहर अपनी गाड़ी रोकी। उतरते ही दीदी की हंसी सुनाई दी। बहन की हंसी से लगा, मानो दिनभर का बोझ उतर गया।
भारतीय घर-परिवारों में आमतौर पर बुज़ुर्ग दो दशाओं में दिखाई देते हैं। या तो नई पीढ़ी से तालमेल के अभाव में वे उपेक्षित-से...
प्राय: सभी परिवारों में बच्चों को बेहतर भविष्य के लिए अध्ययन के प्रति निष्ठावान रहने की सीख दी जाती है और अधिकांश बच्चे...
गृहस्थ जीवन में कई बार ऐसा समय आता है, जब नीरसता अनुभूत होती है। सब कुछ बेमानी लगने लगता है। अकेलापन भले घर में ना हो,...
अपने आसपास के लोगों में प्राय: हम कृपणता का भाव देखते हैं। यह कृपणता उनकी सोच से लेकर आचरण और घर से लेकर बाहर तक हर कहीं...
वो प्रेम कली और भंवरे का प्रेम नहीं था, नदी और सागर का था- सदा अनुरक्त, एकनिष्ठ, समर्पित। नेहा और प्रणय मानों एक-दूजे के...
मुख्य मार्ग पर काफी भीड़ जमा थी। शायद कोई दुर्घटना हो गई थी। सामने से इस ओर ही आ रही कार में बैठे पिता-पुत्री ने यह दृश्य...
सामान्य तौर पर भगवान की परिकल्पना में वह दैवीय स्वरुप सामने आता है, जो स्नेह, दया, क्षमा, सौहार्द्र, अपरिग्रह से भरा हुआ...
नए साल में रिज़ोल्यूशन की बहुत चर्चा है। रिज़ोल्यूशन अर्थात् संकल्प। कई लोग नए वर्ष के आरंभ पर कई प्रकार के संकल्प लेते...
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