सुधा अरोड़ा

मुकेश नामक अपराधी के सख्त और संवेदनहीन चेहरे को देख कर हिकारत और गुस्सा ही उपजता है ! वह एक बे पढ़ा लिखा अपराधी है जो जेल...
बाऊजी रोने लगे -'यह मनहूस शहर अब रहने लायक नहीं रहा। इसने हमसे भगतसिंह की कुर्बानी ले ली। अब हम यहाँ क्यों रहें!'
जब नारीवाद नारे और आंदोलन के रूप में चर्चित नहीं था, तब भी नारीवादी लेखन किया गया है।
चाचा ने कहा -'तुझे पता नहीं, आज सुबह भगतसिंह को फिरंगियों ने फाँसी दे दी है। भगतसिंह को वहाँ का बच्चा-बच्चा जानता था। लोग...
मां, तुम उदास मत होना, कि तुम्हारे लिए सिर्फ एक दिन रखा गया जब तुम्हें याद किया जाएगा! बस, यह मनाओ कि बचा रहे सालों-साल...
मां, तुम उदास मत होना, कि तुम्हारे लिए सिर्फ एक दिन रखा गया जब तुम्हें याद किया जाएगा! बस, यह मनाओ कि बचा रहे सालों-साल...
बंगाल की हमारी बहुत प्रिय लेखिका और कार्यकर्ता महाश्वेता दी ने सदियों से पीड़ित जनजातियों के लिए अपना सारा जीवन और लेखन...
हिन्दी भाषा को अगर जिंदा रखना है तो पहली कक्षा की नर्सरी राइम्स से लेकर एमए के पाठयक्रम तक में पूरी तरह सफाई की जरूरत...
साहित्य का कैनवास बहुत विस्तृत होता है। साहित्य में धर्म, मनोविज्ञान, दर्शन, समाजशास्त्र, इतिहास, गणित सबकुछ निहित...
आपने बहुत से संस्थानों के लिफाफों पर छपा देखा होगा कि हिन्दी दुनिया की तीसरी बड़ी भाषा है जबकि हकीकत यह है कि अंग्रेजी...
भारत में अपनी भाषा की दुर्दशा के लिए सबसे पहले तो हमारा भाषाई दृष्टिकोण जिम्मेदार है जिसके तहत हमने अंग्रेजी को एक...
बदली हुई तस्वीर से क्या औरत की सामाजिक स्थिति में कोई बदलाव आया? कम से कम निम्न मध्यवर्ग में बिल्कुल नहीं। दुहरी जिम्मेदारियों...