shiv chalisa

नज़रिया: अपने हर भाषण में 2022 का ज़िक्र क्यों करते हैं नरेंद्र मोदी

Webdunia
शुक्रवार, 7 सितम्बर 2018 (11:22 IST)
- किंशुक नाग (वरिष्ठ पत्रकार)
 
साल 2018, 2013 जैसा नहीं है और ना ही 2019, 2014 जैसा होगा। बहुत से लोगों को अब यह महसूस होने लगा है और संभवतः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी यही विचार होगा। 2014 में भाजपा को सत्ताधारी कांग्रेस और अन्य विपक्षी पार्टियों पर साफ़ बढ़त मिली थी, लेकिन 2019 में बहुत कुछ बदल सकता है।
 
 
इस बार भाजपा सत्ता में है, जो अपने पिछले चार सालों के प्रदर्शन का बचाव करते हुए अगले लोकसभा चुनावों में उतरेगी। जबकि विपक्षी पार्टियां पूरी तैयारी के साथ (जैसा कि भाजपा ने 2013-14 में किया था) सत्ताधारी दल की हवा निकालने की कोशिश में लगी हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक मुकम्मल राजनेता हैं और वो ये सब बहुत अच्छे से जानते हैं। इसलिए वो 2019 के चुनावों में अपनी पार्टी की जीत सुनिश्चित करने के लिए बेहतर रणनीति अपना रहे हैं।
 
 
किसी भी चुनाव में सत्तासीन सरकार अपने प्रदर्शन के आधार पर आंकी जाती है, जबकि विपक्षी पार्टियां सरकार के काम की आलोचना और अपना स्टैंड बताकर चुनाव लड़ती हैं। इन सबके बीच सबसे अस्वाभाविक बात यह है कि इस बार नरेंद्र मोदी खुद भी अपनी कार्य योजनाओं को बता रहे हैं और यह जता रहे हैं कि 2022 में भी सत्ता उन्हीं के पास रहेगी।
 
 
2022 में आज़ाद भारत 75 साल को हो जाएगा
स्वतंत्रता दिवस के मौके पर अपने भाषण में मोदी ने भारतीयों को 2022 में अंतरिक्ष में उतारने की घोषणा की थी। लालकिले की प्राचीर से उन्होंने कहा था, "जब भारत 2022 में आज़ादी की 75वीं सालगिरह मना रहा होगा, देश का एक बेटा या बेटी अंतिरक्ष में बसावट के मिशन के लिए गगनयान पर राष्ट्रीय ध्वज लेकर प्रस्थान करेंगे।"
 
 
आपको बता दें कि गगनयान को अंतरिक्ष में भेजने का यह प्रोजेक्ट 2004 से ही चल रहा है। यूपीए सरकार इसके क्रियान्वयन में सफल नहीं हो पायी। अब मोदी ने तारीख (2022) का जिक्र करते हुए ये जता दिया है कि वो इस योजना को लेकर कितने गंभीर हैं। इसी तरह मोदी ने एक बार फिर से 2022 को ही वह साल बताया जब हर भारतीय के पास एक घर होगा।
 
 
गुजरात के वलसाड ज़िले में एक जन सम्मेलन में उन्होंने कहा कि 'अभी तक हम ये सुनते आए हैं कि राजनेताओं को अपना घर मिला। अब हम यह सुन रहे हैं कि गरीबों को अपना घर मिल रहा है।' यह घोषणा भी केवल उन्हीं मतदाताओं को खुश करने के लिए थी जो अपेक्षाकृत रूप से कम सामर्थ्य वाले हैं। यही नहीं, नरेंद्र मोदी ने सबके लिए 24 घंटे लगातार बिजली देने का लक्ष्य भी 2022 ही रखा है। हालांकि, अब ऐसे संकेत मिलने लगे हैं कि वो जल्दी ही इस लक्ष्य को 2019 में पूरा कर लेंगे।
 
 
'आशाओं और आकांक्षाओं का साल'
लेकिन ऐसा लग रहा है कि मोदी ने 2022 का लक्ष्य इस तरह तय किया है कि उनकी पार्टी को इससे कोई नुकसान नहीं पहुंचे। जब 2017 की शुरुआत में ही भाजपा ने उत्तर प्रदेश और उत्तरांचल के विधानसभा चुनाव जीते थे और जीत के कुछ ही दिनों बाद नई दिल्ली स्थित पार्टी मुख्यालय में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा था, "चुनाव के परिणामों ने नए भारत की आधारशिला रखी है।"
 
 
उन्होंने लोगों से आह्वान भी कराया था कि 2022 तक नए भारत को बनाना है जो कि उनकी सरकार के कार्यकाल के पूरा होने के तीन साल बाद आएगा। मोदी ने लोगों को प्रतिज्ञा दिलाते हुए कहा था कि यदि हम इसमें सफल हो जाते हैं तो भारत को सुपर पावर बनने से कोई नहीं रोक सकता।
 
 
इसी तरह जुलाई 2017 में नीति आयोग की एक मीटिंग में देश के सभी मुख्यमंत्रियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा था कि "2022 का नया भारत जनता का संकल्प" है। "यह भारत की आशाओं और आकांक्षाओं को प्रदर्शित करता है और इसको पूरा करने की ज़िम्मेदारी उनकी है जो सत्ता में हैं।" एक महीने बाद मोदी ने फिर से केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के प्रमुखों के साथ एक मीटिंग में 2022 का नया भारत बनाने का रोड मैप तैयार करने के निर्देश दिए थे।
 
 
मोदी ने चतुराई से बदला लक्ष्य
हैदराबाद में काम कर रहे कार्तिक सुब्रमण्यम कहते हैं, "भारत की आज़ादी के 75वें साल यानी 2022 तक नेतृत्व करने के लिए मोदी को कोई दोष नहीं दे सकता है।" "लेकिन 2022 के लिए अपने लक्ष्य तय करके मोदी ने सरकार की डेडलाइन ही बदल दी है। कहने का मतलब है कि वो ये सब 2019 में अपनी पार्टी को वोट दिलाने के लिए कर रहे हैं।
 
 
मुंबई के एक कॉर्पोरेट कंपनी में काम करने वाले रमेश चावला (बदला हुआ नाम) कहते हैं, "मोदी ने पहले अच्छे दिन की बात कही। मगर कई लोगों को लगता है कि अभी अच्छे दिन नहीं आए हैं। और इस तरह मोदी बहुत चतुराई के साथ सरकार के लक्ष्यों को 2022 में लेकर चले गए हैं।" "वो कहते हैं कि मेरे काम का लेखा-जोखा 2022 में किया जाए। इसका मतलब कि वो 2019 के चुनाव में अपने लिए पांच साल और मांग रहे हैं।"
 
 
75वें साल में बड़े जश्न की तैयारी?
मोदी के 2022 के लक्ष्य पर कोरा पर भी लोग चर्चा कर रहे हैं। कोरा एक ऐसा प्लेटफॉर्म है जहां लोग विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करते हैं। इस लक्ष्य से जुड़े सवालों के जवाब में स्वतंत्र सलाहकार मिहिर जोशी कहते हैं, "यह बहुत ही सुरक्षित तरीका है यह बताने का कि बदलाव के लिए 2019 काफी नहीं है। जनता अगर बदलाव चाहती है तो उसे एक बार मौका और देना होगा।"
 
 
हालांकि वो यह भी कहते हैं कि एक लक्ष्य को साधने के लिए एक निश्चित समय और लगातार प्रयास की ज़रूरत होती है। कोरा के एक अन्य यूजर निरंजन नानावटी कहते हैं, "2022 में आज़ाद भारत 75 साल का हो जाएगा। वो इसका जश्न बड़े पैमाने पर मनाना चाहते हैं। इसलिए ये सारे लक्ष्य उसे ध्यान रख कर तय किए जा रहे हैं ताकि वो साल यादगार साल बने।"
 
 
यह कहना व्यर्थ नहीं होगा कि मोदी ने 2022 का लक्ष्य अगले चुनाव को ध्यान में रख कर तय किया है। बहुत सारी योजनाएं लोगों के सामने आ चुकी हैं, तो बहुत से अगले पांच महीने में पर्दा उठाया जाएगा। ये सभी योजनाएं खास लोग, खास क्षेत्र को ध्यान में रख कर बनाए गए हैं। आश्चर्य की बात यह है कि भाजपा ने इसकी घोषणा नहीं की है कि आखिर न्यू इंडिया में होगा क्या?
 
 
(इस लेख में व्यक्त विचार लेखक के निजी हैं। इसमें शामिल तथ्य और विचार बीबीसी के नहीं हैं और बीबीसी इसकी कोई ज़िम्मेदारी या जवाबदेही नहीं लेती है)
 

सम्बंधित जानकारी

Show comments

जरूर पढ़ें

तीसरा बच्चा पैदा करने पर मिलेंगे 25000 रुपए, शिक्षा भी मिलेगी मुफ्त, सरकार ने पेश किया ड्रॉफ्ट

Iran-Israel War : अयातुल्लाह खामेनेई का दाहिना हाथ निकला गद्दार, ismail qaani पर क्यों गहराया शक, Mossad के एजेंट होने का क्या है सच

AIIMS जोधपुर से UPSC टॉपर, पढ़िए Anuj Agnihotri की सक्सेस स्टोरी, बताया सफलता का राज

LPG : देश में तेल, रसोई गैस की किल्लत नहीं होगी, भारत के पास जरूरत से ज्यादा सप्लाई, जानिए कैसे होता है एलपीजी का प्रोडक्शन

ट्रंप कौन होता है भारत को रूस से तेल खरीदने की ‘इजाजत’ देने वाला?

सभी देखें

मोबाइल मेनिया

Nothing का बड़ा धमाका: धांसू लुक के साथ Phone 4a और 4a Pro लॉन्च, साथ में 135 घंटे चलने वाला हेडफोन भी!

Samsung ने लॉन्च की Galaxy S26 सीरीज, जानिए क्या हैं खूबियां

Samsung Galaxy S26 Ultra vs S25 Ultra vs iPhone 17 Pro Max : कीमत से कैमरा तक जानें कौन है सबसे दमदार फ्लैगशिप?

Samsung Galaxy S26 Ultra Launch : आईफोन की छुट्टी करने आया सैमसंग का नया 'बाहुबली' फोन

iQOO 15R भारत में लॉन्च, 7,600mAh की तगड़ी बैटरी और Snapdragon 8 Gen 5 प्रोसेसर, जानें कीमत और फीचर्स

अगला लेख