Hanuman Chalisa

COVID-19 : AIIMS निदेशक ने कहा- टीकाकरण अभियान के लिए पीपीपी आधारित सहभागिता हो...

Webdunia
शनिवार, 20 फ़रवरी 2021 (19:18 IST)
नई दिल्ली। दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के निदेशक रणदीप गुलेरिया ने हाल में कोरोनावायरस (Coronavirus) कोविड-19 के मामलों में आई कमी को ‘अवसर की छोटी खिड़की’ करार देते हुए शनिवार को देश में वृहद स्तर पर कोरोनावायरस टीकाकरण करने के लिए सार्वजनिक-निजी साझेदारी (पीपीपी) का आह्वान किया।

यहां आयोजित एआईएमए के कार्यक्रम में गुलेरिया ने कहा कि बीमारी के खिलाफ प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने एवं संक्रमण से मृत्युदर कम करने के लिए टीका ही एकमात्र उपलब्ध हथियार है। उन्होंने रेखांकित किया कि स्वास्थ्य सेवा को केंद्र में रखने की जरूरत है लेकिन इसे सिर्फ सेवा क्षेत्र नहीं मानना चाहिए।

गुलेरिया ने कहा, जहां तक टीकाकरण का सवाल है तो अब भी बहुत कुछ करना है और मेरा मानना है कि अधिक निजी-सार्वजनिक साझेदारी की जरूरत है। उन्होंने कहा कि धीरे-धीरे इस क्षेत्र को खोलने की जरूरत है ताकि अधिक संख्या में लोगों का टीकाकरण हो सके।

दिल्ली एम्स के निदेशक ने कहा, जहां तक पहले चरण की बात है तो स्वास्थ्य कर्मियों एवं फ्रंटलाइन कर्मियों का टीकाकरण संभवत: आसान हिस्सा था क्योंकि आप जानते थे कि किसे टीका लगाना है, उनकी संख्या बहुत बड़ी नहीं थी।

उन्होंने कहा, एक बार जब आप 27 करोड़ लोगों का टीकाकरण शुरू करेंगे तो उस स्थिति में हमारे पास सुदढ़ योजना होनी चाहिए, जिसमें उन लोगों की सूची हो जिन्हें टीका लगाना है। गुलेरिया ने कहा, हमें एक ऐसी प्रणाली विकसित करने की जरूरत है, जहां पर सरकारी और निजी क्षेत्र वास्तव में बड़े पैमाने पर टीकाकरण अभियान शुरू कर सके।

उन्होंने रेखांकित किया कि त्वरित आधार पर बड़े पैमाने पर लोगों के टीकाकरण का अभियान चलाने की जरूरत है, क्योंकि स्वास्थ्य कर्मियों एवं फ्रंटलाइन कार्यकर्ताओं में कुछ हद तक झिझक की वजह से खुराक की उपलब्धता बढ़ी है।

एम्स के निदेशक ने कहा, मेरी व्यक्तिगत राय है कि हमें अवसर की खिड़की मिली है, क्योंकि हमारे यहां मामले कम हो रहे हैं, लेकिन यह स्थिति कभी भी बदल सकती है, जैसा हमने दुनिया के विभिन्न हिस्सों में खासतौर पर अलग-अलग देशों में वायरस का नया स्वरूप आने से देखा है।

उन्होंने कहा, इसलिए हमें इस पल को नहीं खोना चाहिए और बड़े पैमाने पर अपने नागरिकों के टीकाकरण की कोशिश करनी चाहिए, जो काफी हद तक कोविड-19 महामारी से रक्षा करेगा।(भाषा)

सम्बंधित जानकारी

Show comments

जरूर पढ़ें

यूजीसी की नई गाइडलाइंस : OBC को शामिल करने पर क्यों मचा विवाद?

Rajasthan : वे खौफनाक वारदातें, जिनसे दहल गया था राजस्थान, इनके उम्रकैदी बने लव बर्ड, शादी के लिए पैरोल, क्यों शुरू हुआ विरोध

Apple iPhone 17e : सस्ते iPhone की वापसी, एपल के सबसे किफायती मॉडल के चर्चे

ऑटो वाले भैया का 'मौन व्रत', यात्रियों की बक-बक से तंग आकर ड्राइवर ने सीट पर लिखवाया ऐसा मैसेज

ट्रंप से ज्यादा मोदी और जिनपिंग ताकतवर क्यों? अमेरिकी एक्सपर्ट का चौंकाने वाला दावा

सभी देखें

नवीनतम

बांग्लादेश में चुनाव से पहले जमात ए इस्लामी को दोस्त बनाना चाहता है अमेरिका, भारत से रिश्ते फिर हो सकते हैं तल्ख

वर्ल्ड इकॉनॉमिक फोरम दावोस की सफल यात्रा के बाद जबलपुर में CM डॉ. यादव का अभिनंदन

Gold Silver Price : एक झटके में सोना 1500 रुपए महंगा, चांदी के भाव में 9,500 का उछाल

IND vs NZ 2nd T20I : न्यूजीलैंड ने भारत को जीत के लिए 209 रनों का लक्ष्य दिया

कठुआ में 1 विदेशी आतंकी ढेर, किश्‍तवाड़ में बर्फबारी के कारण ऑपरेशन स्‍थगित

अगला लेख