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Ground Report: ब्रिटिश सरकार दे रही है नौकरी गंवा चुके लोगों को 2 लाख 38 हजार प्रतिमाह

डॉ. रमेश रावत
शुक्रवार, 24 जुलाई 2020 (09:00 IST)
कोरोनावायरस (Coronavirus) के चलते पूरी दुनिया में अर्थव्यवस्था चौपट हो गई है, वहीं लोगों को बेरोजगारी का सामना भी करना पड़ रहा है। सरकारों ने लोगों की मदद की है, लेकिन वह ऊंट के मुंह में जीरे की तरह है। दूसरी ओर, ब्रिटिश सरकार नौकरियां या व्यवसाय गंवाने के चलते आर्थिक संकट से जूझ रहे लोगों को 2500 पाउंड (करीब 2 लाख 38 हजार रुपए) प्रतिमाह दे रही है, जो कि एक सराहनीय कदम है। ब्रिटेन में करीब 3 लाख लोग संक्रमित हो चुके हैं, जबकि 45 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। लंदन में वोडाफोन कंपनी में सॉफ्टवेयर मैनेजर के रूप में काम कर रहीं ममता जैन वेबदुनिया से कोविड-19 काल में ब्रिटेन के हालात पर खास बातचीत की। 
 
कोविड ने बढ़ाई चुनौतियां : ममता कहती हैं कि कोरोना काल में ऑफिस का काम घर से ही चल रहा है। हालांकि मेरे पति निकेश ओसवाल के लिए कुछ भी नहीं बदला है। कोविड से पहले भी वे घर से ही काम कर रहे थे। निकेश एप्पल इंक में प्रिंसिपल ऑडियो आर्किटेक्ट के पद पर कार्यरत हैं। घर से ऑफिस का काम करना, खाना बनाना एवं अपनी बेटी की देखभाल करना, ये किसी चैलेंज से कम नहीं है। मैं एक सॉफ्टवेयर मैनेजर के रूप में काम करती हूं। इसलिए मुझे अपनी टीम को भी मैनेज करना होता है।
 
बेटी का स्कूल भी ऑनलाइन संचालित हो रहा है। कोविड से पहले मेरी बेटी स्कूल गई थी। स्कूल के बाद स्कूल क्लब में रहने से वह पूरे दिन व्यस्त रहती थी। तब तक हमारा भी ऑफिस का कार्य पूरा हो जाता था। लेकिन, लॉकडाउन के बाद से वह पूरे दिन घर पर ही रहती है एवं कई बार बोर भी हो जाती है। हम अपना काम खत्म करने के बाद उसे खुश रखने के लिए इनडोर गेम्स खेलते हैं। सप्ताहांत में हम आमतौर पर पार्क में जाते हैं, साइकिलिंग करते हैं एवं बेसबॉल खेलते हैं। सप्ताह में एक बार खरीदारी करते है। इतना ही नहीं इस बार शादी की सालगिरह और बर्थडे भी घर में ही सेलिब्रेट किया।
 
मैं एवं मेरे पति मई में यूएसए में स्थानांतरित होने का अनुमान लगा रहे थे। क्योंकि मेरे पति एप्पल के लिए काम करते हैं। उनका मुख्यालय यूएसए में है, लेकिन कोविड के कारण हमारी यात्रा की सभी योजनाएं धरी की धरी रह गईं। यात्रा प्रतिबंधों के हटने का बेसब्री से इंतजार कर रहे है। हमारा परिवार चार महीने के लिए यहां पर था।
सेल्फ क्वारंटाइन : यदि किसी को कोविड के लक्षण हैं तो सरकार ने उन लोगों को 7 दिनों के लिए सेल्फ क्वारंटाइन के लिए कहा है। यदि परिवार के साथ में हैं तो पूरे 14 दिन तक क्वारंटाइन में रहने की हिदायत है। यदि लक्षण बिगड़ते हैं या कोविड संक्रमण अधिक होता है तो सभी के पास यहां पर तत्काल चिकित्सा सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर हैं। हालांकि ब्रिटेन में लोग सोशल डिस्टेंसिंग को गंभीरता से ले रहे हैं।
 
लोग दो मीटर की दूरी रखते हुए दुकान के बाहर कतार में इंतजार करते हैं। पुराने लोगों और और स्वास्थ्य कार्यकताओं के लिए विशेष टाइम स्लॉट हैं ताकि उन्हें इंतजार न करना पड़े। इसके साथ ही सरकार नए अस्पताल बना रही है। वैक्सीन रिसर्च, वेंटिलेटर की उपलब्धता आदि का भी ध्यान रखा जा रहा है। टीवी पर रोजमर्रा की ब्रीफिंग के साथ ही देश की वर्तमान स्थिति के बारे में सूचित किया जाता है। 
 
पीएम मोदी को सुझाव : ममता कहती हैं कि भारत सरकार को कोविड-19 के बारे में लोगों को अधिक से अधिक जागरूक करना चाहिए। पीएम मोदी को दैनिक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित करनी चाहिए। लोगों को वायरस के बारे में निरंतर अपडेट करना चाहिए। भारत में स्वास्थ्य प्रणाली को और बेहतर बनाने की गुंजाइश है। ब्रिटेन में मुफ्त स्वास्थ्य सेवा एवं अधिक उन्नत सार्वजनिक अस्पताल प्रणाली है, जो कि महामारी से निपटने में सक्षम है। 
ब्रिटेन सरकार की ओर से 2500 पाउंड की सहायता :  भारत सरकार ब्रिटेन, अमेरिका और जर्मनी जैसे कुछ विकसित देशों की तुलना में उन लोगों को पर्याप्त वित्तीय मदद नहीं दे रही है, जिन्होंने अपनी नौकरी या व्यावसाय खो दिए हैं। ब्रिटिश सरकार ने इस मामले में सबसे अच्छा कदम उठाया है। नौकरी या व्यवसाय खो चुके लोगों को प्रतिमाह 2500 पाउंड सरकार की ओर से दिए जा रहे हैं। यह दुनिया की किसी भी सरकार की ओर से उठाए गए सबसे अच्छे कदमों में से एक है। 
यहां पर लॉकडाउन के दौरान घरेलू शोषण, अवसाद या अन्य समस्या से ग्रस्त लोगों के लिए हेल्पलाइन नंबर की सुविधा है। यहां टेक्नोलॉजी कंपनियों के लिए घर से काम करना सामान्य बात है। हालांकि यूके में पर्यटन के लिए ग्रीष्मकालीन समय सबसे अच्छा है, जो कोविड-19 के कारण बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। लंदन सहित पूरे ब्रिटेन में पर्यटन स्थल सूने हैं।

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