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जानिए, Corona मानसिक स्वास्थ्य और मस्तिष्क विकारों को कैसे प्रभावित करता है...

Webdunia
शुक्रवार, 19 अगस्त 2022 (18:07 IST)
ऑक्सफोर्ड। कोरोनावायरस (Coronavirus) से उबरने वाले लोगों में मानसिक स्वास्थ्य की स्थिति और तंत्रिका संबंधी विकार महामारी की शुरुआत से ही एक चिंता का विषय रहा है। कई अध्ययनों से पता चला है कि वयस्कों का एक बड़ा हिस्सा इस तरह की समस्याओं का सामना कर रहा है और इसमें जोखिम अन्य संक्रमणों की तुलना में अधिक है।

हालांकि इस संबंध में कई सवाल हैं। जैसे क्या मनश्चिकित्सीय और तंत्रिका संबंधी समस्याओं के जोखिम समाप्त हो जाते हैं, और यदि हां, तो कब? क्या बच्चों में जोखिम वयस्कों के समान हैं? क्या कोविड वेरिएंट में अंतर है?

द लैंसेट साइकियाट्री में प्रकाशित हमारे नए अध्ययन ने इन मुद्दों का पता लगाया। मेरे सहयोगी मैक्सिम टैक्वेट के नेतृत्व में किए गए विश्लेषणों में हमने कोविड से संक्रमित लगभग 12.5 लाख लोगों के इलेक्ट्रॉनिक स्वास्थ्य रिकॉर्ड का उपयोग किया, जिनमें से ज्यादातर अमेरिका से थे। हमने इन रोगियों में 2 साल तक 14 प्रमुख न्यूरोलॉजिकल और मनोरोग निदान की घटना को ट्रैक किया।

हमने इन जोखिमों की तुलना उन लोगों के एक करीबी मिलान वाले नियंत्रण समूह से की, जिन्हें कोविड के अलावा श्वसन संक्रमण का पता चला था। हमने बच्चों (18 वर्ष से कम आयु), वयस्कों (18-65) और वृद्धों (65 वर्ष से अधिक) की अलग-अलग जांच की।

हमने उन लोगों की भी तुलना की, जो एक नए संस्करण (विशेष रूप से ओमिक्रॉन, लेकिन पहले के वेरिएंट भी) के उभरने के बाद कोविड के संपर्क में आए थे। हमारे निष्कर्ष अच्छी और बुरी खबरों का मिश्रण हैं। आश्वस्त रूप से हालांकि हमने कोविड संक्रमण के बाद सामान्य मानसिक विकारों (चिंता और अवसाद) के अधिक जोखिम को देखा, हालांकि यह बढ़ा हुआ जोखिम तेजी से कम हो गया।

जिन लोगों को कोविड था, उन लोगों में इन विकारों की दर उन लोगों से अलग नहीं थी, जिन्हें कुछ महीनों के भीतर अन्य श्वसन संक्रमण थे, और दो वर्षों में इन विकारों की कोई अधिकता नहीं थी। यह भी अच्छी खबर थी कि कोविड संक्रमण के बाद किसी भी स्तर पर बच्चों को इन विकारों का अधिक खतरा नहीं था।

हमने यह भी पाया कि जिन लोगों को कोविड हुआ था, उन्हें पार्किंसंस रोग होने का अधिक जोखिम नहीं था, जो कि महामारी की शुरुआत में एक चिंता का विषय था। अन्य निष्कर्ष अधिक चिंताजनक थे। कुछ विकारों, जैसे मनोविकृति, दौरे या मिर्गी, मस्तिष्क कोहरे और मनोभ्रंश के निदान के जोखिम, कोविड संक्रमण के बाद पूरे दो वर्षों में उच्च बने रहे।

उदाहरण के लिए वृद्धों में मनोभ्रंश का जोखिम कोविड के बाद के दो वर्षों में 4.5% था, जबकि अन्य श्वसन संक्रमण वाले लोगों में यह 3.3% था। हमने बच्चों में मनोविकृति और दौरे का खतरा भी देखा। वेरिएंट के संदर्भ में हालांकि हमारा डेटा इस बात की पुष्टि करता है कि ओमिक्रॉन पिछले डेल्टा वेरिएंट की तुलना में बहुत मामूली बीमारी है।

पर हमने देखा के इसके संक्रमण में आने वाले लोगों में न्यूरोलॉजिकल और मनोरोग स्थितियों के समान जोखिम बने रहे। हालांकि यह देखते हुए कि हाल ही में ओमिक्रॉन कैसे उभरा, हमारे पास इस प्रकार से संक्रमित लोगों का डेटा केवल संक्रमण के लगभग पांच महीने बाद तक का है, तो तस्वीर बदल भी सकती है।

मिश्रित परिणाम
कुल मिलाकर, हमारे अध्ययन से एक मिश्रित तस्वीर सामने आई है, जिसमें कुछ विकार कोविड के बाद एक क्षणिक अतिरिक्त जोखिम दिखा रहे हैं, जबकि अन्य विकारों में एक निरंतर जोखिम है। अधिकांश मामलों में निष्कर्ष बच्चों में आश्वस्त करने वाले हैं, लेकिन कुछ अपवादों के साथ।

ओमिक्रॉन, जो वर्तमान में दुनियाभर में प्रचलित है, पर परिणाम यह दर्शाता है कि इन विकारों का बोझ जारी रहने की संभावना है, भले ही यह संस्करण अन्य मामलों में हल्का हो। अध्ययन में महत्वपूर्ण चेतावनी हैं। हमारे निष्कर्ष उन लोगों के बारे में दावा नहीं करते, जिन्हें शायद कोविड हुआ तो था, लेकिन यह उनके स्वास्थ्य रिकॉर्ड में दर्ज नहीं किया गया था, शायद इसलिए कि उनमें लक्षण नहीं थे।

और हम टीकाकरण के प्रभाव का पूरी तरह से हिसाब नहीं दे सकते, क्योंकि हमारे पास टीकाकरण की स्थिति के बारे में पूरी जानकारी नहीं थी और हमारे अध्ययन में कुछ लोगों को टीके मिलने से पहले ही कोविड हो गया था।

अंत में हमारा अध्ययन अवलोकन पर आधारित है और इसलिए यह नहीं बता सकता कि कोविड इन जोखिमों से कैसे या क्यों जुड़ा है। वर्तमान सिद्धांतों में तंत्रिका तंत्र में वायरस की दृढ़ता, संक्रमण के प्रति प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया या रक्त वाहिकाओं की समस्याएं शामिल हैं। अलग-अलग शोध में इनकी जांच की जा रही है।(द कन्वरसेशन) 

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