suvichar

कोरोना काल में निवेशकों को रास आए Mutual Funds, 2020 में जुड़े 72 लाख फोलियो, जानिए वजह...

Webdunia
रविवार, 24 जनवरी 2021 (11:08 IST)
नई दिल्ली। म्यूचुअल फंड कंपनियों ने बीते साल (2020) कोरोना वायरस महामारी के बावजूद 72 लाख फोलियो जोड़े। ऊंची खर्च योग्य आय और बैंक जमा पर कम ब्याज की वजह से निवेशकों का म्यूचुअल फंड के प्रति आकर्षण बढ़ा है।


एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (एम्फी) ने यह जानकारी दी है। इसकी तुलना में 2019 में म्यूचुअल फंड उद्योग ने 68 लाख फोलियो जोड़े थे। फोलियो वह संख्या है जो व्यक्तिगत निवेशक खाते को दी जाती है। एक निवेशक के कई फोलियो हो सकते हैं।

एम्फी के आंकड़ों के अनुसार, दिसंबर, 2020 के अंत तक 45 म्यूचुअल फंड कंपनियों के कुल फोलियो की संख्या 72 लाख बढ़कर 9.43 करोड़ पर पहुंच गई। दिसंबर, 2019 के अंत तक यह 8.71 करोड़ थी।

माईवेल्थग्रोथ डॉट कॉम के सह-संस्थापक हर्षद चेतनवाला ने कहा कि 2020 में कोविड-19 महामारी के दौरान बाजार में ‘करेक्शन’ और सुधार के चरण में निवेशकों ने अपने म्यूचुअल फंड निवेश को बढ़ाया।

उन्होंने कहा कि पहली बार के निवेशकों ने भी इस दौरान म्यूचुअल फंड में निवेश किया। वहीं मौजूदा निवेशकों ने अपने निवेश का नई योजनाओं में विविधीकरण किया। इन दोनों वजहों से फोलियो की संख्या में इजाफा हुआ। उन्होंने कहा कि यह संख्या और अधिक हो सकती थी, लेकिन निवेशकों के एक वर्ग ने मुनाफावसूली भी की।

ग्रो के सह-संस्थापक एवं मुख्य परिचालन अधिकारी (सीओओ) हर्ष जैन ने कहा कि डिजिटल निवेश मंचों की वजह से खाता खोलना आसान हो गया है। इससे निवेशकों की म्यूचुअल फंड तक पहुंच सुगम हुई है। (भाषा) 

सम्बंधित जानकारी

Show comments

जरूर पढ़ें

IRIS Dena : हिन्द महासागर में फंसे नाविकों की तलाश में जुटी Indian Navy, श्रीलंका के साथ चलाया सर्च ऑपरेशन

Ali Khamenei के बेटे Mojtaba Khamenei क्या नपुंसक थे, WikiLeaks की रिपोर्ट में बड़ा खुलासा

5 दिन बाद अयातुल्लाह खामेनेई की मौत पर भारत ने जताया शोक, विदेश सचिव ने श्रद्धांजलि रजिस्टर पर किए हस्ताक्षर

Hormuz Strait पर ईरान ने दी बड़ी खुशखबरी, चीन के लिए खोला रास्ता, क्या भारत को भी होगा फायदा

Iran War 2026 : ईरान- इजराइल कैसे बने एक-दूसरे के दुश्मन, कभी हुआ करते थे जिगरी दोस्त

सभी देखें

नवीनतम

कयामत आ जाएगी! क्या है अमेरिका की 'डूम्स-डे' मिसाइल और क्यों कांपती है दुनिया?

महाराष्ट्र, बिहार , बंगाल के राज्यपाल बदले, दिल्ली में भी नए LG

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन का सुखद परिणाम पचमढ़ी को ग्रीन डेस्टिनेशन ब्रॉन्ज' सर्टिफिकेट

गेहूं उपार्जन प्रक्रिया में किसानों को न आए किसी भी तरह की परेशानी: मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव

जल गंगा संवर्धन अभियान विकास का आधार और भावी पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित रखने का प्रयास : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

अगला लेख