Festival Posters

Dhanteras 2025: धनतेरस की रात करें ये चमत्कारी उपाए, मां लक्ष्मी की विशेष कृपा से हो जाएंगे मालामाल

WD Feature Desk
मंगलवार, 14 अक्टूबर 2025 (17:36 IST)
Dhanteras ke upay : धनतेरस का पर्व, दीपावली के पांच दिवसीय महोत्सव का आरंभ बिंदु है, जिसका हिंदू धर्म में विशेष महत्व है। इस दिन धन के देवता कुबेर, आरोग्य के देव धन्वंतरि और धन की देवी मां लक्ष्मी की पूजा की जाती है। मान्यता है कि इस शुभ तिथि पर किए गए कुछ चमत्कारी उपाय न केवल आर्थिक बाधाओं को दूर करते हैं, बल्कि पूरे वर्ष के लिए घर में सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का वास सुनिश्चित करते हैं। आइए जानते हैं ऐसे ही कुछ अचूक और सरल उपायों के बारे में:

1. मुख्य द्वार पर '' का शुभ प्रतीक: अपने घर का मुख्य दरवाजा वह स्थान होता है जहाँ से ऊर्जा और धन का प्रवेश होता है। धनतेरस की रात इस द्वार पर 'ॐ' का चिन्ह बनाना अत्यंत शुभ माना जाता है। इस उपाय के लिए चावल को हल्दी के साथ पीसकर एक प्राकृतिक पेस्ट बनाया जाता है। हल्दी को शुभता और आरोग्य का प्रतीक माना जाता है, जबकि चावल को सनातन धर्म में अन्न, समृद्धि और अक्षत का प्रतीक माना जाता है। 'ॐ' को ब्रह्मांड की ध्वनि और प्रथम ध्वनि माना जाता है। इसे सभी मंत्रों का बीज माना गया है। घर के मुख्य द्वार पर इस चिन्ह को बनाने का अर्थ है, ब्रह्मांडीय सकारात्मक ऊर्जा और मां लक्ष्मी का खुले दिल से स्वागत करना। यह चिन्ह नकारात्मकता को घर से बाहर रखता है और परिवार में शांति व आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार करता है।

2. सफेद वस्तुओं का दान: यदि आपके जीवन में लगातार कार्य अटक रहे हैं, धन आने के मार्ग में रुकावटें आ रही हैं या जमा पूंजी नहीं टिक पा रही है, तो धनतेरस के दिन सफेद वस्तुओं का दान करना एक शक्तिशाली उपाय है। चीनी, बताशा, खीर या चावल जैसी सफेद वस्तुओं का दान ज्योतिषीय दृष्टिकोण से बहुत महत्वपूर्ण है। ज्योतिष में सफेद रंग शुक्र ग्रह का प्रतिनिधित्व करता है, जिसे धन, वैभव, सुख-सुविधा और ऐश्वर्य का कारक माना जाता है। शुक्र की स्थिति मजबूत होने पर जीवन में भौतिक सुखों की कमी नहीं रहती। सफेद वस्तुओं का दान करने से कुंडली में शुक्र मजबूत होता है, जिससे धन से जुड़ी अड़चनें दूर होती हैं और समृद्धि के मार्ग खुलते हैं। यह दान, खासकर गरीबों और जरूरतमंदों को करना, 'स्थिर लक्ष्मी' की कृपा दिलाता है।

3. दक्षिणावर्ती शंख का जल छिड़काव: धनतेरस पर सबसे प्रभावशाली उपायों में से एक है दक्षिणावर्ती शंख का प्रयोग। पूजा शुरू करने से पहले और पूजा समाप्त होने के बाद शंख में जल भरकर पूरे घर में छिड़काव करना चाहिए।
पौराणिक और ऊर्जा आधारित तथ्य: पौराणिक कथाओं के अनुसार, दक्षिणावर्ती शंख समुद्र मंथन से प्राप्त हुए 14 रत्नों में से एक है। इसे मां लक्ष्मी का भाई भी माना जाता है, क्योंकि दोनों की उत्पत्ति एक ही स्थान से हुई है। जिस घर में यह शंख होता है, वहां मां लक्ष्मी स्वयं वास करती हैं। जल छिड़कने से पहले शंख से निकलने वाली ध्वनि और इसका जल वातावरण की सभी नेगेटिव एनर्जी को नष्ट कर देता है। यह शुद्धिकरण का कार्य करता है और मां लक्ष्मी के लिए एक पवित्र, शांत मार्ग तैयार करता है, जिससे घर में धन-धान्य का आगमन स्थायी रूप से होता है।

इन चमत्कारी उपायों को सच्ची श्रद्धा और विधि-विधान से करने पर, धनतेरस की रात मां लक्ष्मी की विशेष कृपा प्राप्त होती है, जिससे न केवल धन की कमी दूर होती है, बल्कि पूरे परिवार के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का प्रकाश फैलता है।
ALSO READ: Diwali 2025: दिवाली में दीये जलाने से पहले उनके नीचे रखें ये 3 चीजें, घर में आकर्षित होगी सुख-समृद्धि
अस्वीकरण (Disclaimer) : सेहत, ब्यूटी केयर, आयुर्वेद, योग, धर्म, ज्योतिष, वास्तु, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार जनरुचि को ध्यान में रखते हुए सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं। इससे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

ज़रूर पढ़ें

जानिए 3 रहस्यमयी बातें: कब से हो रही है शुरू गुप्त नवरात्रि और इसका महत्व

खरमास समाप्त, मांगलिक कार्य प्रारंभ, जानिए विवाह और वाहन खरीदी के शुभ मुहूर्त

मनचाहा फल पाने के लिए गुप्त नवरात्रि में करें ये 5 अचूक उपाय, हर बाधा होगी दूर

हिंदू नववर्ष पर प्रारंभ हो रहा है रौद्र संवत्सर, 5 बातों को लेकर रहे सावधान

सावधान! सच होने वाली है भविष्यवाणी, शनि के कारण कई देशों का बदलने वाला है भूगोल, भयानक होगा युद्ध?

सभी देखें

धर्म संसार

21 January Birthday: आपको 21 जनवरी, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 21 जनवरी 2026: बुधवार का पंचांग और शुभ समय

Vastu Remedies: वास्तु दोष निवारण के सबसे असरदार 5 उपाय

नर्मदा जयंती 2026: कब है, क्यों मनाई जाती है और क्या है इसका धार्मिक महत्व?

27 साल बाद शनि का नक्षत्र परिवर्तन: 17 मई तक किन राशियों को होगा बड़ा लाभ और किसे झेलना पड़ेगा नुकसान?

अगला लेख