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डेंगू दिवस पर जानें 2024 की थीम और सावधानियां

WD Feature Desk
गुरुवार, 16 मई 2024 (15:33 IST)
HIGHLIGHTS
 
• 16 मई को राष्ट्रीय डेंगू दिवस।  
• राष्ट्रीय डेंगू दिवस 2024 की थीम।  
• डेंगू रोग के बारे में सावधानी जानें।  

National Dengue Day : प्रतिवर्ष स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा 16 मई को राष्ट्रीय डेंगू दिवस के रूप में मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य इस रोग की जानकारी के अभाव में हर साल डेंगू बुखार की चपेट में आने से हजारों लोग जान गवां बैठते हैं, इस कारण डेंगू से होने वाली मौतों से बचाना ही इस दिन का मुख्य कार्य हैं।
 
सावधानियां : Precautions 
 
1. सबसे पहले तो डेंगू के लक्षण सामने आने पर डॉक्टर से उचित परामर्श जरूर लें और दवाइयों का सेवन भी उनके अनुसार ही करें।
 
2. हमेशा ध्यान रखें की पानी में गंदगी न होने पाए। लंबे समय तक किसी बर्तन में पानी भरकर न रखें। इससे मच्छर पनपने का खतरा रहता है। इसके लिए जितना हो सके डेंगू से बचाव के लिए सावधानी रखें। 
 
3. जल को हमेशा ढंककर रखें, अन्यथा मच्छर आसानी से इस पानी में अपनी वंशवृद्ध‍ि कर सकते हैं।
 
4. खि‍ड़की, दरवाजे पर मच्छर से बचने वाली जाली लगाएं, जिससे मच्छर अंदर न आ सकें। साथ ही पूरी बांह के कपड़े पहनें।
 
5. यदि कूलर का उपयोग करते हैं तो पानी हर दिन बदलते रहें।  
 
राष्ट्रीय डेंगू दिवस 2024 की थीम :  Theme of National Dengue Day 2024

नेशनल डेंगू दिवस के इतिहास के अनुसार 16 मई को हर वर्ष नेशनल डेंगू दिवस मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य डेंगू जैसी बीमारी के प्रति लोगों में जागरूकता फैलाना है। आपको बता दें की हर साल डेंगू दिवस की अलग-अलग थीम रखी जाती है और वर्ष  2024 में 16 मई,  दिन गुरुवार को मनाए जा रहे राष्ट्रीय डेंगू दिवस की थीम- 'डेंगू रोकथाम : एक सुरक्षित कल के लिए हमारी जिम्मेदारी' ('Dengue prevention: our responsibility for a safe tomorrow') तय की गई है।  
 
अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं हैं।

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