rashifal-2026

World Day Against Child Labour : भारत के 2 राज्य हैं बाल मजदूरों का गढ़

Webdunia

बचपन पूरे जीवन का सबसे अच्छा और सुगम पल होता है। यह ऐसा वक्त होता है जब बच्चों को किसी प्रकार की कोई चिंता नहीं या फिक्र नहीं होती है। जिंदगी का भरपूर आनंद लेने का सबसे अच्छा वक्त होता है। हालांकि कुछ बच्चों के बचपन को बुरी नज़र लग जाती है। लाचारी और गरीबी से त्रस्त बच्चों को बचपन से ही बाल श्रम जैसी समस्या से जुझना पड़ता है। बाल श्रम बच्चों के लिए अभिशाप बन गया है। इस दल - दल से बच्चों को बाहर निकालने के लिए हर साल 12 जून को विश्व बाल श्रम निषेध दिवस मनाया जाता है।  

आइए जानते हैं  कब हुई थी इसकी शुरूआत, बाल मजदूरी से जुड़े क्या नियम है, बाल मजदूरी का क्या है प्रमुख कारण -

कैसे हुई इसकी शुरुआत

विश्व बाल श्रम दिवस हर साल 12 जून को मनाया जाता है। इस दिन की शुरुआत साल 2002 में हुई थी। इंटरनेशनल लेबर ऑर्गेनाइजेशन द्वारा इस दिन की शुरुआत की गई। इसके बाद से हर साल यह दिवस मनाया जा रहा है। बढ़ते बाल श्रम को देखते हुए इस दिन को मनाने का फैसला किया। एक कानून के तहत फैसला लिया गया था कि छोटे बच्चों से काम कराना अपराध की श्रेणी में आएगा।

भारत में बाल श्रम की स्थिति

भारत में बाल श्रम की स्थिति को लेकर कोई स्पष्ट आंकड़ा नहीं है। ऐसे में साल 2011 जनगणना के मुताबिक भारत में 5 से 14 साल तक के 25.96 बच्चों में से 1.01 करोड़ बाल श्रमिक है। और करीब 43 लाख से अधिक बाल मजदूरी करते पाए गए थे। यूनिसेफ के अनुसार यह आंकड़ा दुनिया के बाल मजदूरों का 12 फीसदी भारत का ही है।

- सबसे अधिक बाल श्रमिक अफ्रीका में पाएं गए थे। जहां पर 7.21 करोड़ बच्चे बाल श्रम करते हैं।
- एशिया पैसिफिक में 6.21 करोड़।
- अमेरिका में 1 करोड़ से अधिक बच्चे मजदूरी करते हैं।

भारत के ये 2 राज्य बाल मजदूरों का गढ़

भारत में भी बाल मजदूर बड़ी तादाद में हैं। लेकिन इन 5 राज्यों में सबसे अधिक है। उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, महाराष्ट्र, और मप्र। इन सभी में सबसे अधिक बाल मजदूर यूपी और बिहार में हैं यूपी में 21.5 फीसदी यानी 21.80 फीसदी है और बिहार में 10.7 फीसदी यानी 10.9 बाल मजदूर हैं। वहीं राजस्थान में 8.5 लाख बाल मजदूर है।

"बच्चों को कोविड-19 महामारी से बचाना है"

कोविड महामारी का असर कही न कही इन बाल मजदूरों पर पड़ा है। साल 2020 के दौरान बाल श्रम की थीम यह थी कि बच्चों को कोविड-19 महामारी से बचाना है।

बाल श्रम के मुख्य कारण

- गरीबी
- पैसों की तंगी
- शिक्षा का अभाव
- बेरोजगारी
- अनाथ

भारतीय संविधान में बाल मजदूरी से जुड़े प्रावधान

बाल मजदूरी पर रोक के लिए संविधान, मौलिक अधिकारों और राज्य के विभिन्न अनुच्छेदों के माध्यम से कहा जाता है कि -

- अनुच्छेद 15 (3) के तहत बच्चों के लिए अलग से कानून बनाने का अधिकार है।
- अनुच्छेद 21 - 6 -14 साल के बच्चों के लिए निशुल्क और अनिवार्य शिक्षा का अधिकार है।
- अनुच्छेद 23 - बच्चों के खरीदी-बिक्री पर रोक लगाती है।
- अनुच्छेद 24 - 14 साल से कम आयु के बच्चों को जोखिम भरे काम करने पर प्रतिबंध है।

 

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

जरुर पढ़ें

Winter Health: सर्दियों में रहना है हेल्दी तो अपने खाने में शामिल करें ये 17 चीजें और पाएं अनेक सेहत फायदे

Winter Superfood: सर्दी का सुपरफूड: सरसों का साग और मक्के की रोटी, जानें 7 सेहत के फायदे

Kids Winter Care: सर्दी में कैसे रखें छोटे बच्चों का खयाल, जानें विंटर हेल्थ टिप्स

Winter Recpe: सर्दियों में रहना है हेल्दी तो बनाएं ओट्स और मखाने की स्वादिष्ट चिक्की, मिलेंगे कई सेहत फायदे

Winter Health Tips: सर्दियों में रखना है सेहत का ध्यान तो खाएं ये 5 चीजें

सभी देखें

नवीनतम

Constitution Day 2025: संविधान दिवस आज, जानें इस महत्वपूर्ण दिन के बारे में 10 अनसुनी बातें

फिल्म अभिनेता धर्मेंद्र के लिए श्रद्धांजलि कविता: एक था वीरू

अयोध्या : श्री राम का ध्वजारोहण, सभी अटकलों पर लगा विराम

डायबिटीज के मरीजों में अक्सर पाई जाती है इन 5 विटामिन्स की कमी, जानिए क्यों है खतरनाक

Negative thinking: इन 10 नकारात्मक विचारों से होते हैं 10 भयंकर रोग

अगला लेख