Publish Date: Fri, 20 Feb 2026 (14:53 IST)
Updated Date: Fri, 20 Feb 2026 (14:58 IST)
Gujarat Love Marriage New Rules: गुजरात सरकार ने 'विवाह पंजीकरण अधिनियम-2006' में बड़े बदलाव का प्रस्ताव विधानसभा में पेश किया है। गृह राज्यमंत्री हर्ष संघवी ने बताया कि बेटियों की सुरक्षा और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए ये सख्त सुधार किए गए हैं। अब फर्जी दस्तावेजों या माता-पिता की जानकारी के बिना होने वाले विवाहों पर लगाम लगेगी।
क्या है नया नियम?
यदि कोई प्रेम विवाह (Love Marriage) करना चाहता है और उसका पंजीकरण कराना चाहता है तो तो अब इस प्रक्रिया से गुजरना होगा :
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WhatsApp के जरिए तत्काल सूचना : जैसे ही विवाह पंजीकरण के लिए आवेदन किया जाएगा, उसी मिनट लड़की के माता-पिता को व्हाट्सएप पर शादी का पूरा विवरण भेज दिया जाएगा।
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माता-पिता के दस्तावेज : अब पंजीकरण में केवल दूल्हा-दुल्हन ही नहीं, बल्कि माता-पिता के आधार कार्ड और सही फोन नंबर देना भी अनिवार्य होगा।
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गवाहों की कड़ी जांच : विवाह के समय उपस्थित गवाहों की तस्वीरें और उनके आधार कार्ड की कॉपी जमा करना अनिवार्य कर दिया गया है।
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40 दिन में मिलेगा सर्टिफिकेट : आवेदन करने के बाद सभी दस्तावेजों की गहन जांच होगी और 40वें दिन मैरिज सर्टिफिकेट जारी किया जाएगा।
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दूल्हा-दुल्हन की उपस्थिति अनिवार्य : अब दूल्हा-दुल्हन की अनुपस्थिति में विवाह पंजीकृत नहीं किया जा सकेगा। दोनों को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना होगा।
प्रशासनिक शक्तियों में बदलाव
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अभी तक विवाह पंजीकरण की शक्ति केवल तलाटी (पटवारी) के पास थी, जिसमें अब सुधार किया गया है:
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तलाटी केवल आवेदन स्वीकार करेंगे और दस्तावेजों की जांच करेंगे।
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विवाह पंजीकरण मंजूर करने की अंतिम शक्ति अब तालुका स्तर के वरिष्ठ अधिकारी के पास होगी।
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नोटरी करने वाले वकीलों को भी पक्षकारों की उपस्थिति में ही हस्ताक्षर और मुहर लगानी होगी, अन्यथा सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सरकार का मुख्य उद्देश्य : बेटियों की सुरक्षा
गृहमंत्री हर्ष संघवी ने स्पष्ट किया कि हमें प्रेम से कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन गलत पहचान बताकर (सलीम बनकर सुरेश) बेटियों को फंसाने वाले तत्वों को बख्शा नहीं जाएगा। विवाह के बाद यदि दहेज या संपत्ति के लिए किसी युवती को परेशान किया गया, तो गुजरात पुलिस सख्त कार्रवाई करेगी।
ऑनलाइन पोर्टल की तैयारी
सरकार प्रेम विवाह के पंजीकरण के लिए एक अलग ऑनलाइन पोर्टल शुरू करने जा रही है। इस पोर्टल के माध्यम से पूरी प्रक्रिया पारदर्शी बनेगी और आवेदन को ट्रैक किया जा सकेगा।
सुझाव और आपत्तियां आमंत्रित : वर्तमान में ये नियम प्रस्तावित हैं। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग इन सुधारों पर जनता से सुझाव और आपत्तियां मांगेगा। इसके बाद ही नियमों को अंतिम रूप देकर लागू किया जाएगा।
Edited by: Vrijendra Singh Jhala