rashifal-2026

कविता : आज बांटते हैं.. रोशनी नन्हे दीप की..

ज्योति जैन
poem on deepak
 
न करना था...कर दिया..
बंटवारा इस धरती का...,
वो तुम्हारे पैरों तले जो है..!
पर धरा पर खिले फूलों की 
खुशबू का बंटवारा न कर सके...।
 
बंटवारा माथे ऊपर के आसमान का न कर सके...
तो चांद का ही कर दिया...
तेरा-मेरा करवाचौथ-ईद का चांद....
पर उन पंछियों का न कर सके,...
जो विचरते रहे,दूर क्षितिज तक...।
 
मगर इस बार कोई बंटवारा नहीं ..
हम बांटेंगे  मगर नफरत नहीं..सिर्फ मुहब्बत...
 
तो बांटने की प्रथा को जारी रखते हुए..
आज बांटते हैं.. रोशनी..नन्हे दीप की..
जो जले मेरी देहरी पर,उजाला हो तेरे आंगन में ....
जो जले तेरी देहरी पर,उजाला हो मेरे मन में..
इस तरह जले करोड़ों दीये और उजाला हो..
इस धरा पर,उस गगन में ..
समूची दुनिया के अंजुमन में ..

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

जरुर पढ़ें

Kids Winter Care: सर्दी में कैसे रखें छोटे बच्चों का खयाल, जानें विंटर हेल्थ टिप्स

ठंड में रोज यदि 10 बादाम खाएं तो क्या होता है?

Winter Health: सर्दियों में रहना है हेल्दी तो अपने खाने में शामिल करें ये 17 चीजें और पाएं अनेक सेहत फायदे

जानिए ठंडी हवाओं और रूखे मौसम का बालों पर कैसा असर पड़ता है? सर्दियों में लंबे बालों की देखभाल क्यों है जरूरी?

Kala Jeera: कैसे करें शाही जीरा का सेवन, जानें काले जीरे के 6 फायदे और 5 नुकसान

सभी देखें

नवीनतम

New Year 2026 Recipes: इन 10 खास रेसिपीज से मनाएं नववर्ष 2026, जीवन में आएगी खुशियां

New Year 2026: नव वर्ष में लें जीवन बदलने वाले ये 5 संकल्प, बदल जाएगी आपकी तकदीर

New Year Remedies 2026: नववर्ष 2026 का आगमन, जानें किन 10 खास उपायों से भरेगी खुशियों से झोली

New Year Kids Story: नववर्ष पर बच्चों की प्रेरक कहानी: 'सपनों की उड़ान'

Essay on New Year 2026: नए साल पर हिन्दी में रोचक निबंध

अगला लेख