Festival Posters

कविता : कब समझेगा वह नासमझ राष्ट्र...

डॉ. रामकृष्ण सिंगी
आतंकवादियों की खोज
होती रही सारे जहान में। 
अमेरिका-यूरोप में, अफ्रीका-मिडिल ईस्ट में, ईरान में।। 
इने-गिने कुछ मिले यहां (कश्मीर में), हिन्दुस्तान में। 
बकौल 'सिक्योरिटी काउंसिल' (यू.एन.ओ.)
एक सौ उन्चालिस मिले पाकिस्तान में ।।1।। 
 
कौन समझाए उस नासमझ देश को 
आतंकवाद शेर की सवारी है। 
राष्ट्र की जड़ों को करती खोखला,
यह ऐसी महामारी है ।। 
सीरिया देश की बर्बादी का ताजा-तरीन 
उदाहरण है सामने,
यह कल का दावानल है,
भले ही आज एक चिंगारी है ।।2।। 
 
अपने पड़ोसी देशों के लिए,
भारत तो विकास-मॉडल बनने को अग्रसर है। 
जहां जी.डी.पी. की वृद्धि दर स्थिर,
अपनी सीमाओं में मूल्य-स्तर है। 
छुट-पुट हलचलों के बावजूद 
राजनीतिक चेतना है स्तरीय यहां,
स्वच्छ प्रशासन, परिश्रमी सरकार,
अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा शीर्ष पर है ।।3।। 

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

जरुर पढ़ें

Holi Thandai: ऐसे बनाएं होली पर भांग की ठंडाई, त्योहार का आनंद हो जाएगा दोगुना

Holi Essay: होलाष्टक, होलिका दहन और धुलेंड़ी पर हिन्दी में रोचक निबंध

शक्ति के बिना अधूरे हैं शक्तिमान: नारी शक्ति के 8 स्वर्णिम प्रमाण

हिन्दी कविता : होलिका दहन

होली पर लघुकथा: स्मृति के रंग

सभी देखें

नवीनतम

Holi n Bhang: होली पर चढ़ा भांग का नशा कैसे उतारें, पढ़ें 10 लाभकारी टिप्स

Dhulandi 2026: धुलेंडी पर क्या करें और क्या नहीं, जानिए खास बातें

National Safety Day 2026: राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस क्यों मनाया जाता है?

Happy Holi Wishes 2026: रंगों के त्योहार होली पर अपनों को भेजें ये 10 सबसे मंगलकारी शुभकामनाएं

Holi recipes: रंगों और स्वाद का संगम: होली-धुलेंड़ी पर्व के 5 सबसे बेहतरीन पकवान

अगला लेख