rashifal-2026

कविता : शब्दों का संसार

शम्भू नाथ
इस अज्ञानी के गागर में,
शब्दों का खजाना है।
शब्दों को लिखते-लिखते,
जीवन को संवारा है।
 
शब्दों की माला पिरोकर,
हार बनाया हूं।
उस हार को खुशबू देने,
बहार में आया हूं।
 
शब्दों को लिख-लिखकर,
जो नाम कमाया हूं।
शब्दों ने हमें रहना,
सोना सिखाया है।
 
शब्दों की कलियों ने,
चमन महकाया है।
शब्दों को लिख-लिखकर के,
जो महल बनाया हूं।
 
शब्द हैं प्रीतम के,
दिल की टूटी कहानी।
शब्द हैं भीष्म के,
प्रतिज्ञा की निशानी।
 
शब्दों को लिख-लिखकर के,
संतोष जो पाया हूं।
शब्द ही हैं सपने,
शब्द ही हैं अपने।
 
शब्द हंसाया-रुलाया,
शब्द लगे हम सहने।
शब्द को कविताओं के,
है प्रिय से प्यारे गहने।
 
शब्दों को लिख-लिखकर के,
प्रलय बनाया है।

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

जरुर पढ़ें

सर्दियों में सेहत और स्वाद का खजाना है मक्के की राब, पीने से मिलते हैं ये फायदे, जानें रेसिपी

सर्दियों में रोजाना पिएं ये इम्यूनिटी बूस्टर चाय, फायदे जानकर रह जाएंगे दंग

रूम हीटर के साथ कमरे में पानी की बाल्टी रखना क्यों है जरूरी? जानें क्या है इसके पीछे का साइंस

Winter Superfood: सर्दी का सुपरफूड: सरसों का साग और मक्के की रोटी, जानें 7 सेहत के फायदे

Kids Winter Care: सर्दी में कैसे रखें छोटे बच्चों का खयाल, जानें विंटर हेल्थ टिप्स

सभी देखें

नवीनतम

Makar Sankranti Kite Flying: मकर संक्रांति पर पतंगबाजी का पर्व: एक रंगीन उत्सव, जानें इतिहास, महत्व और प्रभाव

ग्रीनलैंड बन सकता है ट्रंप का अगला शिकार

Pongal Recipes: पोंगल के दिन के लिए 5 सुपर स्वादिष्ट रेसिपी और व्यंजन

Vivekananda Quotes: दुनिया को एक नई दिशा दे सकते हैं स्वामी विवेकानंद के ये 10 अनमोल विचार

Makar Sankranti Essay: मकर संक्रांति पर्व पर रोचक हिन्दी निबंध

अगला लेख