Hanuman Chalisa

16 Shringar : करवाचौथ पर दुल्हन की तरह होना है तैयार तो जान लीजिए ये 16 श्रृंगार

Webdunia
पति पत्नी से जुड़े पर्व, जैसे करवा चौथ, हड़तालीका व्रत, वट सावित्री, मंगला गौरी व्रत आदि व्रत त्योहार में महिलाएं 16 श्रृंगार करती हैं या फिर देवी माता को सोलह श्रृंगार अर्पित किए जाते हैं। सौभाग्य के लिए किए यह श्रृंगार किया जाता है। आओ जानते हैं कि 16 श्रृंगार में क्या क्या किया जाता है।
 
ALSO READ: करवा चौथ की 1 नहीं 4 लोककथाएं हैं, यहां पढ़ें चारों कहानियां एक साथ
1. बिंदी : सुहागिन महिलाओं द्वारा कुमकुम की बिंदी को माथे पर लगाना पवित्र माना जाता है। यह गुरु के बल को बढ़ती है।
 
2. सिंदुर : सिंदुर से मांग भरी जाती है। ऐसा माना जाता है कि इससे पति की आयु वृद्धि होती है।
3. काजल : काजल से आंखों की सुंदरता बढ़ जाती है और इससे मंगलदोष भी दूर होता है।
 
4. मेहंदी : मेहंदी से हाथों की सुंदरता बढ़ती है। मेहंदी लगाना शुभ होता है। कहते हैं कि इससे पति का प्यार मिलता है।
ALSO READ: कुंआरी लड़कियां भी रखती हैं करवा चौथ का व्रत, इन 4 कारणों से, जानिए कैसे रखती हैं ये व्रत
5. चूड़ियां : चूड़ियां सुहाग का प्रतीक है। लाल रंग खुशी का और हरा रंग समृद्धि का प्रतीक है।
 
6. मंगल सूत्र : मंगल सूत्र भी सुहाग का प्रतीक माना जाता है। इसके काले मोती बुरी नजर से बचाते हैं। इसके अलावा गले में नौलखा हार या कहें कि स्वर्णमाला भी पहनते हैं।
 
7. नथ : इसे नथनी भी कहते हैं। नाक में चांदी का तार या लौंग पहना जरूरी होता है। इससे जहां सुंदरता बढ़ती हैं वहं बुध का दोष भी दूर होता है।
 
8. गजरा : इसे वेणी या चूड़ा मणि भी कहते हैं। यह बालों में सुंदरता और सुगंध के लिए लगाया जाता है।
 
9. मांग टीका : यह माथे के बीचोबीच पहना जाता है। यह विवाह के बाद शालीनता और सादगी से जीवन बिताने का प्रतीक है।
ALSO READ: 2021 में कब रखा जाएगा करवा चौथ का व्रत? शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, चांद निकलने का समय और सामग्री सूची
10. झुमके : इसे कुंडल और बाली भी कहते हैं। कानों में स्वर्ण बाली या झुमके पनहने से राहु और केतु का दोष दूर होता है। यह इस बात का भी प्रतीक है कि ससुराल वालों की बुराई करने और सुनने से दूर रहना।
 
11. बाजूबंद : यह सोने या चांदी का सुंदर सा कड़े की आकृति का जेवर रहता है जो बाजू में पहना जाता है। इससे परिवार के धन और समृद्धि की रक्षा होती है।
 
12. कमरबंद : इसे तगड़ी भी कहते हैं। यह कमर में पहना जाता है। यह इस बात का प्रतीक है कि सुहागिन आप अपने घर की मालकिन है। यह साड़ी को संभालकर भी रखता है।
13. बिछिया : इसे बिछुआ भी कहते हैं। यह पैरों के अंगुली में पहनी जाती है। यह सूर्य और शनि के दोष दूर करती है और यह इस बात का प्रतीक भी है कि सुहागिन अब हर समस्याओं का साहस के साथ सामना करेगी।
 
14. पायल : इसे पाजेप भी कहते हैं। पायल और बिछिया दोनों ही चांदी की ही पहनते हैं।
 
15. अंगूठी : विवाह के पूर्व यह मंगनी के दौरान पति अपनी पत्नी को पहनाता है।
 
16. स्नान : श्रृंगारों का प्रथम चरण है स्नान। कोई भी और श्रृंगार करने से पूर्व नियम पूर्वक स्नान करते हैं। स्नान में शिकाकाई, भृंगराज, आंवला, उबटन और अन्य कई सामग्रियां मिलाते हैं। तब वस्त्र धारण करते हैं। दुल्हन हैं तो लाल रंग का लहंगा पहनती है, जिसमें हरे और पीले रंग का उपयोग भी होता।
 
इसके अलावा आजकल नेलपेंट और लिपस्टिक का भी प्रचलन हो चला है। हालांकि पौराणिक समय में और भी कई तरह के 16 श्रृंगार होते थे जिसमें अधरों और नख का रंगना, तांबूल आदि कई और भी श्रृंगार की सामग्री शामिल थी।

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

ज़रूर पढ़ें

Muharram month 2026: मोहर्रम मास का इस्लाम धर्म में महत्व और परंपरा जानें

शुक्र की वृषभ राशि में मंगल का प्रवेश, 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, धन और करियर में मिल सकता है बड़ा लाभ

गुरु का पुष्य नक्षत्र में गोचर, करें ये 5 अचूक उपाय, धन, सुख और अच्छी सेहत का मिलेगा आशीर्वाद

गुरु बदलेंगे चाल, शनि के पुष्य नक्षत्र में होगा प्रवेश; 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, 3 को लग सकता है झटका

मंगल का कृतिका नक्षत्र में प्रवेश: 4 राशियों की किस्मत में होगा बड़ा बदलाव, जानें असर

सभी देखें

धर्म संसार

Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (19 जून, 2026)

19 June Birthday: आपको 19 जून, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 19 जून 2026: शुक्रवार का पंचांग और शुभ समय

बुध की उल्टी चाल शुरू: 29 जून से इन राशियों को मिलेगा लाभ, किन्हें रहना होगा सावधान?

Shrut Panchami 2026: श्रुत पंचमी पर्व क्या है, जैन धर्म में क्यों मनाते हैं?

अगला लेख