suvichar

मजेदार हिंदी बालगीत : हम दादाजी के चमचे हैं...

प्रभुदयाल श्रीवास्तव
Kids Poem
 
धोती हैं, कुरता, गमछे हैं,
हम दादाजी के चमचे हैं।
 
जब छड़ी कहीं गुम जाती है,
वे छड़ी छड़ी चिल्लाते हैं।
हम ढूंढ ढांढ कर फौरन ही
जा उनके हाथ थमाते हैं,
वह बचपन से ही सबके हैं,
हम सब छुटपन से उनके हैं। हम......!
 
ऐनक रखकर के इधर उधर,
वे भूल हमेशा जाते हैं।
जब बहुत देर तक न मिलती,
तो हम सब पर झल्लाते हैं।
हम अगर नहीं सुन पाए तो,
गुस्से में हम पर बमके हैं। हम.....!
 
आदेश हमें जब वे देते,
हम हुकुम बजा कर लाते हैं।
वे भी तो हमको चॉकलेट,
बिस्कुट अक्सर दिलवाते हैं।
मस्ती में पीठ पर हमारी,
वे धौल जमाते जमके हैं। हम......!
 
वे पार कर चुके हैं अस्सी,
चेहरा अब भी पर मुस्काता।
बोली भी ऐसी है प्यारी,
जैसे भौंरा गाना गाता।
जब उम्र पूंछते हैं उनसे,
कहते सोलह से कम के हैं। हम......!
 
(वेबदुनिया पर दिए किसी भी कंटेट के प्रकाशन के लिए लेखक/वेबदुनिया की अनुमति/स्वीकृति आवश्यक है, इसके बिना रचनाओं/लेखों का उपयोग वर्जित है...)

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

जरुर पढ़ें

नमक, थोड़ा ही सही पर हर जगह जरूरी

होली पर लघुकथा: स्मृति के रंग

Holi Essay: होलाष्टक, होलिका दहन और धुलेंड़ी पर हिन्दी में रोचक निबंध

चेहरा पड़ गया है काला और बेजान? सर्दियों में त्वचा को मखमल जैसा कोमल बनाएंगे ये 6 जादुई टिप्स

महंगे सप्लीमेंट्स छोड़ें! किचन में छिपे हैं ये 5 'सुपरफूड्स', जो शरीर को बनाएंगे लोहे जैसा मजबूत

सभी देखें

नवीनतम

Holi Thandai: ऐसे बनाएं होली पर भांग की ठंडाई, त्योहार का आनंद हो जाएगा दोगुना

National Science Day: राष्ट्रीय विज्ञान दिवस कब और क्यों मनाया जाता है?

Holi Essay: होलाष्टक, होलिका दहन और धुलेंड़ी पर हिन्दी में रोचक निबंध

शक्ति के बिना अधूरे हैं शक्तिमान: नारी शक्ति के 8 स्वर्णिम प्रमाण

PM मोदी के इजरायल दौरे में भारत की रक्षा नीति में बड़े बदलाव के संकेत , भारत को हथियार नहीं, तकनीक चाहिए

अगला लेख