suvichar

Chandra Grahan 2026: 3 मार्च को कब से कब तक रहेगा सूतक काल? जानिए सही समय और नियम

WD Feature Desk
मंगलवार, 24 फ़रवरी 2026 (12:40 IST)
Lunar Eclipse 2026: साल 2026 का पहला चंद्र ग्रहण 03 मार्च 2026 दोपहर 3:21 बजे से शुरू होकर शाम 6:46 बजे तक रहेगा। उपच्छाया से पहला स्पर्श- दोपहर 02:16 से प्रारंभ। यह भारत में यह 30 मिनट तक यानी शाम 06:26 से 6:46 तक यह नजर आएगा। 3 मार्च 2026 को लगने वाले इस चंद्र ग्रहण के सूतक काल और उससे जुड़े नियमों की पूरी जानकारी यहाँ दी गई है।
 

सूतक काल का समय (Sutak Timing)

शास्त्रों के अनुसार, चंद्र ग्रहण का सूतक ग्रहण शुरू होने से 9 घंटे पहले शुरू हो जाता है।
सूतक काल प्रारंभ: 3 मार्च 2026, सुबह 06:21 बजे से।
सूतक काल समाप्त: 3 मार्च 2026, शाम 06:46 बजे (ग्रहण खत्म होने के साथ)।
ALSO READ: Blood Moon 2026: साल का पहला चंद्र ग्रहण! इन आसान उपायों से बदलें अपनी किस्मत का सितारा

सूतक और ग्रहण के दौरान क्या न करें (The 'Don'ts')

सूतक काल को एक 'अशुद्ध' समय माना जाता है, इसलिए इन बातों का खास ख्याल रखें:
भोजन से परहेज: सूतक शुरू होने के बाद भारी भोजन न करें। हालांकि, बच्चों, बुजुर्गों और बीमार व्यक्तियों के लिए इसमें छूट होती है।
मूर्ति स्पर्श वर्जित: मंदिरों के पट बंद कर दिए जाते हैं। घर के मंदिर को भी पर्दे से ढंक देना चाहिए और मूर्तियों को छूना नहीं चाहिए।
धारदार वस्तुओं का प्रयोग: कैंची, चाकू या सुई जैसी नुकीली चीजों का इस्तेमाल न करें, खासकर गर्भवती महिलाओं को इससे बचना चाहिए।
नकारात्मक विचार: इस दौरान विवाद, क्रोध या किसी की बुराई करने से बचना चाहिए क्योंकि मानसिक ऊर्जा इस वक्त संवेदनशील होती है।
 

क्या करना है जरूरी (The 'Dos')

ग्रहण के नकारात्मक प्रभाव को कम करने के लिए ये कार्य करें:
कुश या तुलसी के पत्ते: ग्रहण शुरू होने से पहले दूध, दही और बचे हुए खाने में तुलसी के पत्ते या 'कुश' घास डाल दें। इससे भोजन दूषित नहीं होता।
मंत्र जाप: यह समय ध्यान और मंत्र सिद्धि के लिए सर्वश्रेष्ठ है। अपनी राशि के अनुसार बताए गए मंत्रों का मानसिक जाप करते रहें।
ग्रहण के बाद स्नान: ग्रहण समाप्त होते ही पूरे घर में गंगाजल छिड़कें और खुद भी स्नान करें।
दान का महत्व: स्नान के बाद सामर्थ्य अनुसार अनाज, वस्त्र या धन का दान जरूर करें।
 
विशेष नोट: चूंकि यह ग्रहण शाम 6:46 पर समाप्त होगा, इसलिए शुद्धिकरण के बाद ही शाम की पूजा और भोजन करना शुभ रहेगा।

सम्बंधित जानकारी

Show comments

ज़रूर पढ़ें

होलाष्टक के 8 दिनों में किस दिन क्या करें और क्या नहीं?

Dhulandi 2026: धुलेंडी के दिन 5 कार्य जरूर करें तो होगा बड़ा फायदा

शनि ग्रह का उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र में गोचर, 12 राशियों का राशिफल

Holi 2026 Date Confused: 2 मार्च को भद्रा तो 3 को ग्रहण, जानें ज्योतिषाचार्यों के अनुसार कब जलेगी होली?

होलिका दहन और होली का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व, जानें 4 काम की बातें

सभी देखें

नवीनतम

Blood Moon 2026: साल का पहला चंद्र ग्रहण! इन आसान उपायों से बदलें अपनी किस्मत का सितारा

Tortoise Vastu: कौनसा कछुआ देगा शुभ फल तांबे या क्रिस्टल का? जानें अपनी मनोकामना के अनुसार सही कछुआ चुनने का तरीका

Holashtak 2026: होलाष्टक कब शुरू होगा और कब होगा समाप्त, क्या करें और क्या नहीं?

होलाष्टक के 8 दिन क्यों माने जाते हैं अशुभ? जानें 12 राशियों पर क्या पड़ेगा असर

Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (24 फरवरी, 2026)

अगला लेख