Hanuman Chalisa

8 नवंबर 2022 को चंद्र ग्रहण के सूतक काल में क्या करें या न करें?

Webdunia
सोमवार, 7 नवंबर 2022 (18:45 IST)
Lunar eclipse date time and sutak kaal 2022: 8 नवंबर 2022 को कार्तिक पूर्णिमा की शाम को खग्रास चंद्र ग्रहण लगने वाला है इसे खंडग्रास भी कहा जा रहा है क्योंकि कई जगहों पर यह आंशिक रूप से दिखाई देगा। आओ जानते है कि इस ग्रहण का सूतक काल कब लगेगा और क्या करें इस समय और क्या न करें। 
ALSO READ: कल होगा पूर्ण चंद्र ग्रहण, दिखेंगे कुछ शानदार नजारे
चंद्र ग्रहण कब लगेगा | kab lagega chandra grahan: नई दिल्ली टाइम के अनुसार यह ग्रहण चंद्रोदय के समय शाम 5.32 पर प्रारंभ होगा और 6.18 पर समाप्त होगा। इसका मोक्षकाल 7.25 पर रहेगा। यह वर्ष का दूसरा चंद्र ग्रहण है।
 
सूतक काल | chandra grahan ka sutak kaal: इसका सूतक काल सुबह 9.21 बजे प्रारंभ होगा और शाम 6.18 बजे समाप्त होगा। मान्यताओं के अनुसार सूतककाल ग्रहण के 9 घंटे पूर्व प्रारंभ हो जाता है। 
 
क्या करें और क्या न करें सूतक काल में : chandra grahan ke sutak kaal me kya karna chahiye:
 
1. सूतक काल लगने से सूतक काल समाप्त होने तक भोजन ग्रहण नहीं करें।
ALSO READ: 8 नवंबर का चंद्र ग्रहण है बहुत खास, जानिए 7 राज
2. सूतक काल में मंदिर न जाएं और न ही घर में पूजा पाठ करें। 
 
3. सूत काल में गर्भर्वती महिलाएं सावधानी से रहें। घर से बाहर न निकलें।
 
4. चंद्र ग्रहण के सूतक काल के दौरान घर के मंदिर के कपाट बंद कर दें, ताकि देवी-देवताओं पर ग्रहण की काली छाया न पड़ें।
 
5. मंदिर अथवा घर के मंदिर के देवी-देवताओं की मूर्ति को स्पर्श न करें। नैवेद्य या भोजन अर्पि‍त नहीं किया जाता है। 
5. सूतक काल में दातून न करें।
 
6. कठोर वचन बोलने से बचें। 
 
7. बालों व कपड़ों को नहीं निचोड़ें। 
 
8. घोड़ा, हाथी की सवारी न करें। 
ALSO READ: Lunar eclipse: 8 राशियों के लिए अशुभ है इस बार का चंद्र ग्रहण
9. ग्रहण काल में वस्त्र न फाड़ें। कैंची का प्रयोग न करें।
 
10. घास, लकड़ी एवं फूलों को तोड़ने की मनाही है।
 
11. गाय, बकरी एवं भैंस का दूध दोहन न करें। 
 
12. शयन और यात्रा न करें। 
 
13. यदि तीर्थ स्थान का जल न हो तो किसी पात्र में जल लेकर तीर्थों का आवाहन करके सिर सहित स्नान करें, स्नान के बाद बालों को न निचोड़ें। 
 
14. चंद्र ग्रहण के बाद कुछ खास चीजों का दान करने से ग्रहण के दुष्प्रभाव दूर होते हैं तथा जीवन में अचानक होने वाली दुर्घटनाओं से भी बचाव होता हैं।

सम्बंधित जानकारी

Show comments

ज़रूर पढ़ें

2026 का दूसरा सूर्य ग्रहण कब लगेगा? 5 राशियों पर अशुभ असर, 3 की चमकेगी किस्मत, जानें तारीख और उपाय

Nautapa 2026: नौतपा क्या है? जानें इसके कारण और लक्षण

दक्षिण दिशा से जुड़ी ये गलतियां बना सकती हैं कंगाल, जानिए क्या रखें और क्या नहीं

बुधादित्य राजयोग से चमकेगी 4 राशियों की किस्मत, नौकरी-व्यापार में होगा बड़ा लाभ

अपरा एकादशी 2026: कब है तिथि और क्या है इसका धार्मिक महत्व? जानिए सब कुछ

सभी देखें

नवीनतम

15 May Birthday: आपको 15 मई, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 15 मई 2026: शुक्रवार का पंचांग और शुभ समय

गंगा दशहरा पर बन रहा है इस बार दुर्लभ योग संयोग, इस मुहूर्त में करें स्नान और पूजा

बुध का वृषभ राशि में गोचर: इन 2 राशियों के लिए 'रेड अलर्ट', बरतनी होगी विशेष सावधानी

वृषभ संक्रांति 2026: सूर्य के राशि परिवर्तन से 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, मिलेगा बड़ा फायदा

अगला लेख