Hanuman Chalisa

निमाड़ के संत सियाराम बाबा का निधन

वेबदुनिया न्यूज डेस्क
बुधवार, 11 दिसंबर 2024 (08:50 IST)
siyaram baba news in hindi : निमाड़ के संत सियाराम बाबा का बुधवार सुबह मोक्षदा एकादशी पर सुबह 6 बजकर 10 मिनट पर निधन हो गया। नर्मदा के भट्यान तट पर आज शाम 4 बजे उन्हें अंतिम विदाई दी जाएगी। वे पिछले कई दिनों से बीमार चल रहे थे।

संत सियाराम बाबा का आश्रम मध्यप्रदेश में खरगोन जिला मुख्यालय से करीब 65 किलोमीटर दूर भट्यान गांव में नर्मदा किनारे स्थित है। गांव के लोग बाबा से जुड़ी कई चमत्कारिक घटनाएं बताते हैं। बाबा के दर्शनों के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु नर्मदा किनारे स्थित इस गांव में आते हैं। उनके नाम से ही गांव प्रसिद्ध हो चुका है। देश-विदेश से लोग इनके दर्शनों के लिए आते हैं।
 
इंदौर के महापौर पुष्‍यमित्र भार्गव ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा, प्रभु श्रीराम के अनन्य भक्त तथा निमाड़ के सुप्रसिद्ध संत श्री सियाराम बाबा जी के प्रभुमिलन का समाचार अत्यंत दुःखद है। परमपिता परमात्मा दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में विशेष स्थान प्रदान करें तथा उनके समस्त भक्तों को दुःख की इस घड़ी में सम्बल प्रदान करें।
 
<

परमहंस सद्गुरसंत, हनुमान भक्त सियाराम बाबा का आज मोक्षदा एकादशी पर देवलोकगमन हो गया।

श्रद्धेय बाबा जी ने जीवन पर्यंत रामायण का पाठ करते हुए समाज को धर्म, भक्ति और सदाचार का संदेश दिया, उनका सम्पूर्ण जीवन मानवता, धर्म और नर्मदा मैया की सेवा में समर्पित रहा, बाबा जी का निधन देश व… pic.twitter.com/n4CjQDxlll

— हितानंद Hitanand (@HitanandSharma) December 11, 2024 >कड़ाके की ठंड में सिर्फ एक लंगोट : संत बाबा के तन पर कपड़े के नाम पर केवल एक लंगोट होती थी। कड़ाके की ठंड हो, बरसात हो या फिर भीषण गर्मी, बाबा लंगोट के अतिरिक्त कुछ धारण नहीं करते। ग्रामीण बताते हैं कि आज तक उन्होंने बाबा को कभी पूर्ण वस्त्रों में नहीं देखा। श्रद्धालु बताते हैं कि बाबा 10 सालों तक खड़े होकर तप किया था। 
   
हनुमानजी के भक्त : बाबा के बारे में किसी को अधिक जानकारी नहीं है। ग्रामीणों के मुताबिक बाबा हनुमानजी के भक्त हैं। नर्मदा किनारे ही हनुमानजी का एक छोटा-सा मंदिर है, लेकिन किसी विवाद के चलते मंदिर को दीवार से पूरा ढंक दिया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि मंदिर पर दीवार होने के बाद कान लगाने पर भी घंटी की आवाज आती है। ग्रामीण बताते हैं कि बाबा वर्षों पूर्व महाराष्ट्र से नर्मदा किनारे आए थे। 
edited by : Nrapendra Gupta 

सम्बंधित जानकारी

Show comments

जरूर पढ़ें

भोजशाला कमाल मौला मस्जिद नहीं माता वाग्देवी मंदिर, हाईकोर्ट के फैसले की 8 बड़ी बातें

पेट्रोल-डीजल के बाद मोबाइल रिचार्ज भी हो सकता है महंगा, 5G टावरों की बढ़ी लागत से बढ़ी चिंता

720 साल बाद हाईकोर्ट का भोजशाला को हिंद मंदिर बताना सनातन की विजय, बोले गोपाल शर्मा, परिसर में कमाल मौला की मजार अवैध

दूध, सोना, पेट्रोल-डीजल के बाद अब किन चीजों पर लगेगा महंगाई का झटका, क्या कदम उठा रही है मोदी सरकार

UAE पर मोदी के दौरे से भारत को कैसे होगा फायदा? LPG संकट से भी मिलेगी राहत

सभी देखें

नवीनतम

मोदी सरकार का बड़ा फैसला: पेट्रोल निर्यात पर लगा 3 रुपए विंडफॉल टैक्स, डीजल और ATF ड्यूटी में भारी कटौती

Top News 16 May: पेट्रोल पर विंडफॉल टैक्स लगा, NEET पेपर लीक का मास्टरमाइंड गिरफ्तार, नीदरलैंड्स दौरे पर पीएम मोदी

UP में 31 साल की महिला ने 5 दिनों में 4 बच्चों को दिया जन्म, डॉक्टर्स भी हैरान

विदेश यात्रा पर टैक्स लगाने की अफवाहों पर आया सरकार का बयान, PM मोदी ने क्या कहा

CJI सूर्यकांत की बड़ी टिप्पणी, कुछ बेरोजगार युवा ‘कॉकरोच’ की तरह हैं, व्यवस्था पर हमला करते हैं

अगला लेख