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मुसीबत में फंस सकते हैं बल्क में साड़ी, कपड़े खरीदने और बेचने वाले

Webdunia
गुरुवार, 15 नवंबर 2018 (22:48 IST)
इंदौर। मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव 2018 का मतदान 28 नवंबर को होना है, लेकिन इससे पहले कलेक्टर व जिला निर्वाचन अधिकारी निशांत वरवड़े ने आगाह किया है कि बल्क में साड़ी, कपड़े खरीदने वाले लोगों के साथ ही साथ शोरूम मालिक भी मुसीबत में फंस सकते हैं। यदि किसी ने एकसाथ 5 हजार साड़ियां खरीदीं तो उस पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
 
 
चुनाव के पूर्व कलेक्टर निशांत वरवड़े ने गुरुवार को प्रेस क्लब में कहा कि हम विधानसभा चुनाव के मतदान में निष्पक्ष और पारदर्शी प्रक्रिया अपनाते हुए चुनाव आयोग और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पूरी तरह पालन कर रहे हैं। हमने इंदौर के बड़े शोरूम संचालकों को पहले ही पत्र लिखकर आग्रह किया है कि यदि उनके यहां से कोई व्यक्ति बल्क में साड़ियां या कपड़े खरीदता है तो इसकी तत्काल सूचना दें। हम नहीं चाहते कि कोई भी राजनीतिक पार्टी चुनाव में मतदाताओं को ललचाने के लिए कोई गलत तरीका अपनाए।
 
उन्होंने कहा कि हम भी जानते हैं कि शादी-ब्याह के मामले में लोग खरीददारी करते हैं। 500, 200 या 100 साड़ियां खरीदी जा सकती हैं लेकिन यदि एकसाथ 5 हजार साड़ियां खरीदी जा रही हैं तो हम उसे चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन के रूप में देखेंगे। हमने सभी प्रतिष्ठित शोरूम संचालकों के साथ ही साथ मोबाइल, मिक्सी, फ्रिज, वाहन विक्रेताओं को आगाह कर दिया है, जहां बड़ी संख्या में इन्हें खरीदकर मतदाताओं को लुभाया जा सकता है और उन्हें विशेष निर्देश दिए गए हैं कि वे इसकी सूचना दें।
 
जिला निर्वाचन अधिकारी वरवड़े ने यह भी कहा कि कोई व्यक्ति बल्क में चीजों को खरीदने की हमें सूचना देता है तो उसे निश्चित फंड से पुरस्कृत किया जाएगा और जिस जगह से इन्हें खरीदा गया होगा, वहां कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि निष्पक्ष व पारदर्शी मतदान करवाना हमारी चुनौती है और मुझे पूरा विश्वास है कि हम इस पर खरा उतरेंगे।
 
वरवड़े ने कहा कि सोशल मीडिया पर भी हमारी पैनी नजर रहेगी। इसके माध्यम से कोई संदेश बल्क में जारी होता है तो हमारी आईटी प्रोफेशनल्स की टीम यूजर का आईडी पता लगा लेगी और संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई करेगी। उन्होंने कहा कि फेसबुक पर मेरे 500 मित्र हैं और यदि 200 कोई संदेश को लाइक करते हैं तो समझ में आता है लेकिन यदि किसी व्यक्ति के संदेश को एकसाथ 17 हजार या 25 हजार लोग लाइक करने लगें तो यह आचार संहिता के खिलाफ की श्रेणी में आएगा।
 
जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि पुलिस चेकिंग के दौरान किसी को परेशान करने का मकसद नहीं है। मेरे पास कई लोगों की शिकायतें भी आई हैं। इस संदर्भ में मेरा यही कहना है कि जब्ती और जांच हर व्यक्ति की हो सकती है, इसमें कलेक्टर भी शामिल है। बिना कारण के आम आदमी को परेशान नहीं किया जाएगा और संदिग्धों को बख्‍शा भी नहीं जाएगा।
 
इस मौके पर मौजूद इंदौर रेंज के डीआईजी हरिनारायणचारी मिश्रा ने विधानसभा चुनाव की तैयारियों की जानकारी देते हुए बताया कि इंदौर में 9 विधानसभा चुनाव में 3,116 मतदान केंद्र हैं। इनमें से 500 मतदान केंद्र संवेदनशील हैं। मतदान केंद्रों पर पुलिस, एसएएफ के साथ ही अर्द्धसैनिक बलों की तैनाती होगी। इसके लिए सेंट्रल आर्म फोर्स की 20 कंपनियां आएंगी। संवेदनशील केंद्रों पर इनकी नियुक्ति की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि अब तक इंदौर में जांच के दौरान 1 करोड़ 90 लाख की राशि और 350 हथियार जब्त किए गए हैं।

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