Hanuman Chalisa

निर्भया मामला : CJI ने पुनर्विचार याचिका की सुनवाई से खुद को अलग किया, नई पीठ आज करेगी सुनवाई

भाषा
बुधवार, 18 दिसंबर 2019 (07:52 IST)
नई दिल्ली। प्रधान न्यायाधीश (CJI) एसए बोबडे ने दिसंबर 2012 में हुए निर्भया बलात्कार और हत्याकांड में दोषियों की मौत की सजा बरकरार रखने के शीर्ष अदालत के 2017 के फैसले के खिलाफ एक मुजरिम अक्षय कुमार सिंह की पुनर्विचार याचिका पर सुनवाई से मंगलवार को खुद को अलग कर लिया। अब एक नई पीठ इस मामले की आज सुनवाई करेगी।
ALSO READ: निर्भया मामले में पटियाला हाउस कोर्ट में सुनवाई टली, सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार
सुनवाई से सीजेआई के अलग होने के बाद शीर्ष अदालत ने मंगलवार शाम न्यायमूर्ति आर भानुमति, न्यायमूर्ति अशोक भूषण और न्यायमूर्ति एएस बोपन्ना की पीठ गठित की, जो आज सुबह 10.30 बजे मामले के दोषी की पुनर्विचार याचिका पर सुनवाई करेगी।
 
प्रधान न्यायाधीश एसए बोबडे, न्यायमूर्ति आर. भानुमति और न्यायमूर्ति अशोक भूषण की विशेष पीठ ने दोषी अक्षय की पुनर्विचार याचिका पर सुनवाई शुरू होते ही उनके वकील एपी सिंह से कहा कि आधे घंटे के भीतर वे अपनी दलीलें पूरी करें।
 
कुछ मिनट दलीलें सुनने के बाद प्रधान न्यायाधीश बोबडे को इस तथ्य का पता चला कि उनके एक रिश्तेदार इस मामले में पीड़ित की मां की ओर से पहले पेश हो चुके हैं और ऐसी स्थिति में उचित होगा कि कोई अन्य पीठ पुनर्विचार याचिका पर बुधवार को सुबह साढ़े दस बजे विचार करे।
 
पीठ ने अपने आदेश में कहा कि इन मामलों को 18 दिसंबर को दूसरी पीठ के समक्ष सूचीबद्ध किया जाए जिसके सदस्य प्रधान न्यायाधीश नहीं हों। इसी से संबद्ध संजीव कुमार की एक अन्य पुनर्विचार याचिका के बारे में पीठ ने कहा कि वह महिलाओं के प्रति यौन हिंसा से संबंधित मामलों की सुनवाई के संबंध में कुछ कदम उठाएगी। पीठ ने कहा कि हम कल कुछ आदेश पारित करेंगे।
 
इस पर सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि शीर्ष अदालत पहले ही उन जिलों में में त्वरित अदालतें गठित करने का आदेश दे चुकी है जिनमें यौन हिंसा के मामले और पॉक्सो के तहत लंबित मामला एक सौ से ज्यादा है।
 
शीर्ष अदालत ने मंगलवार को अपने प्रशासनिक आदेश में देश में बलात्कार के मामलों के तेजी से निबटारे पर गौर करने के लिए दो न्यायाधीशों- न्यायमूर्ति आर सुभाष रेड्डी और न्यायमूर्ति एमआर शाह- की समिति गठित की है।
 
अक्षय के वकील एपी सिंह ने बहस शुरू करते हुए कहा कि यह मामला राजनीति और मीडिया के दबाव से प्रभावित रहा है और दोषी के साथ घोर अन्याय हो चुका है। अक्षय ने दया का अनुरोध करते हुए दलील दी है कि वैसे भी दिल्ली में बढ़ते वायु और जल प्रदूषण की वजह से जीवन छोटा होता जा रहा है।
 
शीर्ष अदालत ने पिछले साल 9 जुलाई को इस मामले के तीन दोषियों मुकेश, पवन गुप्ता और विनय शर्मा की पुनर्विचार याचिकाएं यह कहते हुए खारिज कर दी थीं कि इनमें 2017 के फैसले पर पुनर्विचार का कोई आधार नहीं है। (भाषा)

सम्बंधित जानकारी

न सीजफायर होगा, न सरेंडर, जंग जारी रहेगी, ट्रंप की धमकी पर ईरान का पलटवार

Donald Trump की धमकी, खत्म होगा भ्रष्टाचार और मौत का दौर, ईश्वर ईरान की रक्षा करे

युद्ध के हालातों के बीच खुशखबरी, LPG सिलेंडर की सप्लाई दोगुनी करने का आदेश

Kharg Island पर अमेरिका और इजराइल के ताबड़तोड़ हमले, ईरान ने भी दी चेतावनी

Manipur में बड़ा बवाल, रॉकेट हमले में 2 बच्चों की मौत, 5 जिलों में इंटरनेट बंद

LIVE: सीजफायर के ऐलान के बाद ईरान में जीत का जश्न

UP में PPP मॉडल पर अब 49 बस स्टेशनों का होगा कायाकल्प

Top News : सीजफायर का बड़ा असर, हार्मुज खुला, तेल कीमतों में भारी गिरावट

ईरान ने ट्रंप के सीजफायर पर लगाई मुहर: 10 सूत्रीय प्रस्ताव पर बातचीत को तैयार, 2 हफ्ते खुला रहेगा हार्मुज

ट्रंप का बड़ा ऐलान: 15 दिन तक ईरान पर नहीं होगा हमला, हार्मुज जलडमरूमध्य खुला

अगला लेख