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कहां से आती है नरेन्द्र मोदी में इतनी ऊर्जा, जानिए उनकी फिटनेस का राज...

Webdunia
शुक्रवार, 25 मई 2018 (16:07 IST)
24 घंटे में से 18 घंटे काम करने वाले मोदी की फिटनेस की दुनिया कायल है। इतना व्यस्त होने पर भी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के चेहरे पर कभी थकान नहीं दिखाई देती और वे जहां भी जाते हैं जोशीले अंदाज में भाषण देकर लोगों को अपना दीवाना बना देते हैं। लोगों में यही उत्सुकता रहती है कि आखिर उनमें इतनी ऊर्जा आती कहां से है? क्या है उनकी इस तरोताजगी का राज?
 
 
मोदी का मानना है कि इंसान नियमित रूप से थोड़ा-बहुत व्यायाम करे और खानपान पर ध्यान रखे तो असीमित ऊर्जा प्राप्त कर सकता है। यदि सिर्फ आधा घंटा योग ही कर ले तो वह खुद को तंदरुस्त रख सकता है। इसमें शर्त यह भी है कि वह व्यसनों से दूर रहे...
 
 
67 साल के नरेंद्र मोदी सुबह चार बजे उठते हैं। बीजेपी के कुछ वरिष्ठ नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दिनचर्या देखी है और कई बार इसके बारे में बताया भी है। 
 
 
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सुबह 4 बजे ही अपना बिस्तर छोड़ देते हैं, फिर वह आधी रात के पहले बिस्तर पर नहीं जाते हैं। सुबह उठने पर वह योग, सूर्य नमस्कार और मेडिटेशन जरूर करते हैं। उन्हें टहलना भी पसंद है, काम में व्यस्त होने पर अगर वे योगा नहीं कर पाते तो थोड़ी देर जरूर टहलते हैं।
 
 
योग के बाद मोदी अदरक वाली चाय पीना पसंद करते हैं। उन्हें उबला और भुना हुआ नाश्ता पसंद है। कई बार वे अपना मनपसंद गुजराती नाश्ता भी करते हैं, जिसमें ढोकला भी शामिल होता है।
 
 
मोदी शाकाहारी भोजन करते है। लंच में गुजराती भाकरी और दाल खिचड़ी उनकी पसंदीदा है। इसके अलावा उनके दिन के भोजन में चावल, दाल, हरी सब्जी और दही शामिल है। वे कई बार बिल्कुल हल्‍का-फुल्‍का खाना पसंद करते हैं जैसे पोहा या इडली।
 
 
दीगर मुल्कों के चाहे राष्ट्राध्यक्ष हों या प्रधानमंत्री, वे जरूरी कामों के साथ ही सैर-सपाटा और मनोरंजन के लिए वक्त निकाल ही लेते हैं लेकिन मोदी दुनिया के एकमात्र ऐसे राजनेता हैं जो कभी छुट्‍टी नहीं लेते इसके बाद भी पूरी दुनिया उनकी चुस्ती-फुर्ती की कायल है।
 
 
एक इंटरव्यू में मोदी ने कहा था कि मुझे दूसरे लोगों की तरह रात को सोने के लिए नींद की गोली नहीं लेनी पड़ती। मैं रात को 12 बजे के आसपास अपने बिस्तर पर जाता हूं और 11वें मिनट में ही नींद के आगोश में चला जाता हूं।
 
 
सुबह साढ़े पांच बजे उठने के बाद फ्रेश होता हूं और फिर आधे घंटे तक योगा करता हूं। योग करने से मेरे सारे तनाव दूर हो जाते हैं। यह क्रम कोई प्रधानमंत्री बनने के बाद से नहीं शुरू हुआ बल्कि बरसों से यही दिनचर्या है। सुबह वे सोशल मीडिया पर सक्रिय रहते हैं। इससे उन्हें दुनियाभर के अपडेट्‍स मिलते हैं। इसके बाद वे जरूरी मेल का खुद जवाब देते हैं और देशहित में कोई जरूरी सुझाव आता है तो उसे आगे फारवर्ड कर देते हैं।
 
 
बीजेपी नेताओं के मुताबिक मोदी रोज कम से कम 18 घंटे काम करते हैं। पीएम खुद भी लंबे घंटों तक काम करते हैं और मंत्रियों से भी ऐसा ही करने को कहते रहते हैं। मोदी हर काम में सख्ती रखते हैं। हर काम की मॉनिटरिंग और फॉलोअप खुद करते हैं। 
 
 
रात के खाने में मोदी दाल, सलाद और उबली हुई सब्जी खाते हैं। वहीं नवरात्रि के पूरे 9 दिनों का व्रत भी रखते हैं और दिन में केवल 1 फल खाते हैं। भाषण के दौरान वे हमेशा तेज आवाज और जोशीले दिखते हैं। इसके लिए वे अपने गले का विशेष ध्यान रखते हैं। गला ठीक रहे इसलिए वे अदरक और मिंट वाली चाय भी पीते हैं।
 
 
बेहद कम सोते हैं मोदी: 2011 के एक इंटरव्यू में मोदी खुद बता चुके हैं कि वो साढ़े तीन घंटे ही सोते हैं। उन्हें कई बार डॉक्टर कह चुके हैं कि कम से कम 5-6 घंटे सोया कीजिए लेकिन मोदी के मुताबिक उन्हें कम सोने की आदत हो गई है। मोदी के मुताबिक बिस्तर पर जाने के 30 सेकंड के अंदर उन्हें नींद आ जाती है।
 

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