Dharma Sangrah

देवी शक्तिपीठ के अनजाने रहस्य,पढ़ें 7 चौंकाने वाली जानकारियां

Webdunia
देवी भागवत के अनुसार शक्तिपीठों की स्थापना के लिए शिव स्वयं भू-लोक में आए थे। दानवों से शक्तिपिंडों की रक्षा के लिए अपने विभिन्न रूद्र अवतारों को जिम्मा दिया। 
 
* यही कारण है कि सभी 52 शक्तिपीठों में आदिशक्ति का मूर्ति स्वरूप नहीं है, इन पीठों में पींडियों की आराधना की जाती है। साथ ही सभी पीठों में शिव रूद्र भैरव के रूपों की भी पूजा होती है। इन पीठों में कुछ तंत्र साधना के मुख्य केंद्र हैं।
 
* वियोग में सती का शव लेकर शिव तांडव करने लगे। तब सती ने स्वयं दर्शन देकर शिव से कहा था कि पृथ्वी में जहां- जहां उनके शरीर के अंग गिरेंगे वहां महाशक्तिपीठों का उदय होगा। 
 
* तांडव के दौरान शिव जब-जब पैर पटकते तब-तब विष्णु ने आगे आकर सुदर्शन चक्र से सती के शव के कई टुकड़े कर दिए। यही अंग शक्तिपीठ के रूप में अस्तित्व में आए।
 
* श्रीलंका में लंका, तिब्बत में मानस और नेपाल में गण्डकी शक्तिपीठ हैं। गण्डकी पीठ को मुक्तिदायिनी माना गया है।
 
* पाकिस्तान के बलूचिस्तान में हिंगलाज शक्तिपीठ 52 पीठों में सबसे दुर्गम पीठ है। जहां पहुंचना आज भी मुश्किल है।
 
* बांग्लादेश में सुगंधा, करतोयाघाट, चट्टल और यशोरेश्वरी शक्तिपीठ हैं। इनमें करतोयाघाट प्रमुख पीठ मानी गई है।
 
* देवी भागवत में जहां 108 और देवी गीता में 72 शक्तिपीठों का जिक्र है। तंत्र चूड़ामणि में 52 शक्तिपीठ बताए गए हैं।

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

ज़रूर पढ़ें

मकर संक्रांति पर बन रहे हैं शुभ योग, 3 राशियों को मिलेगा आशीर्वाद

Magh Maas: माघ माह का महत्व और पौराणिक कथा

न्याय का प्रतीक घंटा: क्यों बजाते हैं घंटी और क्या महत्व है इसका?

Year 2026 predictions: रौद्र संवत्सर में होगा महासंग्राम, अपनी अपनी जगह कर लें सुरक्षित

भविष्य मालिका की भविष्‍यवाणी 2026, 7 दिन और रात का गहरा अंधेरा

सभी देखें

धर्म संसार

06 January Birthday: आपको 6 जनवरी, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 06 जनवरी 2026: मंगलवार का पंचांग और शुभ समय

2700 वर्षों से भारत में रह रहा यह यहूदी कबीला अब क्यों जा रहा है इजराइल?

Vrat And Festival 2026: वर्ष 2026 के प्रमुख व्रत-त्योहार, जानें सालभर की सूची

Paramahansa Yogananda: परमहंस योगानंद कौन थे?

अगला लेख