Hanuman Chalisa

Mahalakshmi Vrata 2025: महालक्ष्मी व्रत कब रखा जाएगा, कब होगा समापन, पूजा का शुभ मुहूर्त और विधि

WD Feature Desk
मंगलवार, 26 अगस्त 2025 (10:55 IST)
Mahalaxmi Puja 2025: इस बार महाराष्ट्र में मनाया जाने वाला 3 दिवसीय ज्येष्ठ गौरी व्रत 31 अगस्त से शुरू हो रहा है। ज्येष्ठा गौरी देवी पार्वती का ही एक रूप हैं, और ज्येष्ठ गौरी आवाहन या पूजा महाराष्ट्र में मनाया जाने वाला एक प्रमुख त्योहार है। 
 
यह त्योहार देवी गौरी को समर्पित होता है, जो धन, समृद्धि और शक्ति का प्रतीक हैं। इस तीन दिवसीय उत्सव में देवी गौरी की मूर्ति घर लाई जाती है (गौरी आवाहन), दूसरे दिन उनकी पूजा-अर्चना की जाती है (गौरी पूजन), और तीसरे दिन मूर्ति का विसर्जन किया जाता है (गौरी विसर्जन)। 
 
इस अवसर पर अनुराधा नक्षत्र में देवी के आगमन का उत्सव उनकी संस्कृतियों के अनुसार प्रतिमाओं या प्रतीकों की स्थापना करके मनाया जाता है। ज्येष्ठा नक्षत्र में गौरी पार्वती की पूजा की जाती है और महानैवेद्य अर्पित किया जाता है। तीसरे दिन, मूल नक्षत्र में गौरी का विसर्जन किया जाता है।
 
वर्ष 2025 में, ज्येष्ठ गौरी आह्वान रविवार, 31 अगस्त, 2025 को है, गौरी पूजा का शुभ मुहूर्त सोमवार, 1 सितंबर, 2025 को सुबह 5:59 बजे से शाम 6:43 बजे तक है।
 
ज्येष्ठ गौरी आह्वान और पूजा 2025:
देवी गौरी का आह्वान रविवार, 31 अगस्त, 2025 को शाम 05.25 मिनट तक किया जाएगा।
पूजा:
देवी गौरी की पूजा सोमवार, 01 सितंबर, 2025 को की जाएगी।
शुभ मुहूर्त:
पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 5:59 बजे से शाम 6:43 बजे तक है।
 
ज्येष्ठ गौरी विसर्जन मंगलवार, 02 सितंबर, 2025 को रात्री 09.50 मिनट तक किया जा सकेगा। 
 
इस तरह 3 दिवसीय ज्येष्ठा गौरी व्रत 31 अगस्त से शुरू होकर 2 सितंबर 2025 को इसका समापन होगा। इसके साथ ही सोलह दिवसीय महालक्ष्मी पर्व भी इस वर्ष 31 अगस्त 2025 से शुरू होकर 14 सितंबर 2025 तक चलेगा। यह व्रत पूरे 16 दिनों तक चलता है और माना जाता है कि इसे करने से घर में सुख-समृद्धि का वास होता है और दरिद्रता दूर होती है। 
 
अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।ALSO READ: संकट हरते, सुख बरसाते, गणपति सबके काम बनाते: बप्पा का स्वागत करिए उमंग के रंगों से भरे इन संदेशों के साथ

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

ज़रूर पढ़ें

2026 का दूसरा चंद्र ग्रहण कब लगेगा? 5 राशियों को रहना होगा बेहद सावधान

ज्योतिषीय भविष्यवाणी: शनि के रेवती नक्षत्र में आते ही बदल सकते हैं देश के हालात

2026 में दुर्लभ संयोग 2 ज्येष्ठ माह, 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, भारत में होंगी 3 बड़ी घटनाएं

2026 का दूसरा सूर्य ग्रहण कब लगेगा? 5 राशियों पर अशुभ असर, 3 की चमकेगी किस्मत, जानें तारीख और उपाय

Nautapa 2026: नौतपा क्या है? जानें इसके कारण और लक्षण

सभी देखें

धर्म संसार

बुध का वृषभ राशि में गोचर: इन 2 राशियों के लिए 'रेड अलर्ट', बरतनी होगी विशेष सावधानी

शनि जयंती 2026: शनिदेव की कृपा प्राप्ति हेतु 6 अनिवार्य अनुष्ठान

वृषभ संक्रांति 2026: सूर्य के राशि परिवर्तन से 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, मिलेगा बड़ा फायदा

Banyan tree worship: वट सावित्री व्रत: बरगद के पेड़ में छिपा है अखंड सौभाग्य का रहस्य, जानें धार्मिक और वैज्ञानिक महत्व

Vat Savitri Vrat 2026: वट सावित्री व्रत के बारे में 10 महत्वपूर्ण बातें, हर महिला को जानना हैं जरूरी

अगला लेख