Biodata Maker

2025 में माघ पूर्णिमा कब है, जानें महत्व, नदी स्नान तथा 5 डुबकी लगाने के फायदे

WD Feature Desk
बुधवार, 5 फ़रवरी 2025 (16:35 IST)
magh purnima snan : वर्ष 2025 में माघ पूर्णिमा 12 फरवरी, दिन बुधवार को मनाई जा रही है। आपको बता दें कि इन दिनों प्रयागराज महाकुंभ जारी है और इस अवसर पर माघ पूर्णिमा के दिन त्रिवेणी पर कुंभ अमृत स्नान होगा। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार माघ पूर्णिमा का स्नान सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है, खासकर जब इसे गंगा नदी में किया जाए। कहा जाता है कि माघ के महीने में गंगा या नदी के जल में डुबकी लगाने से मनुष्य समस्त पापों से मुक्त हो जाता हैं।ALSO READ: माघ पूर्णिमा का स्नान है सबसे महत्वपूर्ण, जानिए गंगा नदी में क्यों लगाना चाहिए 5 डुबकी?
 
आइए यहां जानते हैं माघ पूर्णिमा स्नान तथा नदी में 5 डुबकी लगाने का महत्व:
 
माघ पूर्णिमा स्नान का महत्व: माघ पूर्णिमा के दिन गंगा नदी में स्नान करने से व्यक्ति के सभी पाप धुल जाते हैं और पवित्रता तथा मोक्ष की प्राप्ति होती है। मान्यतानुसार इस दिन भगवान विष्णु गंगा जल में निवास करते हैं, जिससे स्नान करने वाले को उनकी विशेष कृपा प्राप्त होती है। साथ ही माघ नदी स्नान बहुत पुण्य फलदायी माना गया है। अत: माघ पूर्णिमा के दिन गंगा स्नान करने से अश्वमेघ यज्ञ के समान फल प्राप्त होता है। तथा गंगा नदी के जल में स्नान करने से शरीर के कई रोग दूर होते हैं और स्वास्थ्य में सुधार तथा लाभ होता है। यदि आप नदी पर स्नान हेतु नहीं जा पा रहे हैं तो पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान कर सकते हैं।ALSO READ: माघ के महीने में कौन-कौन से त्योहार आते हैं?
 
गंगा नदी में 5 डुबकी लगाने का महत्व: शास्त्रों में गंगा स्नान के दौरान डुबकी लगाने का विशेष महत्व बताया गया है। माघ पूर्णिमा के दिन गंगा में 5 डुबकी लगाने का विशेष महत्व है। इन 5 डुबकियों का संबंध पंच तत्वों से है। मान्यता है कि इन 5 डुबकियों के माध्यम से मनुष्य पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश इन पंच तत्वों के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त करता है।
 
1. पहली डुबकी लगाने से हमारे शरीर की शुद्धि होती है।
 
2. दूसरी डुबकी लगाने से हमारे मन की शुद्धि होती है।
 
3. तीसरी डुबकी लगाने से हमारे कर्मों की शुद्धि होती है।
 
4. चौथी डुबकी लगाने से हमारे विचारों की शुद्धि होती है।
 
5. पांचवीं डुबकी लगाने से हमारी आत्मा की शुद्धि होती है।
 
माघ पूर्णिमा स्नान की विधि:ALSO READ: माघ माह की गुप्त नवरात्रि में किस दिन करें कौनसी देवी की पूजा, जानिए 10 महाविद्याओं का रहस्य
• माघ पूर्णिमा के दिन सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें।
 
• गंगा नदी में स्नान करते समय 'ॐ नमो गंगायै विष्णुपदे संस्थितायै नारायण्यै दशहारायै शुद्धायै नमः' मंत्र का जाप करें।
 
• स्नान के बाद सूर्य देव को अर्घ्य दें।
 
• गंगा स्नान के बाद असहाय तथा गरीबों को दान और दक्षिणा दें। 
 
माघ पूर्णिमा पर गंगा स्नान के फायदे :
1. गंगा नदी पाप मोचनी होने के कारण इसमें स्नान करने से व्यक्ति के सभी पाप धुल जाते हैं।
 
2. माघ पूर्णिमा के दिन गंगा स्नान करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है।
 
3. गंगा नदी के जल में स्नान करने से कई रोग दूर होकर स्वास्थ्य लाभ मिलता है।
 
4. गंगा स्नान करने से मानसिक शांति तथा मन को शांति मिलती है और तनाव कम होता है।
 
5. माघ पूर्णिमा के दिन गंगा स्नान करने से आर्थिक समृद्धि आती है।
 
अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।ALSO READ: Weekly Panchang 2025: नए सप्ताह के सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त, जानें साप्ताहिक कैलेंडर (03 से 09 फरवरी)

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

ज़रूर पढ़ें

मकर संक्रांति पर बन रहे हैं शुभ योग, 3 राशियों को मिलेगा आशीर्वाद

Magh Maas: माघ माह का महत्व और पौराणिक कथा

न्याय का प्रतीक घंटा: क्यों बजाते हैं घंटी और क्या महत्व है इसका?

Year 2026 predictions: रौद्र संवत्सर में होगा महासंग्राम, अपनी अपनी जगह कर लें सुरक्षित

भविष्य मालिका की भविष्‍यवाणी 2026, 7 दिन और रात का गहरा अंधेरा

सभी देखें

धर्म संसार

10 January Birthday: आपको 10 जनवरी, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 10 जनवरी 2026: शनिवार का पंचांग और शुभ समय

शाकंभरी माता की आरती हिंदी– अर्थ, लाभ और पाठ विधि | Shakambari mata ki aarti

Shattila Ekadashi Katha 2026: षटतिला एकादशी की कथा

मकर संक्रांति पर पतंग उड़ाने का तरीका, डोर और कचरी के साथ जानें पतंग के प्रकार

अगला लेख