Hanuman Chalisa

उत्तर रामायण : बहुत ही शक्तिशाली था लवणासुर, जानिए 6 खास बातें

अनिरुद्ध जोशी
सोमवार, 27 अप्रैल 2020 (12:48 IST)
वाल्मीकि कृत रामायण के उत्तर कांड में लवणासुर के वध की कथा का वर्णन मिलता है। लवणासुर एक क्रूर असुर था। आओ जा‍नते हैं उसके संबंध में 6 खास बातें।

1. लवणासुर एक भयंकर असुर था। लवणासुर के पिता का नाम मधु और माता का नाम कुम्भिनी था। कुम्भिनी लंका के राजा रावण की सौतेली बहिन थीं। लवणासुर रावण जैसे स्वभाव का उग्र और अहंकारी असुर था।
 
2. लवणासुर मथुरा से लगभग साढ़े तीन मील दक्षिण-पश्चिम की ओर स्थित रामायण में वर्णित मधुपुरी का राजा था जिसे मधुवन ग्राम कहते हैं। यहां लवणासुर की गुफा है। लवणासुर का वध करके शत्रुघ्न ने मधुपुरी के स्थान पर नई मथुरा नगरी बसाई।
 
3.लवणासुर ने राम के पूर्वज मांधाता यौवनाश्व चक्रवर्ती सूर्यवंशी सम्राट से उनका राज्य छीन लिया था क्योंकि उसके पास भगवान शिव का अमोघ त्रिशूल था।
 
4. लवण भगवान शंकर का उपासक था। अपने मामा रूद्र सम्प्रदाय के आचार्य रावण की परम्परा में वह रूद्र की राक्षकी उपासना में पशुओं, मनुष्यों और ब्राह्मणों की नर बलि देता था। वह वैदिक यज्ञ करने वाले ऋषियों को सताता था। 
 
5.वाल्मीमिक कृत रामायण अनुसार देवताओं की प्रार्थना से श्रीरामचन्द्र जी ने शत्रुघ्न को लवणासुर का वध करने का आदेश देते हैं। शत्रुघ्न युद्ध करने के लिए निकलते हैं तो रास्ते में वह वाल्मीकि और ऋषि च्यवन के आश्रम में रुकते हैं। उसके बाद उनका लवणासुर से युद्ध होता है और वे उसका वध करके कुछ समय वहीं रुककर मथुरा को नए सिरे से बसाते हैं।
 
6. महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले में लोणार सरोवर विश्वप्रसिद्ध है। माना जाता है कि यहां पर लवणासुर का वध किया गया था जिसके कारण इसका नाम लवणासुर सरोवर पड़ा। बाद में यह बिगड़कर 'लोणार' हो गया। लोणार गांव में ही यह सरोवर स्थित है। इस सरोवर को यूनेस्को ने अपनी सूची में शामिल कर रखा है।

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

ज़रूर पढ़ें

शनि-केतु का बड़ा खेल: 25 नवंबर तक इन 5 राशियों पर मेहरबान रहेंगे कर्मफल दाता, बदल जाएगी तकदीर

Surya Gochar 2026: रोहिणी नक्षत्र में आ रहे हैं सूर्य देव, इन 6 राशि वालों के शुरू होंगे अच्छे दिन

नौतपा के साथ एल नीनो का डबल असर, इस बार पड़ेगी भीषण गर्मी और चलेगी खतरनाक लू

राहु का कुंभ में डेरा: 31 अक्टूबर तक इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, आएगा बंपर उछाल

सूर्य और बुध की वृषभ राशि में युति, बुधादित्य योग से 6 राशियों को होगा फायदा

सभी देखें

धर्म संसार

30 May Birthday: आपको 30 मई, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 30 मई 2026: शनिवार का पंचांग और शुभ समय

ओवरथिंकिंग और मानसिक तनाव से थक चुका है दिमाग? आज ही आजमाएं भगवद्गीता के ये 3 लाइफ हैक्स, तुरंत मिलेगी शांति

शनिवार किस देवी या देवता का दिन होता है, क्या करना चाहिए इस दिन?

जून माह में रहेगी ज्येष्ठ माह की 2 एकादशियां, जानिए तिथि, मुहूर्त और पूजा विधि

अगला लेख