Hanuman Chalisa

भादो माह में क्या नहीं खाना चाहिए और क्या करना चाहिए?

WD Feature Desk
शनिवार, 9 अगस्त 2025 (10:55 IST)
Bhadrapada month rituals: भाद्रपद मास, जिसे भादो का महीना भी कहते हैं, हिंदू पंचांग का छठा महीना है। धार्मिक और स्वास्थ्य, दोनों ही दृष्टियों से इस महीने में कुछ खास बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी माना गया है। आइए इस लेख के माध्यम से जानते हैं इस माह क्या न खायें और क्या-क्या करें...ALSO READ: 16 अगस्त को होगी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी, जानें क्यों और कैसे मनाएं?
 
भाद्रपद मास में क्या नहीं खाना चाहिए?
आयुर्वेद और ज्योतिष दोनों में ही भाद्रपद मास में कुछ चीजों का सेवन वर्जित माना गया है, क्योंकि इस महीने में मौसम में बदलाव होता है जिससे पाचन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।
 
• दही और उससे बनी चीजें: भादो के महीने में दही और दही से बने पदार्थों का सेवन नहीं करना चाहिए। मान्यता है कि इससे कफ, सर्दी-जुकाम और गले में खराश जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
 
• गुड़ और शहद: इस माह में गुड़ का सेवन करने से पेट संबंधी बीमारियां और बोलने में दिक्कत हो सकती है। इसी तरह शहद का सेवन भी इस महीने में अच्छा नहीं माना जाता है।
 
• पत्तेदार सब्जियां: सावन की तरह ही भादो में भी पत्तेदार सब्जियां खाने से बचना चाहिए, क्योंकि इनमें नमी के कारण बैक्टीरिया और कीड़े पनप सकते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होते हैं।
 
• अधिक मसालेदार भोजन: इस महीने में ज्यादा मसालेदार, तीखा और तला-भुना खाना खाने से परहेज करना चाहिए, क्योंकि इससे पेट खराब हो सकता है।
 
• मांस-मदिरा: भाद्रपद मास में तामसिक भोजन, जैसे मांस और मदिरा का सेवन पूरी तरह वर्जित माना गया है।
 
भाद्रपद मास में क्या करना चाहिए? यह महीना भक्ति, पूजा और दान-पुण्य के लिए बहुत शुभ माना जाता है: 
 
• भगवान कृष्ण और गणेश जी की पूजा: भाद्रपद मास में भगवान कृष्ण का जन्मोत्सव (जन्माष्टमी) और गणेश चतुर्थी जैसे महत्वपूर्ण पर्व आते हैं। इस पूरे महीने भगवान कृष्ण और गणेश जी की विशेष पूजा-अर्चना करें।
 
• पवित्र नदियों में स्नान: इस माह में पवित्र नदियों में स्नान करने से पापों से मुक्ति मिलती है। अगर नदी में जाना संभव न हो तो घर पर ही नहाने के पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान करें।
 
• मंत्र जाप: इस महीने में 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' और 'ॐ गं गणपतये नमः' जैसे मंत्रों का जाप करना बहुत लाभकारी होता है, जिससे मन को शांति मिलती है।
 
• गौ सेवा और दान: इस महीने में गौ सेवा का विशेष महत्व है। गायों को हरा चारा खिलाने और उनकी देखभाल करने से पुण्य की प्राप्ति होती है। साथ ही, जरूरतमंदों को अन्न और वस्त्र का दान करना भी शुभ माना जाता है।
 
• भगवत गीता का पाठ: भाद्रपद मास में श्रीमद् भगवत गीता का पाठ करने से आत्मबल बढ़ता है और जीवन में सही दिशा मिलती है।
 
अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।ALSO READ: भाद्रपद मास कब से कब तक रहेगा, जानिए इस माह के व्रत त्योहारों की लिस्ट
 

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

ज़रूर पढ़ें

क्या भारत में बना था ईसा मसीह के कफन का कपड़ा? DNA रिपोर्ट में हुआ बड़ा खुलासा

April Monthly Horoscope 2026: अप्रैल 2026 मासिक राशिफल: जानिए कैसे बदलेंगे आपके जीवन के हालात इस महीने

मंगल का मीन राशि में गोचर: जानें 12 राशियों पर क्या होगा असर

मंगल-शनि की युति से बनेगा ज्वालामुखी योग, दुनिया में हो सकती हैं ये 5 बड़ी घटनाएं

यहूदी, ईसाई और मुस्लिम धर्म की भविष्‍वाणी: क्या यही है 'कयामत' की लड़ाई?

सभी देखें

धर्म संसार

04 April Birthday: आपको 04 अप्रैल, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 4 अप्रैल 2026: शनिवार का पंचांग और शुभ समय

Vaishakh maas 2026: वैशाख मास प्रारंभ, जानें इस विशेष माह की 10 खास बातें

रौद्र संवत्सर 2083: इन राशियों की चमकेगी किस्मत, मिलेगा धन-सफलता का योग

अक्षय तृतीया 2026 कब है- 19 या 20 अप्रैल? तिथि को लेकर कंफ्यूजन का जानिए सही जवाब

अगला लेख