suvichar

धनु संक्रांति के दिन करें ये 5 कार्य, मिलेगा संकटों से मुक्ति का आशीर्वाद

WD Feature Desk
मंगलवार, 16 दिसंबर 2025 (08:31 IST)
Dhanu Sankranti 2025: धनु संक्रांति का दिन ज्योतिष और धार्मिक दृष्टिकोण से बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन किए गए धार्मिक कार्यों का फल कई गुना अधिक मिलता है। यहाँ धनु संक्रांति के दिन किए जाने वाले प्रमुख धार्मिक कार्य और उनका महत्व दिया गया है।
 
1. पवित्र स्नान (स्नान):- संक्रांति के दिन पवित्र नदी (जैसे गंगा, यमुना, या अन्य पवित्र जल स्रोत) में स्नान करना अत्यंत शुभ माना जाता है। यदि नदी संभव न हो, तो घर पर ही जल में गंगाजल मिलाकर स्नान करना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि इस स्नान से सभी पापों का नाश होता है और व्यक्ति को शारीरिक तथा आध्यात्मिक शुद्धि प्राप्त होती है।
 
2. दान और पुण्य (दान): धनु संक्रांति पर अन्न, वस्त्र, कंबल, गुड़, तिल और घी का दान करना सबसे शुभ माना जाता है। चूंकि धनु राशि के स्वामी बृहस्पति हैं, इसलिए पीली वस्तुओं (जैसे चने की दाल, हल्दी, पीले वस्त्र) का दान करना विशेष फलदायी होता है। दान हमेशा किसी गरीब, जरूरतमंद व्यक्ति या ब्राह्मण को देना चाहिए। दान करने से कुंडली में सूर्य और बृहस्पति दोनों की स्थिति मजबूत होती है, जिससे मान-सम्मान, भाग्य और समृद्धि में वृद्धि होती है।
 
3. सूर्य और बृहस्पति की पूजा (पूजा): 
सूर्य पूजा:
इस दिन सूर्यदेव को अर्घ्य देना अनिवार्य है। तांबे के पात्र में जल लेकर उसमें लाल चंदन, लाल फूल और अक्षत डालकर सूर्य को 'ॐ सूर्याय नमः' मंत्र के साथ अर्पित करें।
 
बृहस्पति पूजा: चूँकि सूर्य देव गुरु (बृहस्पति) की राशि में प्रवेश कर रहे हैं, इसलिए भगवान विष्णु की पूजा (जो बृहस्पति के अधिपति देव हैं) करना अत्यंत शुभ होता है। विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ या 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' का जाप करें।
 
4. सत्यनारायण कथा और अनुष्ठान: इस दिन बहुत से लोग भगवान सत्यनारायण की कथा का आयोजन करते हैं। यह कथा घर में सुख-समृद्धि, शांति और सकारात्मकता लाने के लिए बहुत शुभ मानी जाती है।
 
5. खरमास (मलमास) का नियम: धनु संक्रांति के साथ ही एक महीने के लिए 'खरमास' या 'मलमास' की शुरुआत हो जाती है। इस पूरे महीने धार्मिक अनुष्ठान, दान-पुण्य, मंत्र जाप और तीर्थ यात्राएँ करना बहुत शुभ माना जाता है। खरमास में सभी प्रकार के मांगलिक कार्य (जैसे विवाह, मुंडन, गृह प्रवेश, नई दुकान का उद्घाटन) वर्जित माने जाते हैं। ऐसा माना जाता है कि सूर्य के कमजोर होने के कारण इन कार्यों में पूर्ण फल की प्राप्ति नहीं होती। 

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

ज़रूर पढ़ें

Holi puja remedies 2026: होलिका दहन के दिन करें मात्र 5 उपाय, संपूर्ण वर्ष रहेगा शुभ

कब तक पीएम रहेंगे नरेंद्र मोदी? इस भविष्यवाणी ने उड़ाई सबकी नींद, जानें वो 3 बड़ी बातें

होली पर गुलाल गोटा की परंपरा कहां से आई? मुस्लिम कारीगरों से क्या है इसका रिश्ता

चंद्र ग्रहण के दिन भारत में कहां-कहां दिखेगा ग्रहण? जानिए पूरी लिस्ट

काशी में होली की अनोखी शुरुआत: मसान होली सहित जानिए 5 चौंकाने वाली परंपराएं

सभी देखें

धर्म संसार

Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (04 मार्च, 2026)

साल 2026 का अगला चंद्र ग्रहण कब होगा?

Israel iran war: ब्लड मून के बाद रौद्र संवत्सर, नरसंहार का साल होगा शुरू, 5 घटनाओं को रोकना मुश्किल

04 March Birthday: आपको 04 मार्च, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 4 मार्च 2026: बुधवार का पंचांग और शुभ समय

अगला लेख