दर्श अमावस्या के दिन 16 दीप जलाएं, जानिए 10 उपाय

Webdunia
बुधवार, 6 अक्टूबर 2021 (12:16 IST)
सर्वपितृ अमावस्या को दर्श अमावस्या भी कहते हैं। आज के दिन‍ पितरों के लिए 16 दीपक लगाने की परंपरा है। आओ जानते हैं कि क्यों पितरों के लिए दीपक जलाते हैं।
 
1. इस दिन कु‍तुप काल में और संध्या के समय दीपक जलाएं। दीपक की रोशनी में पितरों को आने-जाने का रास्ता दिखाएं। इसे पितृ प्रसन्न होते हैं।
 
2. दीप जलाकर पूड़ी व अन्य मिष्ठान उचित स्थान पर रखें। ऐसा इसलिए करना चाहिए ताकि पितृगण भूखे न जाएं। पितृ तृप्त होकर आशीर्वाद देते हैं। 
 
2. इस दिन खासकर दक्षिण दिशा में दीपक जलाना चाहिए। दीप दान के लिए सूर्यास्त के बाद घर की दक्षिण दिशा में तिल के तेल के 16 दीपक जलाएं।
 
4. मान्यता है कि सर्वपितृ अमावस्या पर सभी पितर आपके द्वार पर उपस्थित हो जाते हैं। इसके बाद वे सभी पितृ लोक लौट जाते हैं।
 
5. इस तरह पितरों को सम्मानपूर्वक भेजने पर वे संतुष्ट होकर जाते हैं और अपने बच्चों को आशीर्वाद देते हैं। जिससे परिवार में सुख समृद्धि और खुशियां आती हैं।
 
6. पितरों के निमित्त दीपदान करने से उन्हें सद्भगति मिलती है। अकाल मृत्यु से बचने के लिए भी करते हैं दीपदान।
 
7. इस दिन कर्पूर जलाने से देवदोष और पितृदोष समाप्त हो जाता है। गुड़ और घी के मिश्रण को कंडे (उपले) पर चलाने से भी देव और पितृदोष दूर होते हैं।
 
8. परिवार के सभी सदस्यों से बराबर मात्रा में सिक्के इकट्ठे करके उन्हें मंदिर में दान करें। मतलब यह कि यदि आप अपनी जेब से 10 का सिक्का ले रहे हैं तो घर के अन्य सभी सदस्यों से भी 10-10 के सिक्के एकत्रित करने उसे मंदिर में दान कर दें। यदि आपके दादाजी हैं तो उनके साथ जाकर दान करें। यह दान गुरुवार को करें।
 
9. पीपल या बरगद के वृक्ष में जल चढ़ाते रहना चाहिए। केसर का तिलक लगाते रहना चाहिए। विष्णु भगवान के मंत्र जाप, श्रीमद्‍भागवत गीता का पाठ करने से पितृदोष चला जाता है।
 
10. इस दिन पिंडदान, तर्पण, पंचबलि कर्म, ब्राह्मण भोज, घृत मिश्रित खीर का दान और सीधा दान देने से पितृ प्रसन्न होकर आशीर्वाद देने हैं और घर में सुख, शांति, समृद्धि बनी रहती है।
 

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

ज़रूर पढ़ें

हिंदू नववर्ष गुड़ी पड़वा पर बन रहे हैं कई शुभ योग, जानिए कौन होगा वर्ष का राजा

हिंदू नववर्ष पर घर के सामने क्यों बांधी जाती है गुड़ी?

ईद मुबारक 2025: अपने करीबियों को भेजें ये 20 दिल को छू लेने वाली शुभकामनाएं

चैत्र नवरात्रि 2025: नवरात्रि के पहले दिन भूलकर भी न करें ये 10 काम, बढ़ सकती हैं परेशानियां

चैत्र नवरात्रि पर घट स्थापना और कलश स्थापना क्यों करते हैं?

सभी देखें

धर्म संसार

चैत्र नवरात्रि और शारदीय नवरात्रि कैसे मनाते हैं, जानें 5 प्रमुख बातें

गुड़ी पड़वा से शुरू हो रही है 8 दिन की चैत्र नवरात्रि, हाथी पर सवार होकर आएंगी माता रानी, जानिए फल

नवरात्रि की प्रथम देवी मां शैलपुत्री की कथा

नवरात्रि की दूसरी देवी मां ब्रह्मचारिणी की कथा

चैत्र नवरात्रि 30 मार्च से, कैसे करें देवी आराधना, जानें घट स्थापना के मुहूर्त

अगला लेख