suvichar

धर्म रक्षक गुरु गोविंद सिंह की 5 खास बातें

WD Feature Desk
शुक्रवार, 3 जनवरी 2025 (12:05 IST)
1. Guru Govind Singh jee: गुरु गोविंद/गोबिन्द सिंह सिखों के दसवें गुरु थे। उनका जन्म 1666 में पौष सुदी सप्तम के दिन 9वें सिख गुरु, गुरु तेग बहादुर जी और माता गुजरी के घर पटना में हुआ था। आपका बचपन का नाम गोबिंद राय था। मान्यतानुसार मात्र 10 वर्ष की उम्र में ही गुरु गोविंद सिंह ही सिख धर्म के दसवें गुरु बने थे।
 
HIGHLIGHTS
  • गुरु गोबिंद सिंह जी के कितने साहिबजादे थे?
  • गुरु श्री गोविंद सिंह जी की जीवनी जानें।
  • सिख धर्म के 10वें गुरु के बारे में जानें 5 बातें।
2. गुरु श्री गोविंद सिंह जी एक निडर तथा निर्भीक योद्धा, आध्यात्मिक नेता, महान लेखक, दार्शनिक, संगीत के पारखी, प्रख्यात कवि तथा युद्ध कौशल में महारथी थे। उनके जीवनसाथी का नाम माता जीतो, माता सुंदरी, माता साहिब देवां था तथा अजीत सिंह, जुझार सिंह, जोरावर सिंह और फतेह सिंह उनके बच्चे थे।ALSO READ: गुरु गोविंद सिंह जी की जयंती कब है?
 
3. एक महान पिता के रूप में भी सिखों के दसवें गुरु, गुरु गोविंद सिंह जी को जाना जाता है, जिन्होंने खुद अपने हाथों से बेटों को शस्त्र देकर कहा कि, 'मैदान में जाओ, दुश्मन का सामना करो और शहीदी जाम को पिओ।' वे इतने महान थे कि उन्होंने देश की अस्मिता तथा विरासत की रक्षा के लिए समाज को नए सिरे से तैयार करने का बीड़ा उठाया तथा खालसा के सृजन का मार्ग जीवन में उतारकर खालसा पंथ के संस्थापक तथा प्रथम सेनापति बने थे। उन्होंने धर्म की रक्षा हेतु मुगलों के साथ 14 युद्ध लड़े। 
 
4. गुरु गोविंद सिंह जी का धर्म सिख था, उनके चार साहिबजादे के पीछे एक कहानी प्रचलित है, जिसका अर्थ है 'चार प्यारे', अर्थात् दृढ़ विश्वास, निडरता, साहस और अंतिम बलिदान, जिसके जरिये उन्होंने भारतीय इतिहास पर उन्होंने अपनी एक अमिट छाप छोड़ी है। कहा जाता है कि उन्हें देवी मां ने यह वरदान दिया था कि 'तुम्हारी विजय होगी और धरती पर तुम्हारा पंथ सदैव चलता रहेगा।' 
 
5. गुरु गोविद सिंह जी का निधन 07 अक्टूबर 1708 को नांदेड़ (महाराष्ट्र) में हुआ था तथा उन्होंने अपना उत्तराधिकारी गुरु ग्रंथ साहिब को बनाया था तथा इस पवित्र ग्रंथ को शाश्वत गुरु घोषित किया। सिख समुदाय में उनकी जयंती के शुभ अवसर पर गुरुद्वारों में कई तरह के विशेष कार्यक्रम तथा लंगर का आयोजन किया जाता है। 
 
अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।

ALSO READ: नए वर्ष में ज्ञान को अपना मार्गदर्शक बनाएं : गुरुदेव श्री श्री रवि शंकर

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

ज़रूर पढ़ें

Rangpanchami 2026: रंगपंचमी कैसे मनाएं, जानिए 5 खास बातें

Rang Panchami 2026: रंगपंचमी का महत्व और कथा

शक्ति के बिना अधूरे हैं शक्तिमान: नारी शक्ति के 8 स्वर्णिम प्रमाण

शुक्र का गुरु की राशि मीन में गोचर: 12 राशियों की किस्मत बदलेगी, जानिए पूरा राशिफल

क्या भारत को भी युद्ध में धकेलेगा खग्रास चंद्र ग्रहण, क्या कहते हैं ग्रह गोचर

सभी देखें

धर्म संसार

08 March Birthday: आपको 8 मार्च, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 8 मार्च 2026: रविवार का पंचांग और शुभ समय

Horoscope for the week: नए हफ्ते का साप्ताहिक राशिफल, जानें 9 से 15 मार्च 2026 तक

ग्रहों के बदलाव से 19 मार्च के बाद 5 राशियों का जीवन पूरी तरह से बदल जाएगा

शीतला अष्टमी पर क्यों खाया जाता है बासी खाना? जानिए इसके पीछे की धार्मिक मान्यता

अगला लेख