Dharma Sangrah

मनरेगा कन्वर्जेंस में बजट का 40 फीसदी खर्च, काम सिर्फ 5 प्रतिशत ही हुआ

Webdunia
गुरुवार, 19 नवंबर 2020 (11:45 IST)
हमीरपुर। उत्तरप्रदेश के हमीरपुर जिले में मनरेगा कन्वर्जेंस में वन विभाग ने बजट की 40 फीसदी धनराशि खर्च कर ली है, मगर 8 माह व्यतीत हो जाने के बावजूद लक्ष्य से 5 फीसदी काम हो पाया है। विभाग द्वारा प्रस्तावित 73 कार्यों में से 49 की तो शुरुआत ही नहीं हुई है।
 
जिला ग्राम्य विकास अभिकरण (डीआरडीए) के परियोजना निदेशक (पीडी) चित्रसेन सिंह ने बताया कि वन विभाग ने 73 कामों का प्रस्ताव दिया था और श्रमांश में 360.65 लाख और सामग्री में 65.51 लाख रुपए का बजट आवंटित किया गया था। इसके लिए शासन ने 1,96,729 मानव दिवस सृजन करने का लक्ष्य रखा था यानी इतने दिन काम बजट के अनुसार कराना है ताकि स्थानीय मजदूरों को लाभ मिल सके।
ALSO READ: UP : जनता का आक्रोश 2022 में परिवर्तन पर मुहर लगाएगा : अखिलेश यादव
विभाग ने 24 कार्यों की शुरुआत की है जिसमें बंधी बांधना, चेकडैम बनाना, वृक्षों को लगाना आदि कई काम प्रस्ताव में शामिल किए गए हैं। पीडी ने बताया कि विभाग ने कई काम ऐसे काम शामिल किए हैं, जो पहले कराए जा चुके हैं। शासन के आदेश हैं कि सभी कामों की शुरुआत की जाए, मगर विभाग ने 49 कामों की शुरुआत ही नहीं की है जिससे मजदूरों को काम नहीं मिल पा रहा है।
 
वनाधिकारी नरेंद्र सिंह का कहना है कि धीरे-धीरे कामों की शुरुआत की जा रही है। विभाग ने 80.25 लाख रुपए खर्च कर दिए हैं, मगर मानव दिवस यानी कामों की संख्या बहुत ही कम हुई है। इसी प्रकार विभाग को सामग्री में 65.51 लाख खर्च करना था, मगर इस मद में एक भी धेला नहीं खर्च किया गया है जिससे विभाग की कार्यप्रणाली में प्रश्नचिन्ह लगता जा रहा है।
 
विभाग ने दावा किया है कि अभी तक कुल मिलाकर 250 श्रमिकों को काम में लगाया गया है जबकि रोजाना एक हजार से अधिक श्रमिकों को काम में लग जाना चाहिए, मगर ऐसा नहीं हो रहा है जिससे मजदूर इधर-उधर भटकने को मजबूर हैं। श्रमिकों को काम न मिल पाने के कारण श्रमिक लगातार गैर प्रांतों को पलायन करते जा रहे हैं।
 
सीडीओ कमलेश कुमार वैश्य का कहना है कि इस मामले की समीक्षा की जाएगी और ज्यादा से ज्यादा मजदूरों को काम देने के लिए वन विभाग को कहा जाएगा। भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष निरंजन सिंह राजपूत का कहना है कि श्रमिक रोजाना विभाग के चक्कर लगाते रहते हैं, मगर कोई काम नहीं मिल पा रहा है जिससे लोग परेशान हैं। (वार्ता)

सम्बंधित जानकारी

Show comments

जरूर पढ़ें

silver prices : चांदी के बाजार में 'ब्लैक थर्सडे, 16% तक टूटी कीमतें, क्या Safe haven से उठा निवेशकों का विश्वास

PM of India : आईना देख लिया तो अपनी सच्चाई कहां छिपाओगे, राहुल-ममता पर Rajya Sabha में PM Modi ने साधा निशाना

Ola, Uber, Rapido से कैसे सस्ती रहेगी Bharat Taxi, जानिए पूरी जानकारी

लोकसभा हंगामे पर स्पीकर ओम बिरला का खुलासा: पीएम मोदी को सदन आने से किया था मना

राज्यसभा में नड्डा vs खरगे टकराव: ‘अबोध बालक’ टिप्पणी से बढ़ा सियासी संग्राम

सभी देखें

नवीनतम

Jeffrey Epstein scandal : एपस्टीन के पीड़ितों से ब्रिटिश PM कीर स्टार्मर ने क्यों मांगी माफी, क्या डोनाल्ड ट्रंप को मिल गई क्लीन चिट

गद्दार और कब्र खुदेगी बयान, PM Narendra Modi ने Congress को घेरा तो क्या बोले राहुल गांधी

यूपी में 6 से 13 फरवरी तक चलेगा दिव्यांगजन रोजगार अभियान 2.0

यूपी के गांव हो रहे हाईटेक, प्लास्टिक कचरे से बनाई 75 किमी लंबी सड़क

यूपी की पहली इंटरनेशनल फिल्म सिटी में होगी ‘मॉम-2’ की शूटिंग

अगला लेख