suvichar

घर पर इको फ्रेंडली गणेशजी इन 5 तरीकों से भी बनाए जा सकते हैं

Webdunia
गणेश चतुर्थी आने वाली है और गणेश स्थापना की तैयारियां जोरों पर है। इन दिनों ज्यादातर लोग इको फ्रेंडली गणपतिजी की स्थापना को प्राथमिकता दे रहे हैं। क्ले और प्लास्टिक पेंट वाली मूर्तियां विसर्जन के बाद पानी में घुल नहीं पाती हैं, जिससे पानी में रहने वाले जीवों को नुकसान पहुंचता है। बाजार में कई प्रकार और डिजाइन  वाली इको फ्रेंडली गणपतिजी की मूर्तियां आपको मिल जाएंगी, लेकिन यदि आप चाहें तो घर पर भी इको फ्रेंडली गणपतिजी तैयार कर सकते हैं।
 
वैसे तो जब इको फ्रेंडली गणपतिजी की बात आती है, तो दिमाग में मिट्टी की मूर्ति ही सामने आती है, क्योंकि  यह विसर्जन के बाद पानी में आसानी से घुल जाती है, साथ ही पानी के जीवों को भी कोई नुकसान नहीं  पहुंचता। इको फ्रेंडली गणपतिजी तैयार करने का सिर्फ यही एक तरीका नहीं है।
 
आइए, आपको बताते हैं इको फ्रेंडली गणपती बनानने के 5 आसान तरीके:
 
1. इको फ्रेंडली गोबर के गणपती- गाय के गोबर को हमारे धर्म में पवित्र माना गया है। आप इससे गणपति जी की प्रतिमा तैयार कर सकते है। इसे विसर्जित करने से पानी दूषित नहीं होगा।
 
2. आप फूलों और रांगोली से गणपति जी बना सकते हैं। पानी में बहाए फूल जब मिट्टी के साथ मिलेंगे तो नए पौधे बन जाएंगे और पत्तियां खाद बन जाएंगी।
 
3. आप चॉकलेट से गणपति जी भी बना सकते हैं। चॉकलेट से इन दिनों खाने के आलावा कई डेकोरेटिव चीजें भी बनाई जा रही हैं जिन्हें फाफि पसंद भी किया जा रहा है। यह भी विसर्जन के बाद पानी को दूषित नहीं करेगी।
 
4. आप मावा, फिशफूड व आटा मिलाकर भी गणपति जी भी बना सकते हैं। आप चाहे तो केवल आटे के गणपति जी भी बना सकते हैं। विसर्जन के बाद ये जिवों का खाना बन जाएगा।
 
5. चावल के गणपति जी, साफ किए हुए चावल लें, उन्हें एक चौकी पर बिछा दें और गणपती का आकार दें। आप इस आकृति की भी पूजा कर सकते हैं। विसर्जन के समय इन्हें हाथ से इकठ्ठा करके पानी में बहा दें।

ALSO READ: गणेश स्थापना से पहले, घर के इन कोनों को जरूर करें साफ...

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

जरुर पढ़ें

गर्मियों में आइस एप्पल खाने के फायदे, जानें क्यों कहलाता है सुपरफ्रूट

आम का रस और कैरी पना, दोनों साथ में पीने से क्या होता है?

गर्मी के दिनों में फैशन में हैं यह कपड़े, आप भी ट्राय करना ना भूलें

क्या गर्मियों में आइसक्रीम खाना बढ़ा सकता है अस्थमा का खतरा?

कैंसर शरीर में कैसे फैलता है? जर्मन रिसर्च टीम ने किया नया खुलासा

सभी देखें

नवीनतम

सृष्टि का आनंद बनाम आनंद की सृष्टि!

23 मार्च शहीदी दिवस: इंकलाब के तीन सूरज: जब फांसी के फंदे भी चूम लिए गए

भारतीय न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. वरुण जर्मन पुरस्कार से सम्मानित

चहक रहा है चूल्हा

परिंदे नहीं जानते कि उनकी मौत किसी सरकारी फाइल में दर्ज नहीं होगी

अगला लेख