rashifal-2026

महिला दिवस पर कविता : नारी

Webdunia
International Womens Day

 
- राजश्री कासलीवाल
 
नारी का गुणगान ना आंको भैया
नारी तो बस नारी है।
 
अनंत काल से आज तक
नारी ही रही है
जिसने हर
कठिन समय में भी
कंधे से कंधा मिला
दिया पुरुषों का साथ।
 
फिर भी पुरुषप्रधान
इस देश में ना
मिल सका
नारी को मान...
नारी तो बस नारी है।
 
प्यार और दुलार की मूर्ति नारी
ममता की मूर्ति है न्यारी
बच्चों से लेकर बूढ़ों तक
सभी को संवारती है
यह नारी।
 
कभी सास तो कभी बहू
कभी बेटी तो कभी मां
बनकर हर उम्मीद पर
खरी उतरती है नारी।
 
नारी तो बस नारी है
उसकी महिमा जो
समझ जाएं
वह इस दुनिया से तर जाएं
 
नारी का सम्मान करो
उसे भी उड़ने दो
गगन में अपनी स्वतंत्रता से
और फिर देखो
नारी का असली रूप
 
जो कभी दुर्गा, तो कभी सरस्वती
कभी लक्ष्मीबाई तो कभी काली 
का रूप दिखाकर
जग को न्याय का उचित
रास्ता दिखलाती है नारी
 
नारी तो बस नारी है
नारी तो बस नारी है।

International Womens Day

ALSO READ: महिला दिवस पर कविता: पीड़ा सहकर भी मुस्कुराती

ALSO READ: महिला दिवस पर कविता : नारी तुम स्वतंत्र हो

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

जरुर पढ़ें

अंधेरे में जलती एक अटूट लौ: माता गांधारी देवी का जीवन दर्शन

सुर्ख़ फूल पलाश के...

गांधी महज सिद्धांत नहीं, सरल व्यवहार है

Vastu Remedies: वास्तु दोष निवारण के सबसे असरदार 5 उपाय

क्या डायबिटीज रोगी कीवी खा सकते हैं?, जानें 4 फायदे

सभी देखें

नवीनतम

हिन्दी कविता: सवर्ण हैं हम

पुस्तक विमोचन समाचार: शिक्षाविद स्व. कमला अग्रवालजी की जीवनी

Leprosy Eradication Day: कुष्ठ रोग निवारण दिवस: जानें कारण, लक्षण, प्रकार और रोकथाम

Hansens Disease: हैनसेन (कुष्ठ) रोग निवारण में क्या है आधुनिक दृष्टिकोण

गांधी महज सिद्धांत नहीं, सरल व्यवहार है

अगला लेख