khatu shyam baba

डिस्को बार, शराब और साइकिल चलाती औरतों वाला लाहौर

Webdunia
सोमवार, 30 अप्रैल 2018 (08:42 IST)
- आमना मुफ़्ती (लेखिका और स्तंभकार)
 
लाहौर शहर ने पिछले 70 सालों में समाज के लिहाज़ से बहुत कलाबाज़ियां खाई हैं। 50 के दशक में लाहौर की सड़कों पर औरतें साइकिल चलाती थीं और राहगीर उन्हें घूर-घूरकर नहीं देखते थे।
 
बार और डिस्को हुआ करते थे। शराब भी ग़ैर-क़ानूनी नहीं बनी थी। घरों में ड्राइंग रूम भी थे, औरतों और मर्दों के कमरे अलग-अलग होते थे। ऐसे कार्यक्रम आयोजित होते थे जिसमें महिला-पुरुष साथ आ सकते थे और विशुद्ध रूप से महिलाओं के लिए मीना बाज़ार भी होते थे।
 
शाम को क्लब जाना, टेनिस और तंबोला खेलना बहुत से घरों में सामान्य था। रेडियो बजाना, गाना सुनना, गीत गाना, ताश, लूडो, कैरम खेलना और बाज़ियां जमाना आम शौक थे।
 
साड़ी बांधना केवल किसी शादी के लिए नहीं होता था, बल्कि बहुत-सी महिलाओं का यह रोज़मर्रा का पहनावा था। पर्दे में रहने वाली महिलाएं साधारण मिस्री या टोपी बुर्क़ा ओढ़ती थीं।
 
सड़कों पर तांगे चलते थे और घोड़े सड़कों पर लीद करते जाते थे। हालांकि, बाद में सरकारी आदेश पर उन्हें एक बड़े से पायजामे पहना दिए गए लेकिन अगर कोई लीद से सड़क पर गिर जाता था तो उसे तुरंत टिटनेस का टीका लगवाने के लिए दौड़ लग जाती थी। घरों में कार चाहे हो या न हो, भैंस ज़रूर होती थी।
 
अधिकतर महिलाएं बाहर काम नहीं करती थीं, जो महिलाएं घरों में रहती थीं उनमें किसी भी तरह की हीनभावना नहीं थी और बाहर काम करने वाली महिलाओं को किसी भी तरह का घमंड नहीं होता था।
 
पंजाब की सारी नदियां बहती थीं और रावी में बाढ़ भी आया करती थी।
 
सड़कों के किनारे आम और जामुन के पेड़ होते थे। लोगों में एक अजीब-सा देशभक्ति का जज़्बा देखने को मिलता था और अक्सर बिना कोई कारण पाकिस्तान ज़िंदाबाद के नारे लगाए जाते थे।
 
स्कूटर पर पूरा कुनबा
मोटरसाइकिल मुश्किल से ही नज़र आती थी और स्कूटर होते थे जिन पर पूरा कुनबा सवार होकर घूमता था। बसों के साथ कार भी नज़र आती थी। यथार्थवाद और लघु कला फल-फूल रही थी।
 
साहित्य और लेखक जीवित थे, टी हाऊस और बेकरी की रौनकें तब कम नहीं पड़ी थीं। सचमुच के लेखक और शायर शहर की सड़कों पर चलते फिरते नज़र आ जाते थे, उनसे बात की जा सकती थी, मिला जा सकता था।
 
सूबे ख़ान, बरकत अली, बॉम्बे क्लॉथ हाऊस की पहचान थी। घरों में सर्दी आने का पता ऊन की बुनाई से पता चलता था। घरों में दो दिन छोड़कर मांस बनता था और कुछ गिने-चुने पकवानों के अलावा कुछ दावत वाले पकवान हुआ करते थे।
 
फिर जैसे किसी जादुई हाथ ने हमारे सामाजिक ढांचे की पसलियां बड़ी ख़ामोशी से घसीट लीं और सारी इमारत एक पिलपिले ढेर की तरह अपने ही क़दमों में गिर गई।
 
साइकिल छोड़िए, गाड़ी चलाने वाली महिलाओं को इतनी हैरत से देर तक आंखें फाड़कर देखा जाता है कि बार-बार साफ़ करने के बावजूद गाड़ी का शीशा चिपचिपा जाता है।
 
बुर्क़े में तब्दीली आई है जिसने हिजाब और गाऊन की शक्ल ले ली है। इनसे झांकते गोल-मटोल चेहरों और काजल से सजी आंखों को देखकर देखते ही रहने का दिल चाहता है।
 
दर्ज़ियों का काम अब भी चल रहा है लेकिन असली काम डिज़ाइनर का है जो जब चाहता है दामन को ग़िरेबान से मिला देता है।
 
इसी लाहौर में जहां अनारकली में किसी राह चलते आदमी के स्वेटर का नमूना देखकर हमारी एक दोस्त ने वहीं से ऊन-सिलाइयां ख़रीदीं और उन साहब का पीछा करते-करते नमूना उतार लिया। अब इसी लाहौर में कोई हाथ के बुने हुए स्वेटर नहीं पहनता और किसी को बुनाई का डिज़ाइन डालना नहीं आता।
 
कई पकवान हैं, कितने ही चैनल दिन-रात औरतों को खाना पकाना सिखा रहे हैं। डिलीवरी बॉय घर-घर पका हुआ खाना पहुंचा रहे हैं लेकिन खाने में कहीं ज़ायका नहीं है।
 
भैंस शहर से ग़ायब हो गई हैं, रावी नदी सूख चुकी है। घोड़े अब रेस कोर्स और क्योलरी ग्राउंड में नज़र आते हैं।
 
लाहौर की शाम में अब भी मोतिया और रात की रानी की ख़ुशबू होती है लेकिन एक बात हम भूले बैठे हैं कि लाहौर का भू-जलस्तर तेज़ी से ख़त्म हो रहा है।
 
सोचिए पानी के बग़ैर लाहौर कैसा होगा?

सम्बंधित जानकारी

Show comments

जरूर पढ़ें

IRIS Dena : हिन्द महासागर में फंसे नाविकों की तलाश में जुटी Indian Navy, श्रीलंका के साथ चलाया सर्च ऑपरेशन

Ali Khamenei के बेटे Mojtaba Khamenei क्या नपुंसक थे, WikiLeaks की रिपोर्ट में बड़ा खुलासा

5 दिन बाद अयातुल्लाह खामेनेई की मौत पर भारत ने जताया शोक, विदेश सचिव ने श्रद्धांजलि रजिस्टर पर किए हस्ताक्षर

Hormuz Strait पर ईरान ने दी बड़ी खुशखबरी, चीन के लिए खोला रास्ता, क्या भारत को भी होगा फायदा

Iran War 2026 : ईरान- इजराइल कैसे बने एक-दूसरे के दुश्मन, कभी हुआ करते थे जिगरी दोस्त

सभी देखें

मोबाइल मेनिया

Samsung ने लॉन्च की Galaxy S26 सीरीज, जानिए क्या हैं खूबियां

Samsung Galaxy S26 Ultra vs S25 Ultra vs iPhone 17 Pro Max : कीमत से कैमरा तक जानें कौन है सबसे दमदार फ्लैगशिप?

Samsung Galaxy S26 Ultra Launch : आईफोन की छुट्टी करने आया सैमसंग का नया 'बाहुबली' फोन

iQOO 15R भारत में लॉन्च, 7,600mAh की तगड़ी बैटरी और Snapdragon 8 Gen 5 प्रोसेसर, जानें कीमत और फीचर्स

Google Pixel 10a के लॉन्च होते ही Pixel 9a की कीमतों में भारी गिरावट, अब बेहद कम दाम में खरीदने का मौका

अगला लेख