rashifal-2026

मुख्यमंत्री रमन सिंह ने जताया जीत का भरोसा, राहुल के वादे का चुनावों पर नहीं पड़ेगा असर

Webdunia
मंगलवार, 6 नवंबर 2018 (17:39 IST)
रायपुर। चौथी बार छत्तीसगढ़ का मुख्यमंत्री चुने जाने का भरोसा जता रहे रमन सिंह ने कहा है कि अगले साल होने वाले लोकसभा चुनावों पर राज्य विधानसभा चुनाव का कुछ असर पड़ सकता है, लेकिन इसे केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के लिए किसी जनमत संग्रह के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।


पिछले 15 साल से छत्तीसगढ़ की सत्ता पर काबिज सिंह ने इन संभावनाओं को खारिज किया कि राज्य में कृषि कर्ज माफी के कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के वादे का आगामी विधानसभा चुनावों पर कोई असर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि यहां किसानों को पहले ही शून्य ब्याज दर पर कर्ज दिया गया है।

अस्सी के दशक में राजनीति में आने से पहले आयुर्वेदिक डॉक्टर रहे 66 वर्षीय सिंह ने एक साक्षात्कार में कहा कि उनकी सरकार ने कृषि के क्षेत्र में जो काम किया है उसके और सार्वजनिक वितरण प्रणाली के प्रभावी क्रियान्वयन के चलते राज्य में सत्ता के पक्ष में लहर है।

विपक्षी पार्टियों का कहना है कि लगातार तीसरा कार्यकाल पूरा कर रहे सिंह के खिलाफ जोरदार सत्ता विरोधी लहर है। छत्तीसगढ़ में दो चरणों में मतदान होगा। 12 नवंबर को पहले चरण में छत्तीसगढ़ विधानसभा की 18 सीटों पर मतदान होगा जिनमें सिंह का राजनांदगांव निर्वाचन क्षेत्र भी शामिल है जबकि राज्य में शेष 72 सीटों पर 20 नवंबर को दूसरे चरण का मतदान होगा।

सभी 90 सीटों पर मतगणना 11 दिसंबर को होगी। उसी दिन चार अन्य राज्यों मध्य प्रदेश, तेलंगाना, राजस्थान और मिजोरम में भी मतगणना होगी। छत्तीसगढ़ में भाजपा और कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला है हालांकि राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी की पार्टी के बसपा के साथ गठबंधन ने मुकाबले को और दिलचस्प बना दिया है।

भाजपा की जीत पर भरोसा जताते हुए सिंह ने कहा कि राज्य के चुनावों का अगले साल के लोकसभा चुनाव पर थोड़ा असर पड़ सकता है। साथ ही उन्होंने कहा कि राज्य के चुनावों को मोदी सरकार के जनमत संग्रह के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।

सिंह लगातार चौथी बार राज्य में भाजपा की सरकार बनाने की दौड़ में हैं। कांग्रेस राज्य में केवल एक बार पहले विधानसभा चुनाव में सत्ता में रही जब छत्तीसगढ़ को मध्य प्रदेश से अलग करके राज्य बनाया गया था। नक्सली हिंसा को लेकर विपक्षी नेता अपनी चुनावी रैलियों में रमन सिंह सरकार पर सुरक्षा के मोर्चे पर विफल रहने का आरोप लगा रहे हैं।

सिंह ने कहा कि बस्तर क्षेत्र में नक्सलियों के लिए गुस्सा अब भी है और अगर वह फिर से सत्ता में आते हैं तो क्षेत्र में शांति सुनिश्चित करना उनकी प्राथमिकता होगी। पूरे नक्सल प्रभावित क्षेत्र में पहले चरण में मतदान होगा, जिसमें सिंह का गढ़ माने जाने वाला राजनांदगांव निर्वाचन क्षेत्र भी आता है। सिंह ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी की मौजूदगी ने राज्य के चुनाव को इस बार त्रिकोणीय मुकाबला बना दिया है, लेकिन उनकी चुनौती पिछली बार जितनी मुश्किल नहीं है। (भाषा)

सम्बंधित जानकारी

Show comments

जरूर पढ़ें

IPAC ऑफिस पर ED की रेड से गर्माई पश्चिम बंगाल की सियासत, फाइल उठा ले गईं ममता बनर्जी, अब किया विरोध मार्च का ऐलान

Turkman Gate : अफवाह, पत्थरबाजी और साजिश, तुर्कमान गेट हिंसा को लेकर दिल्ली पुलिस के चौंकाने वाले खुलासे

E-Passport भारत में लॉन्च, कौन कर सकता है एप्लाई, कितनी है फीस, कैसे होती है प्रोसेस, किन डॉक्टूमेंट्‍स की जरूरत, क्या है फायदा, सारे सवालों के जवाब

नहीं जानते कब वह रेप कर दे, तो क्या सभी पुरुषों को जेल में डाल दें

ट्रंप की ग्रीनलैंड 'कब्जे' की धमकी से NATO में हड़कंप: क्या टूटने की कगार पर है सैन्य गठबंधन?

सभी देखें

नवीनतम

MP के 799 स्कूलों का चयन PM Shri Scheme में, बनेंगे आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा केंद्र

CM डॉ. यादव ने असम में किया सुआलकुची का दौरा, रेशम उत्पादन की प्रक्रिया को करीब से देखा

असम से MP आएंगे 50 जंगली भैंसे, गैंडे का जोड़ा और कोबरा, बदले में भेजे जाएंगे रॉयल बंगाल टाइगर और 6 मगरमच्छ

IPAC ऑफिस पर ED की रेड से गर्माई पश्चिम बंगाल की सियासत, फाइल उठा ले गईं ममता बनर्जी, अब किया विरोध मार्च का ऐलान

मेरठ में दबंगों ने युवती को अगवा किया, विरोध करने पर मां को चाकू मारा

अगला लेख