Hanuman Chalisa

महामारी के कारण 2020 में वैश्विक कार्बन डाई ऑक्साइड उत्सर्जन में 7 फीसदी की कमी आई

Webdunia
शुक्रवार, 11 दिसंबर 2020 (18:04 IST)
वॉशिंगटन। कोरोनावायरस के कारण लगाए गए लॉकडाउन की वजह से इस साल कार्बन डाई ऑक्साइड के वैश्विक उत्सर्जन में 7 फीसदी तक की कमी आई है, जो अब तक सबसे ज्यादा है।

जर्नल 'अर्थ सिस्टम साइंस डेटा' में गुरुवार को प्रकाशित अध्ययन के मुताबिक उत्सर्जन पर नजर रखने वाले 1 दर्जन वैज्ञानिकों के आधिकारिक समूह 'ग्लोबल कार्बन प्रोजेक्ट' ने गणना की है कि 2020 में विश्व में 34 अरब मीट्रिक टन कार्बन डाई ऑक्साइड का हवा में उत्सर्जन होगा। यह 2019 की तुलना में कम है जब 36.4 अरब मीट्रिक टन कार्बन डाई ऑक्साइड का हवा उत्सर्जन हुआ। वैज्ञानिकों ने कहा कि इसके कम होने की मुख्य तौर पर वजह यह रही कि लोग घरों में रहे, कार और विमान से कम यात्राएं की।
ALSO READ: मेघालय के मुख्यमंत्री कोरोनावायरस से संक्रमित, क्वारंटाइन में गए
उन्होंने आशंका व्यक्त की कि महामारी के खत्म होने के बाद कार्बन डाई ऑक्साइड का उत्सर्जन बढ़ेगा। भूमि परिवहन से कार्बन डाई ऑक्साइड के उत्सर्जन का लगभग 5वां हिस्सा बनाता है। 'ईस्ट एंजलिया' विश्वविद्यालय में जलवायु वैज्ञानिक कोरिन लेक्वेरे ने बताया कि जलवायु परिवर्तन से निपटने का रास्ता लॉकडाउन कतई नहीं है। कुछ महीने पहले इसी समूह के वैज्ञानिकों ने पूर्वानुमान जताया था कि उत्सर्जन में 4 से 7 फीसदी की कमी आ सकती है और यह कोविड-19 महामारी पर निर्भर करता है।
ALSO READ: किसान आंदोलन पर बढ़ा कोरोना का खतरा, 2 IPS कोरोना संक्रमित
लेक्वेरे ने कहा कि कोरोनावायरस की दूसरी लहर और यात्रा प्रतिबंध की वजह से उत्सर्जन में 7 फीसदी तक की गिरावट दर्ज की गई है। अमेरिका में उत्सर्जन में 12 प्रतिशत की कमी आई है जबकि यूरोप में 11 फीसदी की कमी आई है, मगर चीन में उत्सर्जन में 1.7 प्रतिशत की गिरावट देखी गई। इसकी वजह यह है कि चीन में लॉकडाउन पहले लगाया गया था और वहां पर दूसरी लहर कम देखी गई।
 
क्वेरे ने बताया कि चीन का उत्सर्जन उद्योग पर अधिक आधारित है और उसका उद्योग परिवहन की तुलना में कम प्रभावित हुआ है। यह गणना ऊर्जा के इस्तेमाल एवं औद्योगिक उत्पाद आदि के आधार पर की गई है।बहरहाल, 2020 में विश्व ने औसतन हर दूसरे सेकंड में 1,075 मीट्रिक टन कार्बन डाई ऑक्साइड हवा में छोड़ी है। (भाषा)

सम्बंधित जानकारी

Show comments

जरूर पढ़ें

जब तक जवाबदेही तय नहीं होगी, असल समस्या हल नहीं होगी, NEET paper leak पर सुप्रीम कोर्ट सख्त

भारत में इलेक्ट्रिक स्कूटी की कीमत कैसे तय होती है, खरीदते समय किन बातों का रखें ध्यान? कीमत के अलावा ये फैक्टर्स भी हैं बेहद जरूरी

रूस-तालिबान डिफेंस डील से उड़े पाकिस्तान के होश, भारत के लिए क्या हैं इसके कूटनीतिक मायने?

ईरान का दावा- 'बुशहर में गिराया अमेरिकी विमान', भड़का अमेरिका; क्या खटाई में पड़ेगा 60 दिनों का युद्धविराम?

राहुल गांधी ने बिछाई 2029 की बिसात: क्‍या कांग्रेस अब ‘हाईकमान मॉडल’ छोड़ क्षेत्रीय चेहरों पर लगाएगी दांव?

सभी देखें

नवीनतम

New Rule : 1 जून से बदल जाएंगे पैसे, टैक्स, UPI और बैंकिंग के नियम, आपकी जेब पर पड़ेगा सीधा असर

लखनऊ में बनेगी देशभक्ति की नई पहचान, राजनाथ सिंह और योगी करेंगे ‘नौसेना शौर्य वाटिका’ का लोकार्पण

NDA सरकार के 12 साल पूरे होने पर यूपी में 21 जून तक चलेगा बड़ा जनसंपर्क अभियान, हर विधानसभा में निकलेगी ‘प्रगति पथ यात्रा’

यूपी के 1.40 लाख स्कूलों का होगा सुरक्षा ऑडिट, छात्रों की सुरक्षा के लिए सरकार की बड़ी पहल

वनतारा फिर कोर्ट टेस्ट में पास, सुप्रीम कोर्ट ने नई अर्जी खारिज की, जानवरों के ट्रांसफर को बताया वैध

अगला लेख