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राजकोट को बड़ी सौगात: 74 करोड़ की लागत से नया सांधियापुल बनकर तैयार, हर दिन 1 लाख वाहन चालकों का समय और ईंधन बचेगा

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rajkot sandhiya bridge
राजकोट शहर से जामनगर और द्वारका की तरफ जाने वाले वाहन चालकों के लिए बहुत बड़ी राहत की खबर आई है। पुराने एयरपोर्ट के पास पिछले दो साल से चल रहा रेलवे ओवरब्रिज (सांधियापुल) का निर्माण कार्य अब पूरी तरह संपन्न हो चुका है और इसे जल्द ही आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा। इस अत्याधुनिक ब्रिज के शुरू होते ही रोजाना करीब 1 लाख वाहन चालकों को ट्रैफिक की झंझट से मुक्ति मिलेगी और उनके समय व ईंधन की बड़ी बचत होगी।
 

46 साल पुराने जर्जर पुल की जगह नया नजराना

राजकोट-जामनगर रोड पर स्थित 46 साल पुराना सांधिया पुल बेहद जर्जर हो चुका था, जिसके कारण इसके स्थान पर नया फोरलेन ब्रिज बनाने का निर्णय लिया गया था। लगभग ₹74.32 करोड़ की लागत से तैयार इस फ्लाईओवर ब्रिज की चौड़ाई 16.40 मीटर और लंबाई 602 मीटर है। इस नए ब्रिज में कुल 21 स्पान बनाए गए हैं, जिसमें सेंट्रल स्पान की लंबाई 36 मीटर रखी गई है। इसके अलावा बारिश के मौसम में पानी की सुचारू निकासी के लिए विशेष रूप से दो आर.सी.सी. बॉक्स कलवर्ट की व्यवस्था भी की गई है।
 

दो साल की परेशानी का अंत, दूरी रह जाएगी आधी

पिछले दो वर्षों से इस ब्रिज का काम चलने के कारण राजकोट बसपोर्ट या त्रिकोणबाग से जामनगर की तरफ जाने वाली एसटी बसों और अन्य वाहनों को शहर के अंदर से लंबा चक्कर लगाना पड़ता था। वाहन चालकों को किसानपरा, रैय्या रोड और 150 फीट रिंग रोड से होकर माधापर चौकड़ी पहुंचने के लिए 10 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती थी, जिसमें लगभग 30 मिनट का समय बर्बाद होता था। अब इस ब्रिज के शुरू होने से यह दूरी घटकर मात्र 5 किलोमीटर रह जाएगी और मुसाफिर सिर्फ 15 मिनट में माधापर चौकड़ी पहुंच सकेंगे।
 

शहर के भीतरी इलाकों को ट्रैफिक जाम से मिलेगी मुक्ति

ब्रिज बंद होने की वजह से एसटी बसें और भारी वाहन कालावड रोड और रैय्या रोड जैसे शहर के मुख्य आंतरिक रास्तों से गुजरते थे, जिससे शहर के भीतर भारी ट्रैफिक जाम की समस्या पैदा होती थी। अब फोरलेन ब्रिज चालू होने से ये सभी भारी वाहन दोबारा इसी हाईवे पर डायवर्ट हो जाएंगे। इससे हॉस्पिटल चौक, रेलनगर, बजरंगवाड़ी, शीतलपार्क, माधापर और मोरबी रोड की तरफ रहने वाले लाखों स्थानीय लोगों को रोज-रोज के ट्रैफिक से हमेशा के लिए छुटकारा मिल जाएगा।
 

एम्स (AIIMS) अस्पताल पहुंचना होगा बेहद आसान

यह ओवरब्रिज न केवल जामनगर, द्वारका, मोरबी या कच्छ जाने वाले यात्रियों के लिए, बल्कि स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए भी वरदान साबित होगा। गुजरात के पहले एम्स (AIIMS) अस्पताल को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग यही ब्रिज है, जिससे पहले मरीजों को लाने-ले जाने में जो समय बर्बाद होता था, वह अब नहीं होगा। इमरजेंसी के समय मरीजों को तुरंत इलाज दिलाने के लिए यह नया सांधियापुल बेहद मददगार और जीवन रक्षक साबित होने वाला है।

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