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Indian Air Force Day 2025: भारतीय वायु सेना की स्थापना कब हुई थी? जानें इस दिन की खास 5 अनसुनी बातें

WD Feature Desk
बुधवार, 8 अक्टूबर 2025 (10:55 IST)
Air Force Day 8 October: हर साल 8 अक्टूबर का दिन भारत के शौर्य और पराक्रम का साक्षी होता है, जब पूरा देश भारतीय वायु सेना दिवस (IAF Day) मनाता है। 8 अक्टूबर 1932 को स्थापित, भारतीय वायु सेना आज दुनिया की चौथी सबसे बड़ी और सबसे शक्तिशाली वायु सेना है।

यह दिन न केवल IAF की स्थापना की याद दिलाता है, बल्कि उन वीर वायु योद्धाओं के साहस, निस्वार्थ सेवा और सर्वोच्च बलिदान को भी श्रद्धांजलि देता है, जो 'नभः स्पृशं दीप्तम्' (गौरव के साथ आकाश को छूना) के आदर्श वाक्य को साकार करते हैं। इस विशेष अवसर पर, हम IAF के इतिहास, उसके गौरवशाली ऑपरेशनों और देश की सुरक्षा में उसके अमूल्य योगदान को याद करते हैं। आइए भारतीय वायु सेना के बारे में 5 खास बातें यहां जानते हैं...ALSO READ: Guru Ram Das Jayanti 2025: चौथे सिख गुरु, गुरु रामदास जी की जयंती, जानें उनके बारे में रोचक बातें
 
भारतीय वायु सेना (IAF) साहस, शक्ति और गौरव का प्रतीक है। यहां इसके इतिहास और महत्व से जुड़ी 5 रोचक बातें दी गई हैं:
 
1. 'रॉयल इंडियन एयरफोर्स: 'रॉयल' उपाधि और उसका हटना: स्थापना के समय भारतीय वायु सेना को 'रॉयल इंडियन एयरफोर्स' (Royal Indian Air Force - RIAF) के नाम से जाना जाता था। द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान बर्मा में जापानियों के खिलाफ उत्कृष्ट प्रदर्शन के सम्मान में, 1945 में किंग जॉर्ज VI द्वारा इसके नाम में 'रॉयल' शब्द जोड़ा गया था। लेकिन भारत के गणतंत्र बनने के बाद, 1950 में इसके नाम से 'रॉयल' (Royal) शब्द हटा दिया गया और यह भारतीय वायु सेना (Indian Air Force - IAF) बन गई।
 
2. भगवत गीता से प्रेरित आदर्श वाक्य: भारतीय वायु सेना का आदर्श वाक्य (Motto) 'नभः स्पृशं दीप्तम्' है, जिसका अर्थ है 'गौरव के साथ आकाश को छूना'। यह ध्येय वाक्य हिंदू धर्म के पवित्र ग्रंथ भगवत गीता के ग्यारहवें अध्याय से लिया गया है। यह वह अंश है जब भगवान कृष्ण, अर्जुन को अपना विराट रूप दिखाते हैं।
 
3. दुनिया की चौथी सबसे बड़ी वायु सेना: भारतीय वायु सेना को उसकी ताकत, कर्मियों की संख्या और विमानों के बेड़े के मामले में दुनिया की सबसे बड़ी वायु सेनाओं में गिना जाता है। वर्तमान में, भारतीय वायु सेना दुनिया की चौथी सबसे बड़ी सक्रिय वायु सेना है (संयुक्त राज्य अमेरिका, रूस और चीन के बाद)। आज IAF के पास अत्याधुनिक फाइटर जेट्स जैसे राफेल, सुखोई-30MKI, मिराज-2000, और कई हेलिकॉप्टर, ड्रोन्स और मिसाइल सिस्टम हैं।
 
4. दुनिया की सबसे ऊंची हवाई पट्टी: भारतीय वायु सेना ने चरम भौगोलिक परिस्थितियों में भी अपनी परिचालन क्षमता का लोहा मनवाया है। भारतीय वायु सेना के पास दुनिया की सबसे ऊंची ऑपरेशनल हवाई पट्टी है। यह लद्दाख में दौलत बेग ओल्डी (DBO) में स्थित है। यह हवाई पट्टी समुद्र तल से लगभग 16,614 फीट की ऊंचाई पर स्थित है, जो इसे सामरिक (Strategic) रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण बनाती है।
 
5. पहले भारतीय एयर चीफ: IAF को 'आर्मी' से 'आजाद' कर एक स्वतंत्र बल के रूप में संगठित करने का श्रेय ब्रिटिश एयर मार्शल सर थॉमस डब्ल्यू एल्महर्स्ट को जाता है, जो पहले कमांडर-इन-चीफ थे। भारतीय वायु सेना के पहले भारतीय चीफ ऑफ द एयर स्टाफ (CAS) एयर मार्शल सुब्रतो मुखर्जी थे। उन्हें इस पद की जिम्मेदारी 1954 में सौंपी गई थी।
 
महिला लड़ाकू पायलट: भारतीय वायु सेना ने 2016 में महिलाओं को लड़ाकू भूमिकाओं (Combat Roles) में शामिल करने वाली भारतीय सशस्त्र बलों की पहली शाखा बनकर इतिहास रचा। अवनी चतुर्वेदी, भावना कंठ और मोहना सिंह इसकी पहली महिला फाइटर पायलट बनीं। 
 
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