Dharma Sangrah

यह क्या कह दिया, बलात्कार एक राष्ट्रीय कर्तव्य है...

Webdunia
गुरुवार, 2 नवंबर 2017 (14:31 IST)
काहिरा। मिस्र की राष्ट्रीय महिला अधिकार समिति ने देश के महाभियोक्ता से टीवी पर एक प्रसारित बयान की शिकायत  करने का फैसला किया है। इस बयान के बाद लोगों में रोष फैल गया है। एक विवादास्पद बयान में एक वकील ने कहा- 'फटी जींस पहनने वाली महिलाओं से बलात्कार करना एक राष्ट्रीय कर्तव्य है'। 
 
टीवी पर एक बहस के दौरान एक प्रतिभागी और पेशे से वकील ने कहा कि 'लड़कियों को अपनी इज्जत खुद रखनी  चाहिए। नैतिकता की रक्षा देश की सीमाओं की रक्षा से ज्यादा जरूरी है।' वकील नबी अल- वहाश का कहना था कि वे  यौन उत्पीड़न को निमंत्रण दे रही हैं।
 
विदित हो कि अल-वहाश अपने विवादास्पद बयानों के लिए कुख्‍यात हैं और उनके इस बयान ने देशव्यापी विवाद पैदा कर दिया है। यह बयान उसने अक्टूबर में दिया था जिसके चलते उसने देश के नारीवादियों और महिला ‍अधिकार संगठनों और कार्यकर्ताओं में खासी नाराजगी है। 
 
रविवार को जारी एक बयान में राष्ट्रीय महिला अधिकार समिति की प्रमुख माया मोरसी ने नबी की तीखी आलोचना करते हुए कहा है कि यह 'बलात्कार के लिए खुला उकसावा' है और मिस्र के संविधान का प्रत्यक्ष उल्लंघन है। महिला परिषद अल-वहाश और एक चैनल के खिलाफ शिकायत दायर कर रही है। यह जानकारी दैनिक अल वतन में प्रकाशित की गई है। 
 

सम्बंधित जानकारी

कंपनियों से स्मार्टफोन का 'सोर्स कोड' मांग सकती है सरकार, क्या इससे फोन महंगे होंगे या प्राइवेसी खत्म होगी, सामने आया बड़ा सच

AI की फ्री ट्रेनिंग देगी सरकार, YUVA AI FOR ALL का अश्विनी वैष्णव ने किया ऐलान

कौन है 'रहमान डकैत' और कैसे भोपाल के एक 'डेरे' से चलता था 14 राज्यों में लूट का काला साम्राज्य?

डिलीवरी बॉय पर केंद्र का बड़ा फैसला, अब 10 मिनट में Delivery बंद, सरकार ने हटाई समयसीमा

डॉग लवर्स पर बरसा सुप्रीम कोर्ट, क्या आपकी भावनाएं केवल कु्त्तों के लिए हैं

जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री रुबियो से फोन पर की बात, दोनों में इस बात पर बनी सहमति

LIVE: मकर संक्रांति और षटतिला एकादशी पर स्नान के लिए उमड़े श्रद्धालु

Loc पर 3 दिन में दूसरी बार दिखे पाकिस्तानी ड्रोन, सुरक्षाबलों ने चलाई गोलियां

वाहन स्क्रैपिंग में यूपी देश में नंबर वन, सर्वाधिक 94,094 वाहनों की स्क्रैपिंग

इंटिमेट पार्टनर वॉयलेंस: महिलाओं के खिलाफ बढ़ता अनदेखा अपराध

अगला लेख