shiv chalisa

बाल कविता : झूठ बोलने की सजा

प्रभुदयाल श्रीवास्तव
बाघ आ गया, बाघ आ गया,
कहकर चरवाहा चिल्लाया।
 
आए गांव के लोग वहां तो,
बाघ किसी ने वहां न पाया।
 
झूठ बोलकर चरवाहे ने, 
बार-बार विश्वास गंवाया।
 
किंतु बाघ जब सच में आया,
तो कोई बचाने उसे न आया।
 
झूठ बोलने वालों का तो,
हाल यही है होता आया।
 
दुनिया वालों को ऐसा यह,
काम कभी बिलकुल न भाया। 

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

जरुर पढ़ें

गर्मियों में आइस एप्पल खाने के फायदे, जानें क्यों कहलाता है सुपरफ्रूट

आम का रस और कैरी पना, दोनों साथ में पीने से क्या होता है?

गर्मी के दिनों में फैशन में हैं यह कपड़े, आप भी ट्राय करना ना भूलें

क्या गर्मियों में आइसक्रीम खाना बढ़ा सकता है अस्थमा का खतरा?

कैंसर शरीर में कैसे फैलता है? जर्मन रिसर्च टीम ने किया नया खुलासा

सभी देखें

नवीनतम

चैत्र नवरात्रि, गुड़ीपड़वा और चेटीचंड पर्व पर बेहतरीन हिन्दी निबंध

Gas-free vegetarian dishes: LPG गैस के बिना बनने वाले 20 शाकाहारी व्यंजन

गैस सिलेंडर खत्म होने का डर छू मंतर! बिना LPG गैस के भी पक सकता है खाना, ये 7 तरीके हैं सबसे बेस्ट

Rani Avanti Bai Lodhi: 20 मार्च, रानी अवंति बाई बलिदान दिवस, जानें 5 खास बातें

घर में यदि गैस और इंडक्शन दोनों नहीं है, तो इन 5 आसान तरीकों से फटाफट पकेगा खाना

अगला लेख