Dharma Sangrah

विदेशी मुद्रा भंडार 79.5 करोड़ डॉलर घटकर 392.78 अरब डॉलर

Webdunia
शुक्रवार, 30 नवंबर 2018 (22:19 IST)
मुंबई। भारतीय रिजर्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार विदेशी मुद्रा आस्तियों में गिरावट आने के कारण 23 नवंबर को समाप्त सप्ताह के दौरान देश का विदेशी मुद्रा भंडार 79.5 करोड़ डॉलर घटकर 392.785 अरब डॉलर रह गया। इससे पूर्व के सप्ताह में देश का विदेशी मुद्रा भंडार 56.89 करोड़ डॉलर बढ़कर 393.580 अरब डॉलर हो गया था।
 
 
रिजर्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार समीक्षाधीन सप्ताह में कुल मुद्रा भंडार का महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जाने वाली विदेशी मुद्रा आस्तियां 84.1 करोड़ डॉलर घटकर 367.699 अरब डॉलर रह गईं। डॉलर में अभिव्यक्त किए जाने वाली विदेशी मुद्रा आस्तियां अपने साथ मुद्रा भंडार में रखे यूरो, पाउंड और येन जैसी गैरअमेरिकी मुद्राओं की मूल्यवृद्धि अथवा मूल्यह्रास के प्रभावों को शामिल करती हैं।
 
इससे पूर्व 13 अप्रैल 2018 को विदेशी मुद्रा भंडार 426.028 अरब डॉलर की रिकॉर्ड ऊंचाई को छू गया था। उसके बाद से विदेशी मुद्रा भंडार में गिरावट का रुख रहा है और अब इसमें करीब 31 अरब डॉलर की कमी है।
 
आंकड़े बताते हैं कि स्वर्ण आरक्षित भंडार 3.66 करोड़ डॉलर बढ़कर 20.998 अरब डॉलर हो गया। अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (आईएमएफ) में विशेष निकासी अधिकार 35 लाख डॉलर बढ़कर 1.457 अरब डॉलर हो गया। रिजर्व बैंक ने कहा कि आईएमएफ में देश का मुद्रा भंडार भी 62 लाख डॉलर बढ़कर 2.630 अरब डॉलर हो गया।

सम्बंधित जानकारी

Show comments

जरूर पढ़ें

IRIS Dena : हिन्द महासागर में फंसे नाविकों की तलाश में जुटी Indian Navy, श्रीलंका के साथ चलाया सर्च ऑपरेशन

Ali Khamenei के बेटे Mojtaba Khamenei क्या नपुंसक थे, WikiLeaks की रिपोर्ट में बड़ा खुलासा

5 दिन बाद अयातुल्लाह खामेनेई की मौत पर भारत ने जताया शोक, विदेश सचिव ने श्रद्धांजलि रजिस्टर पर किए हस्ताक्षर

Hormuz Strait पर ईरान ने दी बड़ी खुशखबरी, चीन के लिए खोला रास्ता, क्या भारत को भी होगा फायदा

Iran War 2026 : ईरान- इजराइल कैसे बने एक-दूसरे के दुश्मन, कभी हुआ करते थे जिगरी दोस्त

सभी देखें

नवीनतम

महाराष्ट्र, बिहार , बंगाल के राज्यपाल बदले, दिल्ली में भी नए LG

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन का सुखद परिणाम पचमढ़ी को ग्रीन डेस्टिनेशन ब्रॉन्ज' सर्टिफिकेट

गेहूं उपार्जन प्रक्रिया में किसानों को न आए किसी भी तरह की परेशानी: मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव

जल गंगा संवर्धन अभियान विकास का आधार और भावी पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित रखने का प्रयास : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

इंदौर में नहीं होगा बजरबट्‌टू सम्मेलन, सामने आई बड़ी वजह

अगला लेख